गाजियाबाद: आरटी पीसीआर जांच शुरू होने के दूसरे दिन ही लैब बंद
- सीएमओ ने कहा, लैब बंद होने की कराई जाएगी जांच
- जिले में जांच शुरू होने के बाद भी नोएडा व मेरठ पर रहेगी निर्भरता
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गाजियाबाद में आरटी-पीसीआर लैब रविवार को बंद रही। लैब का उद्धाटन 15 अगस्त को स्वास्थ्य राज्यमंत्री अतुल गर्ग ने अपना सैंपल देने के बाद फीता काटकर किया था। दूसरे दिन लैब बंद होने से जांच नहीं हो सकी। सीएमओ का कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में सभी तरह की छुट्टियां निरस्त हैं। लैब क्यों बंद रही, इसकी जांच की जाएगी।
हालांकि लैब शुरू होने के बावजूद अभी जांच के लिए नोएडा व मेरठ पर निर्भर रहना पड़ सकता है क्योंकि इस लैब में दो सौ सैंपल की जांच प्रतिदिन होगी जबकि एक दिन में आरटी-पीसीआर सैंपल पांच सौ से छह सौ तक लिए जा रहे हैं।
पुराने महिला अस्पताल में शुरू हुई आरटी-पीसीआर लैब में पहले दिन शनिवार को 40 सैंपल की जांच की गई, इसमें चार मरीजों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। रविवार को लैब बंद रही। इस लैब में प्रतिदिन 300 जांच हो सकती हैं, फिलहाल प्रतिदिन दो सौ जांच शुरू की जाएगी। इस बीच शासन ने आरटी-पीसीआर जांच को बढ़कर एक हजार से 1200 प्रतिदिन करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में बाकी सैंपल को नोएडा और मेरठ भेजना विभाग की मजबूरी होगी।
कोरोना संक्रमण काल में स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की सभी छुट्टियां रद कर दी गई हैं। ऐसे में जिले में बनी आरटी-पीसीआर लैब प्रतिदिन खुलेगी। रविवार को लैब क्यों नहीं खुली, इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही आईडीएसपी लैब को आरटी-पीसीआर लैब में प्रतिदिन कम से कम 200 सैंपल भेजने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. एनके गुप्ता, सीएमओ