फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   gandhi jayanti 2018: during partition gandhi ji stopped lakhs of people of nuh from going pakistan

गांधी जयंती 2018 : बंटवारे के समय महात्मा गांधी के आश्वासन के बाद पाकिस्तान नहीं गए यहां के लोग

Tue, 02 Oct 2018 11:34 AM IST
यूनुस अल्वी, अमर उजाला, पुन्हाना
यूनुस अल्वी, अमर उजाला, पुन्हाना Updated Tue, 02 Oct 2018 11:34 AM IST
विज्ञापन
gandhi jayanti 2018: during partition gandhi ji stopped lakhs of people of nuh from going pakistan
partition

देश के बंटवारे के समय जिले के मुसलमान जब पाकिस्तान जाने की तैयारी कर रहे थे, उस समय महात्मा गांधी और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पिता रणबीर सिंह ने उनको जान-माल की हिफाजत और मान-सम्मान दिए जाने का भरोसा दिया। इस आश्वासन के बाद लाखों मुसलमानों ने पाकिस्तान जाने का इरादा बदल दिया था। 

विज्ञापन


दुर्भाग्य से देश का बंटवारा भी हुआ। उस समय जिले के मुसलमानों को जबरदस्ती पाकिस्तान भेजा जा रहा था जबकि हरियाणा और राजस्थान के मुसलमान वहां जाने के लिए कतई राजी नहीं थे। उस समय हरियाणा के मेवात, गुरुग्राम और फरीदाबाद पर अंग्रेज सरकार और राजस्थान के अलवर, भरतपुर पर राजाओं का राज था।
विज्ञापन


जहां इस बटवारे से देश में खून-खराबा चल रहा था, वहीं राजस्थान का मेवात भी इससे अछूता नहीं था। ऐसे में वहां के लाखों मुसलमान यहां आ गए थे। इस पर स्वतंत्रता सेनानी अबदुल हई, राजस्थान के हिम्मत खां, यासीन खां आदि मुस्लिम नेताओं के साथ महात्मा गांधी से मिले और उन्हें मेवात आने का न्यौता दिया। लोगों के देश प्रेम को देखते हुए महात्मा गांधी 19 दिसंबर 1947 को जिले के गांव घासेड़ा पहुंचे। उनके साथ पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री गोपीचंद भार्गव, रणबीर सिंह हुड्डा आदि नेता रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

gandhi jayanti 2018: during partition gandhi ji stopped lakhs of people of nuh from going pakistan
भारत पाक बटवारा - फोटो : Self

इतिहासकार सद्दीक मेव ने बताया कि महात्मा गांधी ने घासेडा में लोगों के बीच अपना ऐतिहासिक भाषण दिया। उस समय गांधी जी ने कहा था कि आज मेरे कहने में वह शक्ति नहीं रही, जो पहले हुआ करती थी। अगर मेरे कहने में पहले जैसा प्रभाव होता, तो आज देश का एक भी मुसलमान भारत को छोड़कर जाने की जरूरत नहीं समझता और न ही किसी हिंदू व सिख को पाकिस्तान में अपना घर छोड़कर भारत में शरण लेने की जरूरत पड़ती।

उन्होंने अपने संबोधन में दुख प्रकट करते हुए कहा था कि यहां जो कुछ हो रहा है उसे सुनकर मेरा दिल भर जाता है। चारों ओर आगजनी, लूटपाट, कत्लेआम, जबरदस्ती, धर्मपरिवर्तन, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों को तोड़ना, यह सब कुछ केवल पागलपन है, इसे रोका नहीं गया, तो सभी जातियों का सर्वनाश हो जाएगा।

गांधी जी ने अपने भाषण में मुस्लिम प्रतिनिधियों द्वारा दिए गए शिकायत पत्र की प्रति लाखों लोगों को पढ़कर सुनाई और कहा कि उन्हें पूरा मान-सम्मान और सुरक्षा दिलाई जाएगी। अगर किसी सरकारी अधिकारी ने कोई अत्याचार किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

gandhi jayanti 2018: during partition gandhi ji stopped lakhs of people of nuh from going pakistan
भारत पाकिस्तान विभाजन - फोटो : SELF

उन्होंने कहा कि मेरे शब्द लोगों के दुख में थोड़ा ढांढस बंधा सकें, तो खुशी होगी। अलवर और भरतपुर की रियासतों से जबरदस्ती निकाले गए मुसलमानों पर दुख प्रकट किया। कहा कि भारत में एक समय आएगा, जब सारी नफरत जमीन में दफना दी जाएगी और फिर अमन-चैन से सभी समाज रह सकेंगे। उनके आश्वासन और विचारों का मुसलमानों पर इतना असर हुआ की उन्होंने पाकिस्तान जाने का अपना इरादा बदल दिया।

गांव बूबलहेड़ी निवासी 96 वर्षीय रमजान नंबरदार का कहना है कि जिस समय महात्मा गांधी ने यह भाषण दिया वह उस समय मौके पर मौजूद थे और उनकी आयू करीब 23-24 साल की रही होगी। वे उन्हें गांधी नाम से कम पर उघाडा (बिना कपड़ों वाले) नाम से जानते थे।

फजरूदीन बेसर, बशीर अहमद, रमजान चौधरी, शौकत अली का कहना है कि गांधी जी के सुरक्षा का आश्वासन देने के बाद यहां के मुसलमान रुक गये थे। अगर उस समय नहीं रुकते, तो हरियाणा और राजस्थान में एक भी मुसलमान नहीं होता।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed