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आंगनबाड़ी ने किया मतदान बहिष्कार-Cordination
Updated Mon, 27 Nov 2017 01:34 AM IST
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कहीं नाम कटे थे तो कहीं नहीं मिली पर्ची
गाजियाबाद। कंट्रोल रूम में शिकायतों का सिलसिला रविवार को भी सुबह सात बजे से ही जारी रहा। हर कोई अपने नाम काटे जाने और पर्ची न मिलने की शिकायत कंट्रोल रूम में कर रहे थे। पोल प्रतिशत की रिपोर्ट लेने में मशगूल अधिकारी कर्मचारी बार-बार शिकायती कॉल आने से परेशान थे। वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने की शिकायतें ज्यादा थीं। किसी की पत्नी का नाम काट दिया गया था तो किसी के पति का। वोटर लिस्ट में नाम काटे जाने का गुस्सा जमकर कंट्रोल रूम में उतारा गया। ब्यूरो
सूचना जुटाने में कंट्रोल रूम स्टाफ को करनी पड़ी मशक्कत
गाजियाबाद। विधानसभा के मुकाबले निकाय चुनाव में कंट्रोल रूम में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को रिपोर्ट लेने में पसीने छूट गए। किसी भी सेक्टर मजिस्ट्रेट ने खुद से एसएमएस और फोन कर रिपोर्ट देने की जहमत नहीं उठाई। कंट्रोल रूम में लगे स्टाफ को सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ही पीठासीन अधिकारियों से फोन कर खुद ही रिपोर्ट लेनी पड़ी। यहां तक कि रिपोर्ट देने में भी कई सेक्टर मजिस्ट्रेट आनाकानी कर रहे थे। कई ने तो लगातार बेल जाने के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया। बाद में सभी स्टाफ सीधे पी-1 और पी-2 को फोन कर ही सूचनाएं एकत्रित करने लगे। इसी का नतीजा रहा कि प्रत्येक दो घंटे की रिपोर्ट चौथे घंटे में कंपाइल हो रही थी।
न निभाई ड्यूटी न डाला वोट
600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने किया मतदान का बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद।
बेमियादी धरने पर चल रही आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने निकाय चुनाव का बहिष्कार किया। नगर क्षेत्र में करीब 600 आंगनबाड़ी हैं, जिन्होंने मतदान नहीं किया। प्रशासन की ओर से बार-बार एफआईआर कराने का नोटिस भी काम नहीं आया। चुनाव का बहिष्कार की जिद पर अड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रविवार को भी पूरे दिन जिला मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठी रहीं। नगर क्षेत्र की करीब 600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं, जिन्होंने मतदान का बहिष्कार किया।
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गाजियाबाद। कंट्रोल रूम में शिकायतों का सिलसिला रविवार को भी सुबह सात बजे से ही जारी रहा। हर कोई अपने नाम काटे जाने और पर्ची न मिलने की शिकायत कंट्रोल रूम में कर रहे थे। पोल प्रतिशत की रिपोर्ट लेने में मशगूल अधिकारी कर्मचारी बार-बार शिकायती कॉल आने से परेशान थे। वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने की शिकायतें ज्यादा थीं। किसी की पत्नी का नाम काट दिया गया था तो किसी के पति का। वोटर लिस्ट में नाम काटे जाने का गुस्सा जमकर कंट्रोल रूम में उतारा गया। ब्यूरो
सूचना जुटाने में कंट्रोल रूम स्टाफ को करनी पड़ी मशक्कत
गाजियाबाद। विधानसभा के मुकाबले निकाय चुनाव में कंट्रोल रूम में लगे अधिकारी-कर्मचारियों को रिपोर्ट लेने में पसीने छूट गए। किसी भी सेक्टर मजिस्ट्रेट ने खुद से एसएमएस और फोन कर रिपोर्ट देने की जहमत नहीं उठाई। कंट्रोल रूम में लगे स्टाफ को सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ ही पीठासीन अधिकारियों से फोन कर खुद ही रिपोर्ट लेनी पड़ी। यहां तक कि रिपोर्ट देने में भी कई सेक्टर मजिस्ट्रेट आनाकानी कर रहे थे। कई ने तो लगातार बेल जाने के बाद भी फोन रिसीव नहीं किया। बाद में सभी स्टाफ सीधे पी-1 और पी-2 को फोन कर ही सूचनाएं एकत्रित करने लगे। इसी का नतीजा रहा कि प्रत्येक दो घंटे की रिपोर्ट चौथे घंटे में कंपाइल हो रही थी।
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न निभाई ड्यूटी न डाला वोट
600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने किया मतदान का बहिष्कार
अमर उजाला ब्यूरो
गाजियाबाद।
बेमियादी धरने पर चल रही आंगनबाड़ी कर्मचारियों ने निकाय चुनाव का बहिष्कार किया। नगर क्षेत्र में करीब 600 आंगनबाड़ी हैं, जिन्होंने मतदान नहीं किया। प्रशासन की ओर से बार-बार एफआईआर कराने का नोटिस भी काम नहीं आया। चुनाव का बहिष्कार की जिद पर अड़ी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रविवार को भी पूरे दिन जिला मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठी रहीं। नगर क्षेत्र की करीब 600 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता थीं, जिन्होंने मतदान का बहिष्कार किया।
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