कार पर झंडा लगाएंगे आप तो बिल भरेंगे नेताजी
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चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार आपको समर्थन में रैली का न्यौता भेजे। साथ ही प्रचार के इस मौसम में निजी वाहनों पर झंडा लगाकर आने के लिए मना करे तो चौंकिएगा नहीं।
ऐसा नहीं है कि वह पार्टी से नाराज है, झंडा तो आप लगाएंगे बिल नेताजी का बढ़ जाएगा। चुनाव आयोग ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति चुनावी रैली में अपने निजी कार पर भी पार्टी का झंडा या पोस्टर लगाकर आता है तो उस वाहन का खर्च उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जुड़ जाएगा।
चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों को सूचित करते हुए कहा कि निजी कार का खर्च उन सभी उम्मीदवारों के खाते में जाएगा जो कि उस दौरान वहां मौजूद रहे।
पूरे खर्च को उनके चुनवी खर्च के खातों में बराबर जोड़ दिया जाएगा। निजी कार में झंडा या बैनर लगाने पर उसका खर्च बाजार दर के हिसाब से जोड़ा जाएगा। हालांकि अगर वह कार रैली में बिना किसी झंडे या बैनर के शामिल होती है तो उसका खर्च नेताजी के खर्च में नहीं जुड़ेगा।
इन खर्चों की भी देनी होगी जानकारी
यही नहीं चुनाव आयोग ने उम्मीदवारों को अब प्रचार के लिए आयोजित होने वाली रैली या सभा की मंजूरी के साथ उसमें होने वाले सभी खर्च का ब्यौरा देना होगा। मसलन टेंट, कुर्सी, माइक, चाय और नाश्ता समेत सभी खर्च का बाजार दर के हिसाब से देना होगा। इसके बाद ब्यौरे के आधार पर चुनाव आयोग की टीम भी मौके का जायजा लेगी पूरी रैली की वीडियोग्राफी भी होगी।
अतिरिक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी नीरज भारती के मुताबिक निजी कार के जाने पर आपत्ति नहीं है। मगर वह झंडा बैनर लगाकर आता है तो यह प्रचार का तरीका है। इसलिए उससे जिसका प्रचार हो रहा है उसके चुनावी खर्च में उस वाहन का खर्च जुड़ेगा। उन्होंने बताया कि इस बार सभाओं जो चीजें होगी सबका खर्च बाजार मुल्य लागू होगा।
बल्क एसएमएस पर भी नजर
चुनाव आयोग चुनाव प्रचार के दौरान बल्क एसएमएस पर नजर रख रहा है। चुनाव प्रचार के लिए बल्क एसएमएस के कंटेट के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को सूचित करना होगा। एसएमएस में अगर किसी उम्मीदवार का नाम है तो उसका खर्च उसी के खाते में जाएगा। अगर सिर्फ पार्टी का जिक्र है तो वह पार्टी के खाते में जाएगा। चुनाव आयोग ने सर्विस प्रुवाइडर से भी इस संबंध में जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही पुलिस को भी इस पर नजर रखने के लिए कहा है।