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चूल्हे की चिंगारी ने खाक कर दिए आशियाने
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Wed, 24 Sep 2014 11:07 PM IST
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चूल्हे की चिंगारी से लगी आग में फरीदाबाद के किड़ावली गांव निवासी जोगिंदर यादव और उसके चार बेटों की झोपड़ियां जल कर खाक हो गईं।
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आग में डेढ़ लाख रुपये नकद और करीब 2.5 लाख रुपयों के जेवर जल गए। गांव वालों ने मिलकर आग बुझाई लेकिन तब तक चार झोपड़ियां और उनके अंदर रखा सारा सामान खाक हो चुका था।
यमुना नदी के किनारे बसे किड़ावली गांव निवासी जोगिंदर यादव का परिवार बंटाई पर सब्जी की खेती करता है। जोगिंदर पत्नी ललसा के साथ एक झोपड़ी में रहता है। उसके पड़ोस में ही बेटे अमरीश, कमलेश और कमल की भी झोपड़ियां हैं। पूरे परिवार का खाना एक ही रसोई में बनता है।
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बुधवार सुबह घर की महिलाओं ने खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग को पूरी तरह नहीं बुझाया था। जोगिंदर उसकी पत्नी ललसा, तीनों बेटे और बहू रिंकू व संजू खाना खाने के बाद खेत पर काम करने के लिए झोपड़ियों में ताला लगा चले गए। इस दौरान चूल्हे से उठी चिंगारी से जोगिंदर की झोपड़ी में आग लग गई।
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तेज हवाओं से आग भड़क गई। आग लगी देख ग्रामीणों ने शोर मचाया और बुझाने के लिए दौड़ पड़े। हवा के जरिए तेजी से फैलती आग ने चारों झोपड़ियों को चपेट में ले लिया। जब तक जोगिंदर और परिवार के लोग वापस पहुंचते सब कुछ जलकर खाक हो चुका था।
रोते हुए जोगिंदर ने बताया कि दो दिन पहले ही उसने भैंस बेची थी जिनका नकद डेढ़ लाख रुपया झोपड़ी में रखा था वह भी जल गया। बताया कि पत्नी और तीनों बहनों का करीब ढाई लाख रुपये का जेवर भी खाक हो गया।
सरपंच शिव प्रसाद त्यागी ने पीड़ित परिवार के खाने पीने और सिर छिपाने का इंतजाम किया। समाचार लिखे जाने तक राजस्व विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा था।