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50 हजार फर्जी सिम बेचने वाले गिरोह का खुलासा, 760 सिम, 40 फर्जी आईडी और 10 मोबाइल जब्त

Fri, 14 Aug 2020 11:19 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: प्राची प्रियम Updated Fri, 14 Aug 2020 11:19 PM IST
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Gang exposed for selling fake sim cards in Delhi NCR many arrested and sim id mobiles recovered
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

नई दिल्ली के उत्तर पश्चिम जिले की साइबर सेल व स्पेशल स्टाफ की टीम ने फर्जीवाड़ा कर असम से दिल्ली-एनसीआर में मोबाइल सिम सप्लाई करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। 

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पुलिस ने इस धंधे में शामिल गिरोह के सरगना असम निवासी उस्मान गोनी समेत मोबाइल विक्रेता विरेंद्र और उसके तीन एजेंट निशांत, गगन और प्रतिक को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पिछले डेढ़ वर्ष में दिल्ली-एनसीआर में 50 हजार से ज्यादा सिमकार्ड बेचने का दावा किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने 760 सिमकार्ड, 10 मोबाइल फोन, 40 फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए हैं। 
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उस्मान गोनी असम से सिम खरीदकर कोरियर से दिल्ली भेजता था। जिसे उसके एजेंट व्हॉट्सएप के जरिए फर्जी कॉल सेंटर, फर्जीवाड़ा करने वालों बदमाशों और साइबर अपराध करने वालों को बेचते थे। 
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शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए जिला पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि फर्जीवाड़े के मामले की जांच में लगातार फर्जी पते पर लिए गए सिमकार्ड के इस्तेमाल की बात सामने आ रही थी। जिसकी जांच की जिम्मेदारी साइबर सेल व स्पेशल स्टाफ को  दी गई थी। 

एसआई अरुण कुमार पीतमपुरा में फर्जी सिम बेचे जाने की जानकारी मिली।  निरीक्षक संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने वहां से विजय विहार निवासी विरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से 10 सिम मिले। 

उसके निशानदेही पर पुलिस ने विजय विहार स्थित घर पर छापा मारकर 700 सिम बरामद कर लिया। पूछताछ में विरेंद्र ने बताया कि वह हरियाणा के फतेहाबाद में मोबाइल की दुकान है। विरेंद्र ने पूछताछ में बताया कि वह डेढ़ साल से सिम की सप्लाई कर रहा है। 

अब तक वह दिल्ली-एनसीआर में करीब 50 हजार सिम बेच चुका है। विरेंद्र के मुताबिक ऐसे सिम का साइबर ठगी में इस्तेमाल कर फेंक दिया जाता है। विरेंद्र ने भी पेटीएम व अन्य मोबाइल वैलेट पर अपना अकाउंट बनाकर ठगी की। पुलिस ने उसके निशानदेही पर असम से उस्मान गोनी और दिल्ली से उसके तीन एजेंटों निशांत, गगन और प्रतीक को गिरफ्तार कर लिया। 

50 रुपये में खरीदकर 100 में बेचता था
पुलिस की पूछताछ में विरेंद्र ने बताया कि असम से उस्मान गोनी कोरियर से सिम भेजता है। जिसे वह 50 रुपये में खरीदता है और उसे एजेंटों के जरिये 100 रुपये में बेच देता है। 
एजेंट उसे अनाधिकृत कॉल सेंटर, फर्जीवाड़ा करने वालों और साइबर अपराध करने वालों को ऊंचे दाम में बेच देते थे। पुलिस ने उसके निशानदेही पर असम से उस्मान गोनी और दिल्ली से उसके तीन एजेंटों निशांत, गगन और प्रतीक को गिरफ्तार कर लिया। 

आम लोगों के पहचान पत्र से खरीदता था सिम कार्ड 
सरगना उस्मान गोनी असम के नौगांव का रहने वाला है। पांचवीं तक पढ़ाई करने के बाद वह चेन्नई और मुंबई में मछली के कारोबार में हाथ आजमाया। फिर वापस अपने गांव जाकर वहां के युवाओं को झांसा में लेकर उनका पहचान पत्र लेकर उनके पते पर सिम कार्ड खरीदकर उसे बेचने लगा। असम में दूसरे के नाम पर सीमकार्ड बेचने के बाद उसने दिल्ली व एनसीआर में सिम बेचना शुरू कर दिया। 

तीन आरोपी कॉल सेंटर में कर चुके हैं काम 
पुलिस जांच में पता चला कि निशांत, प्रतीक और गगन पहले कॉल सेंटर में काम कर चुके हैं। एक्सीडेंट होने के बाद निशांत बिस्तर पर ही रहता है। अन्य दोनों ने कॉल सेंटर का काम छोड़ने के बाद इस धंधे में हाथ आजमाया। 
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