फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   four lakh twenty thousand passengers left Delhi Metro in this year Due to high cost of fare

दिल्ली मेट्रो से इस साल महंगे किराये ने उतारे 4.2 लाख यात्री, सीएसई की रिपोर्ट में खुलासा

Wed, 05 Sep 2018 08:11 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 05 Sep 2018 08:11 AM IST
विज्ञापन
four lakh twenty thousand passengers left Delhi Metro in this year Due to high cost of fare
फाइल फोटो

दिल्ली, लखनऊ, जयपुर और चेन्नई जैसे शहरों में सार्वजनिक परिवहन के प्रति लोगों का झुकाव कम होता जा रहा है। दिल्ली मेट्रो का किराया बढ़ने से इस वर्ष अब तक करीब 4.2 लाख यात्रियों की कमी आई है। इससे न सिर्फ सड़कों पर वाहनों का बोझ बढ़ा है, बल्कि प्रदूषण भी बढ़ा है।

विज्ञापन


सेंटर फॉर साइंस एंड एनवायरमेंट (सीएसई) ने अपनी ताजा रिपोर्ट में कहा है कि कारगर नीति न होने से 2030-31 तक देश में निजी वाहनों की संख्या 50 फीसदी हो सकती है।
विज्ञापन


स्वच्छ परिवहन को लेकर मंगलवार को यह रिपोर्ट जारी की गई। सीएसई की ओर से टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन और उसकी पहुंच को लेकर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रिपोर्ट में यह भी तथ्य सामने आया है कि पिछले 60 वर्षों में देश में 10.5 करोड़ से ज्यादा वाहन पंजीकृत हुए, जबकि 2009 से 2015 के बीच पंजीकृत वाहनों की संख्या 10.5 करोड़ से कहीं ज्यादा है। 

75 से घटकर 44 फीसदी रह जाएगा सार्वजनिक परिवहन

four lakh twenty thousand passengers left Delhi Metro in this year Due to high cost of fare
रिपोर्ट के मुताबिक शहरों में परिवहन के लिए निजी वाहनों की मांग बढ़ रही है, जबकि सार्वजनिक परिवहन के लिए वाहनों की संख्या लगातार कम हो रही है। वर्ष 2000-01 के बीच सार्वजनिक परिवहन की हिस्सेदारी 75.5 फीसदी थी, जो 2030-31 तक 44.7 फीसदी तक रह जाएगी। वहीं निजी वाहनों की संख्या 50 फीसदी से ज्यादा होगी।  

सार्वजनिक वाहनों से हो रहा मोहभंग
रिपोर्ट में कहा गया है कि कमजोर नीति के कारण अकेले मेट्रो और बस ही यात्रियों का बोझ उठा रही हैं। शहरों के पास यात्रियों को प्रोत्साहित करने वाली हर तरह के परिवहन साधनों के विकास की कोई योजना नहीं है। सार्वजनिक वाहनों के प्रति मोहभंग के पीछे सिर्फ किराए का महंगा होना ही वजह नहीं है। सार्वजनिक परिवहन के साधनों को समय के साथ आधुनिक नहीं बनाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed