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फ्लैट मालिकों को देना होगा बिजली कनेक्शन का खर्च
नवीन कुमार, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Updated Mon, 13 Aug 2018 09:46 AM IST
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फाइल फोटो
ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के सिंगल प्वाइंट को मल्टी प्वाइंट कनेक्शन में बदलने का भार फ्लैट मालिकों पर पड़ेगा। हालांकि, इस पर आने वाले खर्च का आंकलन बिजली कंपनी करेगी।
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ताकि, वहां की अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन (एओए) या बिल्डर मनमानी वसूली नहीं कर सके। वहीं अब नई बिल्डिंग के निर्माण से पहले बिल्डर को बिजली कंपनी से विद्युतीकरण की एनओसी लेनी होगी।
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उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में सिंगल प्वाइंट को मल्टी प्वाइंट कनेक्शन में बदलने का आदेश जारी कर दिया है। एनपीसीएल को आदेश मिल गया है और उस पर अमल करना भी शुरू कर दिया है।
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एनपीसीएल के जीएम सारनाथ गांगुली ने बताया कि पुरानी सोसायटी के सिंगल प्वाइंट कनेक्शन को मल्टी प्वाइंट में बदलने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 30 दिन के अंदर कंपनी सभी सोसायटियों में जाएगी और वहां की स्थिति का पता करेगी।
वहां किसी तरह की कमी या बदलाव होना है तो उस संबंध में उस सोसायटी की एओए या बिल्डर को नोटिस जारी कर 30 दिन का समय दिया जाएगा। उसके बाद कंपनी सोसायटी के सिस्टम को अपने कब्जे में लेगी।
सारनाथ गांगुली ने बताया कि सिंगल से मल्टी कनेक्शन पर आने वाले खर्च फ्लैट खरीदारों से वसूला जाएगा। इसकी जिम्मेदारी बिल्डर या एओए की होगी। हालांकि, इस पर आने वाले खर्च का आकलन एनपीसीएल करेगा।
सोसायटी में जिस फ्लैट पर जितने किलोवाट का लोड होगा, उसी हिसाब से धनराशि ली जाएगी। बिल्डर या एओए से हैंडओवर करने के बाद कंपनी फ्लैटों में अलग-अलग कनेक्शन देगी। इसके लिए फ्लैट खरीदारों को आवेदन करना होगा।
बिल्डिंग निर्माण से पहले बिजली विभाग की एनओसी जरूरी
आयोग ने अपने आदेश में साफ कर दिया है कि भविष्य में अगर कोई बिल्डर, प्राधिकरण या अन्य बहुमंजिला बिल्डिंग बनाता है तो उसको पहले बिजली विभाग से विद्युतीकरण की एनओसी लेनी होगी। मल्टी प्वाइंट कनेक्शन देने के हिसाब से बिल्डिंग में इंटरनल वायरिंग व नेटवर्क बिछाया जाएगा। मैप में यह देखने के बाद ही बिजली विभाग एनओसी जारी करेगा। यहीं नहीं, बिजली विभाग प्राधिकरण, नगर पालिका या जिला पंचायत से नक्शा पास होने पर ही कनेक्शन देगा। अगर किसी के पास नक्शा है तो उनको लिखित में अंडरटेकिंग देना होगा।
पावर बैकअप के लिए अलग से लेना होगा कनेक्शन
सोसायटी के लोगों को अगर जनरेटर का पावर बैकअप चाहिए तो उसका अलग से कनेक्शन लेना होगा। इसके लिए सोसायटी की अपार्टमेंट आनर्स एसोसिएशन (एओए) या बिल्डर को अलग से केबल डालकर मीटर लगाना होगा। पावर बैकअप की बिजली का शुल्क भी वे अपने हिसाब से निर्धारित कर सकेंगे। अगर बिल्डर या एओए मनमानी करते है तो सोसायटी के लोग प्राधिकरण या प्रशासन में शिकायत करनी होगी। बिजली विभाग की इसमें कोई भूमिका नहीं होगी।
नियामक आयोग का आदेश मिल गया है। उस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। 31 मार्च, 2019 से पहले सभी सिंगल प्वाइंट कनेक्शन को मल्टी प्वाइंट में बदल दिया जाएगा। - सारनाथ गांगुली, जीएम, एनपीसीएल।