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मैं नहीं हम की सोच से विकसित होता है समाज - जनरल पीके सेहगल
Sun, 17 Nov 2019 05:25 PM IST
Avdhesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sun, 17 Nov 2019 05:25 PM IST
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general p k sehgal
- फोटो : a
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यूथ फॉर सेवा द्वारा आयोजित नवोदित उत्सव में दिल्ली के झुग्गियों से आए बच्चों ने अपने हुनर से जलवे बिखेर दिए। बच्चों ने अपने नृत्य, नाटक और अपने गीतों से लोगों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रक्षा विशेषज्ञ जेनरल पी के सेहगल ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि "ये बदलते भारत की तस्वीर है, जहां एक पीढ़ी दूसरी पीढ़ी को अपने कलात्मता के माध्यम से भारत को बदलने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा अब दुनियां मुट्ठी में है सिर्फ सोचना यह है कि अगर मुट्ठी खुली तो किस तरफ भारत के युवाओं को जाना है श्री सेहगल ने कहा कि भारतीय समाज न पहले स्वार्थी था न अब है। अब भारत अपनी तरक्की आप जैसे युवा वालियंटर में देख रहा है। आज मेरे लिए पहला मौका है कि मैं देख रहा हूं कि यूथ फॉर सेवा के पांच सौ वालियंटर ने एक महीनें तक झुग्गियों में जाकर दो हजार बच्चों को प्रक्षिक्षण दिया।
अर्थात आज ये युवा अपने लिए ही नहीं जीते दूसरों को हाथ बटाने में सहायक है। अगर मैं कहूंगा कि भारत "मैं से हम" की ओर बढ़ रहा है। तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। वहीं कॉलेज के प्राचार्या डॉ हरितमा चोपडा ने कहा कि समाज अपने स्वभावों में आशातीत परिवर्तन कर रहा है।
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उन्होंने कहा अब दुनियां मुट्ठी में है सिर्फ सोचना यह है कि अगर मुट्ठी खुली तो किस तरफ भारत के युवाओं को जाना है श्री सेहगल ने कहा कि भारतीय समाज न पहले स्वार्थी था न अब है। अब भारत अपनी तरक्की आप जैसे युवा वालियंटर में देख रहा है। आज मेरे लिए पहला मौका है कि मैं देख रहा हूं कि यूथ फॉर सेवा के पांच सौ वालियंटर ने एक महीनें तक झुग्गियों में जाकर दो हजार बच्चों को प्रक्षिक्षण दिया।
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अर्थात आज ये युवा अपने लिए ही नहीं जीते दूसरों को हाथ बटाने में सहायक है। अगर मैं कहूंगा कि भारत "मैं से हम" की ओर बढ़ रहा है। तो कोई बड़ी बात नहीं होगी। वहीं कॉलेज के प्राचार्या डॉ हरितमा चोपडा ने कहा कि समाज अपने स्वभावों में आशातीत परिवर्तन कर रहा है।
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