जितेंद्र सिंह तोमर का माइग्रेशन भी निकला फर्जी
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पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर का माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी फर्जी निकला है। पुलिस को बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में कागजातों की छानबीन से यह पता चला।
पुलिस सूत्रों के अनुसार जितेंद्र तोमर नाम के किसी भी व्यक्ति को कभी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया। इसके अलावा जिस सीरियल का माइग्रेशन सर्टिफिकेट है, वह सीरियल नंबर 2001 में जारी ही नहीं किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हौजखास थानाध्यक्ष सतेंद्र सांगवान की देखरेख में 5 सदस्यीय टीम सोमवार रात को झांसी के बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी के लिए रवाना हुई।
बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी का लगाया था फर्जी माइग्रेशन
टीम ने मंगलवार सुबह यूनिवर्सिटी में कागजातों को खंगाला तो तोमर का माइग्रेशन सर्टिफिकेट फर्जी निकाला। माइग्रेशन सर्टिफिकेट के असली-नकली होने की पहली बार जांच की जा रही है।
गौरतलब है कि तोमर ने लॉ की डिग्री के लिए बिहार के भागलपुर यूनिवर्सिटी में बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी का ग्रेजुएशन का माइग्रेशन सर्टिफिकेट लगाया था। जबकि, उनके पास ग्रेजुएशन की डिग्री के एस साकेत कॉलेज अयोध्या की है।
पुलिस के अनुसार, बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से 2001 में 35 कॉलेज संबंद्ध् थे। सभी कॉलेजों ने स्पष्ट कर दिया है कि पूर्व कानून मंत्री
को कोई माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया। फिलहाल, पुलिस कॉलेजों से भी माइग्रेशन सर्टिफिकेट के संबंध में और जानकारी जुटा रही है।