{"_id":"6a70b2dfb37416ceda0c8acf","slug":"fugitive-accused-arrested-from-patna-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-148956-2026-08-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: 68.20 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी मामले में भगोड़ा आरोपी पटना से गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: 68.20 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी मामले में भगोड़ा आरोपी पटना से गिरफ्तार
विज्ञापन
-एसईसीआई को रिलायंस पावर के टेंडर में ठगने की साजिश, कंपनी सीएफओ पर 1.44 करोड़ लेने का आरोप
-आर्थिक अपराध शाखा का खुलासा, विदेशी बैंकों की फर्जी गारंटी और एसबीआई की नकली ईमेल बनाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडबल्यू) ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) को 68.20 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी देकर ठगी के मामले में भगोड़े घोषित आरोपी कोलकाता दमदम के माणिकपुर क्षेत्र निवासी शिव शंकर दास को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी को 27 जुलाई 2026 को पटना बिहार से पकड़ा। एडीसीपी रवि कुमार सिंह के अनुसार 24 जून 2025 को 68.20 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटियों और बैंकों की फर्जी मेल बनाकर सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को ठगने में मामला दर्ज हुआ था। यह मामला एसईसीआई के मैनेजर बिबलेश मीणा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। आरोप है कि रिलायंस पावर लिमिटेड की सहायक कंपनी रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड ने एसईसीआई के टेंडर में 68.20 करोड़ रुपये की 2 फर्जी बैंक गारंटियां जमा कीं।
यह गारंटियां कथित तौर पर मलेशिया के एसीई इनवेस्टमेंट बैंक और फिलीपींस के फर्स्ट रैंड बैंक लिमिटेड की थीं। इनकी प्रामाणिकता दिखाने के लिए आरोपियों ने एसबीआई के नाम से फर्जी ईमेल, नकली एसएफएमएए कन्फर्मेशन, लेटरहेड और मुहरें बनाई गईं। बाद में एसबीआई ने इन दस्तावेजों से इनकार कर दिया। जांच में पता चला कि आरोपी शिव शंकर दास ने रिलायंस पावर के सीएफओ अशोक कुमार पाल और दो बिचौलिए पार्थ सारथी बिस्वाल और अमर नाथ दत्ता के साथ मिलकर 2 फर्जी बैंक गारंटियां, एसबीआई की फर्जी एंडोर्समेंट, फर्जी एसएफएमएस और एसीबीआई की फर्जी ईमेल आईडी बनाई ताकि एसईसीआई और रिलायंस पावर के अधिकारियों को धोखा दिया जा सके।
कई स्थानों पर छापेमारी के बाद पकड़ा गया आरोपी
एसीपी विनोद गांधी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर लक्ष्मण कुमार और एसआई अरविंद कुमार की टीम बनाई गई। तकनीकी निगरानी और मेदिनीपुर, कोलकाता, आसनसोल और मुंबई में छापेमारी के बाद आरोपी को पटना से ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। उसे दिल्ली लाकर पुलिस रिमांड पर लिया गया। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
विज्ञापन
साजिश के लिए आरोपी को मिले 1.44 करोड़
वित्तीय जांच में सामने आया कि उसे इस साजिश के लिए आरोपी को 1.44 करोड़ रुपये मिले थे। जांच से बचने के लिए वह लगातार ठिकाना बदल रहा था। साकेत कोर्ट के सीजीएम ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। जांच में पता चला कि शिव शंकर दास मात्र 12वीं पास है।
विज्ञापन
-आर्थिक अपराध शाखा का खुलासा, विदेशी बैंकों की फर्जी गारंटी और एसबीआई की नकली ईमेल बनाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडबल्यू) ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) को 68.20 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी देकर ठगी के मामले में भगोड़े घोषित आरोपी कोलकाता दमदम के माणिकपुर क्षेत्र निवासी शिव शंकर दास को गिरफ्तार किया है। टीम ने आरोपी को 27 जुलाई 2026 को पटना बिहार से पकड़ा। एडीसीपी रवि कुमार सिंह के अनुसार 24 जून 2025 को 68.20 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटियों और बैंकों की फर्जी मेल बनाकर सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को ठगने में मामला दर्ज हुआ था। यह मामला एसईसीआई के मैनेजर बिबलेश मीणा की शिकायत पर केस दर्ज किया गया। आरोप है कि रिलायंस पावर लिमिटेड की सहायक कंपनी रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड ने एसईसीआई के टेंडर में 68.20 करोड़ रुपये की 2 फर्जी बैंक गारंटियां जमा कीं।
यह गारंटियां कथित तौर पर मलेशिया के एसीई इनवेस्टमेंट बैंक और फिलीपींस के फर्स्ट रैंड बैंक लिमिटेड की थीं। इनकी प्रामाणिकता दिखाने के लिए आरोपियों ने एसबीआई के नाम से फर्जी ईमेल, नकली एसएफएमएए कन्फर्मेशन, लेटरहेड और मुहरें बनाई गईं। बाद में एसबीआई ने इन दस्तावेजों से इनकार कर दिया। जांच में पता चला कि आरोपी शिव शंकर दास ने रिलायंस पावर के सीएफओ अशोक कुमार पाल और दो बिचौलिए पार्थ सारथी बिस्वाल और अमर नाथ दत्ता के साथ मिलकर 2 फर्जी बैंक गारंटियां, एसबीआई की फर्जी एंडोर्समेंट, फर्जी एसएफएमएस और एसीबीआई की फर्जी ईमेल आईडी बनाई ताकि एसईसीआई और रिलायंस पावर के अधिकारियों को धोखा दिया जा सके।
विज्ञापन
कई स्थानों पर छापेमारी के बाद पकड़ा गया आरोपी
एसीपी विनोद गांधी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर लक्ष्मण कुमार और एसआई अरविंद कुमार की टीम बनाई गई। तकनीकी निगरानी और मेदिनीपुर, कोलकाता, आसनसोल और मुंबई में छापेमारी के बाद आरोपी को पटना से ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। उसे दिल्ली लाकर पुलिस रिमांड पर लिया गया। फिलहाल आरोपी न्यायिक हिरासत में है। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है।
विज्ञापन
साजिश के लिए आरोपी को मिले 1.44 करोड़
वित्तीय जांच में सामने आया कि उसे इस साजिश के लिए आरोपी को 1.44 करोड़ रुपये मिले थे। जांच से बचने के लिए वह लगातार ठिकाना बदल रहा था। साकेत कोर्ट के सीजीएम ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। जांच में पता चला कि शिव शंकर दास मात्र 12वीं पास है।