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पूर्व मंत्री कपिल ने अपने निलंबन पर मांगा केजरीवाल समेत पीएसी के सदस्यों से जवाब
ब्यूरो/ अमर उजाला, दिल्ली
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:19 AM IST
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दिल्ली सरकार में पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी (आप) से अपने निलंबन पर सवाल उठाया। इस बारे में उन्होंने मंगलवार को आप संयोजक अरविंद केजरीवाल व राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) के सदस्यों को नोटिस दिया है। इसका सात दिनों में जवाब मांगा है। दूसरी तरफ पार्टी ने इस बारे में कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया है।
नोटिस में कपिल मिश्रा ने कहा है कि पार्टी के संविधान का उल्लंघन कर उनको निलंबित किया गया है। पार्टी ने उन्हें अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया। निलंबन के 2 महीने बाद भी उन्हें किसी तरह का कोई नोटिस या जानकारी इस बारे में पार्टी ने नहीं दी है।
कपिल मिश्रा ने सवाल किया है कि क्या उनके निलंबन का फैसला पीएसी में हुआ? यदि हुआ, तो कब और किस मीटिंग में हुआ। इसका मिनट्स सार्वजनिक हों। कपिल ने पार्टी के संविधान से जुड़े कुछ कागज भी जारी किए।
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कपिल का कहना है कि किसी सदस्य को निलंबित करने का फैसला केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई के लंबित होने की हालत में संभव है। लेकिन उनके खिलाफ इस तरह की कोई नहीं चल रही है। कपिल मिश्रा ने आगे लिखा है कि गैर-कानूनी तरीके से निलंबित करने की घोषणा करने के बावजूद पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल विधानसभा के हर सत्र में व्हिप जारी करवाकर उनका वोट क्यों मांगते हैं?
कपिल मिश्रा ने नोटिस में कहा है कि केजरीवाल समेत पीएसी के सभी सदस्य उनकी नोटिस का जवाब सात दिनरों में दे दें। साथ ही नसीहत भी दी है कि चंद ालोगों को बचाने के चक्कर में पार्टी के संसिवधान से तोड़-मरोड़ नहीं होनी चाहिये।
इस मामले में %आप नेताओं कहना है कि कपिल के खिलाफ कार्रवाई शिकायत मिलने पर ही की गई है। हालांकि, पार्टी नेताओं ने नोटिस पर कोई जवाब देने से इंकार किया।
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नोटिस में कपिल मिश्रा ने कहा है कि पार्टी के संविधान का उल्लंघन कर उनको निलंबित किया गया है। पार्टी ने उन्हें अपनी बात रखने का मौका भी नहीं दिया। निलंबन के 2 महीने बाद भी उन्हें किसी तरह का कोई नोटिस या जानकारी इस बारे में पार्टी ने नहीं दी है।
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कपिल मिश्रा ने सवाल किया है कि क्या उनके निलंबन का फैसला पीएसी में हुआ? यदि हुआ, तो कब और किस मीटिंग में हुआ। इसका मिनट्स सार्वजनिक हों। कपिल ने पार्टी के संविधान से जुड़े कुछ कागज भी जारी किए।
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कपिल का कहना है कि किसी सदस्य को निलंबित करने का फैसला केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई के लंबित होने की हालत में संभव है। लेकिन उनके खिलाफ इस तरह की कोई नहीं चल रही है। कपिल मिश्रा ने आगे लिखा है कि गैर-कानूनी तरीके से निलंबित करने की घोषणा करने के बावजूद पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल विधानसभा के हर सत्र में व्हिप जारी करवाकर उनका वोट क्यों मांगते हैं?
कपिल मिश्रा ने नोटिस में कहा है कि केजरीवाल समेत पीएसी के सभी सदस्य उनकी नोटिस का जवाब सात दिनरों में दे दें। साथ ही नसीहत भी दी है कि चंद ालोगों को बचाने के चक्कर में पार्टी के संसिवधान से तोड़-मरोड़ नहीं होनी चाहिये।
इस मामले में %आप नेताओं कहना है कि कपिल के खिलाफ कार्रवाई शिकायत मिलने पर ही की गई है। हालांकि, पार्टी नेताओं ने नोटिस पर कोई जवाब देने से इंकार किया।