जिला अस्पताल में पहली बार निकाली बच्चे की पथरी
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सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में छह साल के एक बच्चे की मूत्र की थैली से
डॉक्टरों के मुताबिक अस्पताल में किसी बच्चे में पथरी का यह पहला ऑपरेशन है। मधुबनी बिहार निवासी हीरा देवी ने बताया कि उनके पति रामचंद्र महतो गाजियाबाद में रिक्शा चलाते हैं।
दंपति के चार बच्चे हैं। सबसे छोटे बेटे मोहित (6) के पेट में करीब डेढ़ साल से दर्द हो रहा था। वह ठीक से पेशाब नहीं कर पाता था। परेशानी के कारण उसका स्कूल छूट गया था।
इंदिरापुरम के प्राइवेट अस्पतालों में बच्चे को दिखाया, जहां इलाज के लिए 30 हजार रुपये की मांग की। इतने रुपये न होने के कारण नीम हकीमों से इलाज शुरू करवाया।
एक रिश्तेदार ने जिला अस्पताल में बच्चे का इलाज कराने का परामर्श दिया। करीब 10 दिन पहले अस्पताल में डॉक्टर को दिखाया जहां, अल्ट्रासाउंड के बाद ऑपरेशन के लिए कहा गया।
400 रुपये जमा कराए गए। 21 जनवरी को बच्चे का ऑपरेशन हुआ और पथरी निकाल दी गई। अस्पताल के पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि अस्पताल में किसी बच्चे में इस तरह का यह पहला ऑपरेशन है।
बच्चा अब स्वस्थ है। शनिवार को उसे छुट्टी दे दी गई। डॉ. विनोद गौतमबुद्धनगर की सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं में एक मात्र पीडियाट्रिक सर्जन हैं।
डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि पेशाब की थैली में करीब तीन हजार बच्चों में एक बच्चे में पथरी होती है। यह दिक्कत आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के बच्चों में मिलती है, जो प्रोटीन की कमी और अधिक कार्बोहाइड्रेट युक्त भोजन खाते हैं।