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गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ के डीएम-एसएसपी तलब
संजय शिशौदिया/अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Sat, 20 Dec 2014 01:24 PM IST
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अवैध रूप से हो रहे पशुओं के कटान और इससे दूषित हो रहीं नदियां और भूजल को लेकर ग्रीन ट्रिब्युनल ने सख्त रवैया अपनाया है। ट्रिब्युनल ने गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ के डीएम-एसएसपी और नगर आयुक्तों को तलब करते हुए रिपोर्ट मांगी है।
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इसके साथ ही ट्रिब्युनल ने उत्तर प्रदेश पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर को भी तलब किया है। ग्रीन ट्रिब्युनल की इस कार्रवाई के बाद से तीनों जिलों के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
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हापुड़ निवासी कृष्णकांत हूण नामक व्यक्ति ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका डालकर हापुड़ में अवैध रूप से चल रहे स्लाटर हाउस का मुद्दा उठाया था।
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उनका कहना था कि अवैध रूप से जानवरों का कटान किए जाने के बाद उनके खून और अवशेष को नदियों में बहा दिया जाता है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को सुनवाई के लिए ग्रीन ट्रिब्युनल को ट्रांसफर कर दिया। अपनी शिकायत के साथ ही याचिकाकर्ता ने जानवरों के कटान और उनके नदियों में बहते हुए उनके अवशेष संबंधी फोटोग्राफ भी लगाए थे।
याचिकाकर्ता का कहना था कि इससे न केवल नदियां प्रदूषित हो रही हैं, बल्कि नदियों के किनारे बसे गांवों का भूजल भी पीने योग्य नहीं रह गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए ग्रीन ट्रिब्युनल ने गाजियाबाद, हापुड़ और मेरठ के डीएम, एसएसपी और नगर आयुक्तों को 23 दिसंबर को व्यक्तिगत रूप से तलब करते हुए पूरे मामले पर रिपोर्ट मांगी है।
ग्रीन ट्रिब्युनल के इस रवैये के बाद से पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। नदियों की सफाई और अवैध स्लाटर हाउसों के खिलाफ पूर्व में की कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार की जा रही है।