बड़ी मुश्किल में फंसे AAP के दो विधायक
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दिल्ली के बुराड़ी बवाल मामले में दिल्ली सरकार ने जिला मजिस्ट्रेट को जांच के आदेश दिए हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री ने कहा है कि रिपोर्ट के अनुसार बुराड़ी इलाके के दो मासूमों के साथ घटना के मामले में दिल्ली पुलिस मामला दर्ज करने को तैयार नहीं थी।
ऐसी स्थिति में इलाके के लोगों ने बुराड़ी व मॉडल टाऊन के विधायक से संपर्क किया। इस मामले में यह भी पता चला कि जब स्थानीय विधायक इस मामले की तहकीकात के लिए थाने पहुंचे तो दिल्ली पुलिस ने स्थानीय विधायकों पर ही राइफल तान दी।
जबकि विधायक संजीव झा व अखिलेश पति त्रिपाठी जनता के प्रतिनिधि हैं। दिल्ली सरकार बच्चों की सुरक्षा मामले में संजीदा है। इस तरह के काम निंदनीय है। सरकार इसमें कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती।
'आप विधायकों का व्यवहार अराजक'
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने बुराड़ी थाने में हुई हिंसक घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा है कि यह घटना आम आदमी पार्टी के विधायकों के झूठे अहंकार का परिणाम है। इसके चलते न सिर्फ उनकी अपनी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता बल्कि थाने के पास से गुजर रहे निर्दोष राहगीर भी चोटिल हुए।
उपाध्याय ने कहा है कि एक तरफ तो आम आदमी पार्टी नेता आम आदमी का लाबादा ओढ़े हैं, वहीं दूसरी ओर गाड़ी में बैठकर थाने में प्रवेश करने की जिद पूरी न होने पर भीड़ इकट्ठी कर भावनाओं को भड़काने का प्रयास करते हैं। बुराड़ी की इस घटना में विधायकों का व्यवहार अराजक रहा। पुलिस को इस घटना पर उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने कहा है कि सत्ता में आने के 10 दिन के भीतर इस तरह की घटना पिछले साल खिड़की गांव की घटना में लिप्त तत्कालीन कानून मंत्री सोमनाथ भारती की याद ताजा कर गई।