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Delhi NCR News: बुलंदशहर व अलीगढ़ के लिए कंबोडिया से चलाया जा रहा था ठगी का नेटवर्क, चार गिरफ्तार
सार
नई दिल्ली में साइबर थाना पुलिस ने कंबोडिया से संचालित एक फर्जी ट्रेडिंग एप गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह ने आईपीओ निवेश का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की थी। चार आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं।
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विस्तार
- आरोपी ने फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए पीडि़तों के साथ करते थे ठगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने साइबर जालसाजी के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कंबोडिया से चलाया जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के भारत में मौजूद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए पीड़ितों के साथ ठगी कर रहे थे। यह गिरोह आईपीओ में निवेश के बहाने पीडि़तोंं से करोड़ों रुपये ठग चुके हैं। उन्होंने फर्जी एप में फर्जी आईपीओ आवंटन और झूठी लोन प्रविष्टियां दिखाकर एक पीडि़त से 8.04 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपियों की कथित कथित बैंक से जुड़ी 16 एनसीआरपी शिकायतें मिली हैं।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी माणिक अग्रवाल (25), खुर्जा, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश निवासी अब्दुल्ला उर्फ लूसिफऱ (23), सिविल लाइंस, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद आमिर उर्फ रॉकी (26) और इंदौर मध्य प्रदेश निवासी शनमिया खान के पास से आपत्तिजनक डाटा, चैट आदि से युक्त कुल 4 हाईटेक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि एक पीडि़त टी सिंह ने बताया कि 10 जून को उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप 101 शून्य वेल्थ सर्कल में अनाया कपूर ने उसे जोड़ा। उसने सरबजीत सिंह विर्क के सहायक के रूप में खुद को मुख्य निवेश अधिकारी होने का दावा किया। उन्हें सुनिश्चित मुनाफे और 34 लाख के फर्जी आईपीओ आवंटन का झांसा दिया गया।
आरोपी ने पीडि़त के एसबीआई खाते में 5,000 जमा कर बरगलाया। बाद में एप में 8,00,000 की फर्जी ऋण प्रविष्टि दिखाई गई और चुकाए जाने तक दंड की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने 8,04,000 रुपये आरोपियों के बैंक खाते में 11 अगस्त को ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, उसके बाद उसकी निकासी रोक दी गई। स्टॉक और शेयरों में निवेश के बहाने पीडि़त से 8.04 लाख रुपये की ठगी की गई।
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कम्बोडिया से संचालित हो रहा था
सीसीटीवी विश्लेषण से पुष्टि हुई कि धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम देते समय आरोपी दिल्ली के होटलों में एक साथ रुके थे। पता चला कि पीडि़तों को लुभाने के लिए इस्तेमाल किए गए व्हाट्सएप नंबर कंबोडिया में सक्रिय थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिमी जिले की साइबर थाना पुलिस ने साइबर जालसाजी के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो कंबोडिया से चलाया जा रहा था। पुलिस ने इस गिरोह के भारत में मौजूद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फर्जी ट्रेडिंग एप के जरिए पीड़ितों के साथ ठगी कर रहे थे। यह गिरोह आईपीओ में निवेश के बहाने पीडि़तोंं से करोड़ों रुपये ठग चुके हैं। उन्होंने फर्जी एप में फर्जी आईपीओ आवंटन और झूठी लोन प्रविष्टियां दिखाकर एक पीडि़त से 8.04 लाख रुपये ठग लिए थे। आरोपियों की कथित कथित बैंक से जुड़ी 16 एनसीआरपी शिकायतें मिली हैं।
दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी माणिक अग्रवाल (25), खुर्जा, बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश निवासी अब्दुल्ला उर्फ लूसिफऱ (23), सिविल लाइंस, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश निवासी मोहम्मद आमिर उर्फ रॉकी (26) और इंदौर मध्य प्रदेश निवासी शनमिया खान के पास से आपत्तिजनक डाटा, चैट आदि से युक्त कुल 4 हाईटेक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि एक पीडि़त टी सिंह ने बताया कि 10 जून को उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप 101 शून्य वेल्थ सर्कल में अनाया कपूर ने उसे जोड़ा। उसने सरबजीत सिंह विर्क के सहायक के रूप में खुद को मुख्य निवेश अधिकारी होने का दावा किया। उन्हें सुनिश्चित मुनाफे और 34 लाख के फर्जी आईपीओ आवंटन का झांसा दिया गया।
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आरोपी ने पीडि़त के एसबीआई खाते में 5,000 जमा कर बरगलाया। बाद में एप में 8,00,000 की फर्जी ऋण प्रविष्टि दिखाई गई और चुकाए जाने तक दंड की धमकी दी गई। शिकायतकर्ता ने 8,04,000 रुपये आरोपियों के बैंक खाते में 11 अगस्त को ट्रांसफर कर दिए। हालांकि, उसके बाद उसकी निकासी रोक दी गई। स्टॉक और शेयरों में निवेश के बहाने पीडि़त से 8.04 लाख रुपये की ठगी की गई।
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कम्बोडिया से संचालित हो रहा था
सीसीटीवी विश्लेषण से पुष्टि हुई कि धोखाधड़ी की गतिविधियों को अंजाम देते समय आरोपी दिल्ली के होटलों में एक साथ रुके थे। पता चला कि पीडि़तों को लुभाने के लिए इस्तेमाल किए गए व्हाट्सएप नंबर कंबोडिया में सक्रिय थे।