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Delhi NCR News: दिल्ली में लगी दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत में ट्रैफिक चालान से लेकर बैंक विवाद तक सुलझे
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न्याय व्यवस्था को तेज और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के मार्गदर्शन में दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की ओर से शनिवार को राजधानी में दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। आयोजन दिल्ली के सभी जिला न्यायालय परिसरों, दिल्ली उच्च न्यायालय, स्थायी लोक अदालतों, ऋण वसूली अधिकरणों, राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोगों में एक साथ हुआ। ये दूसरी लोक अदालत है।
लोक अदालत में चेक बाउंस, समझौता योग्य आपराधिक मामले, सिविल विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक रिकवरी, वैवाहिक विवाद (तलाक मामलों को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण, श्रम विवाद, मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम से जुड़े मामले और ट्रैफिक चालानों का निपटारा हुआ। वहीं, अधिकारियों के अनुसार, लोक अदालत आपसी सहमति से मामलों के त्वरित और सुलभ समाधान का प्रभावी माध्यम है। इससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और लोगों का समय व धन दोनों बचते हैं। इस कार्यवाही के दौरान विशेष सचिव तन्वी खुराना ने साकेत न्यायालय, अतिरिक्त सचिव अभिनव पांडेय ने कड़कड़डूमा न्यायालय, सचिव (विधिक वाद) भारती गर्ग ने रोहिणी न्यायालय और सचिव (विधिक सहायता शाखा) स्वाति भारद्वाज ने तीस हजारी न्यायालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
वहीं, डीएसएलएसए की ओर से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, एसिड अटैक पीड़ितों और वरिष्ठ नागरिकों को लोक अदालत की कार्यवाही में एसोसिएट सदस्य के रूप में विशेष सम्मान दिया गया। इस दौरान, लोक अदालत में पहुंचे लोगों ने प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बताया। कई लोगों ने कहा, कि नई व्यवस्था के कारण लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ा और ट्रैफिक चालान निपटान की प्रक्रिया आसान रही। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर रियल-टाइम अपडेट और मोबाइल पर तुरंत एसएमएस मिलने की सुविधा की भी लोगों ने सराहना की। वहीं, वादकारियों को अपने निपटाए गए चालानों के डिस्पोजल ऑर्डर डाउनलोड करने की सुविधा भी दी गई। वहीं, तीस हजारी न्यायालय परिसर में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सहायता डेस्क स्थापित किए गए। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने कहा, कि यह पहल न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (एनएएलएसए) के मार्गदर्शन में दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएसएलएसए) की ओर से शनिवार को राजधानी में दूसरी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। आयोजन दिल्ली के सभी जिला न्यायालय परिसरों, दिल्ली उच्च न्यायालय, स्थायी लोक अदालतों, ऋण वसूली अधिकरणों, राज्य उपभोक्ता आयोग और जिला उपभोक्ता आयोगों में एक साथ हुआ। ये दूसरी लोक अदालत है।
लोक अदालत में चेक बाउंस, समझौता योग्य आपराधिक मामले, सिविल विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक रिकवरी, वैवाहिक विवाद (तलाक मामलों को छोड़कर), भूमि अधिग्रहण, श्रम विवाद, मध्यस्थता एवं सुलह अधिनियम से जुड़े मामले और ट्रैफिक चालानों का निपटारा हुआ। वहीं, अधिकारियों के अनुसार, लोक अदालत आपसी सहमति से मामलों के त्वरित और सुलभ समाधान का प्रभावी माध्यम है। इससे अदालतों में लंबित मामलों का बोझ कम होता है और लोगों का समय व धन दोनों बचते हैं। इस कार्यवाही के दौरान विशेष सचिव तन्वी खुराना ने साकेत न्यायालय, अतिरिक्त सचिव अभिनव पांडेय ने कड़कड़डूमा न्यायालय, सचिव (विधिक वाद) भारती गर्ग ने रोहिणी न्यायालय और सचिव (विधिक सहायता शाखा) स्वाति भारद्वाज ने तीस हजारी न्यायालय का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।
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वहीं, डीएसएलएसए की ओर से ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, एसिड अटैक पीड़ितों और वरिष्ठ नागरिकों को लोक अदालत की कार्यवाही में एसोसिएट सदस्य के रूप में विशेष सम्मान दिया गया। इस दौरान, लोक अदालत में पहुंचे लोगों ने प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बताया। कई लोगों ने कहा, कि नई व्यवस्था के कारण लंबी कतारों में इंतजार नहीं करना पड़ा और ट्रैफिक चालान निपटान की प्रक्रिया आसान रही। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस पोर्टल पर रियल-टाइम अपडेट और मोबाइल पर तुरंत एसएमएस मिलने की सुविधा की भी लोगों ने सराहना की। वहीं, वादकारियों को अपने निपटाए गए चालानों के डिस्पोजल ऑर्डर डाउनलोड करने की सुविधा भी दी गई। वहीं, तीस हजारी न्यायालय परिसर में महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सहायता डेस्क स्थापित किए गए। इस दौरान न्यायिक अधिकारियों ने कहा, कि यह पहल न्याय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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