किस्मत से अमीर बने थे पति-पत्नी, आपसी झगड़े में खुला 12 करोड़ की प्रॉपर्टी का राज
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किस्मत से करोड़पति बने पति-पत्नी को करोड़पति बनना हजम नहीं हुआ। पैसे के नशे में वह आए दिन झगड़ा करने लगे। झगड़े के दौरान करीब 12 करोड़ रुपये की प्रॉपर्टी का राज खुल गया।
प्रॉपर्टी को उन्होंने 60 लाख रुपये में बेच दिया था। खरीददार प्रॉपर्टी डीलर ने प्रॉपर्टी की फर्जी बिल भी बनवा ली थी। दक्षिण-पूर्व जिले की साइबर सेल ने जालसाजी व धोखाधड़ी के आरोप में प्रॉपर्टी डीलर को गिरफ्तार कर लिया है।
साइबर सेल पति-पत्नी व कुछ अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफन के प्रो. डॉ. आशीष राय डी-667 सीआर पार्क में रहते थे।
प्रोफेसर के निधन के बाद कोठी पर लिया था कब्जा
उनकी अमेरिकन पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई थीं। परिवार में और कोई नहीं था। डॉ. राय का बीमारी के चलते 13 अप्रैल, 2013 को निधन हो गया था।
उनके घर में ककोली हाजरा खाना बनाने का काम करती थी, जबकि उसका पति संजय हाजरा ड्राइवर की नौकरी करता था। डॉ. राय के निधन के बाद पति-पत्नी ने करीब 12 करोड़ रुपये की उनकी कोठी पर कब्जा कर लिया।
खुद को करोड़पति समझकर पति-पत्नी झगड़ा करने लगे। इस बीच इन दोनों ने प्रॉपर्टी को सीआर पार्क में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर संदीप धीर को 60 लाख रुपये में बेच दिया।
पुलिस में दी शिकायत तो खुल गया राज
60 लाख रुपये कैश आने के बाद पति-पत्नी में झगड़ा और बढ़ गया। दोनों ने अलग-अलग पुलिस में शिकायत कर दी। इससे प्रॉपर्टी का राज खुल गया। डॉ. राय के रिश्तेदारों ने भी पुलिस को शिकायत की थी।
फर्जी बिल बरामद
जालसाजी व धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जिले की साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार की देखरेख में एसआई संदीप पंवार, एएसआई अनिल, हवलदार उत्तम व मंगत की टीम ने जांच शुरू की।
जांच में पता लगा कि संदीप धीर ने फर्जी बिल बना ली है। साइबर सेल ने संदीप को गिरफ्तार कर लिया है। उसे तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस ने जालंधर व पंजाब में दबिश देकर डॉ. राय की कोठी की फर्जी बिल बरामद कर ली है।