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शाबाश आरिनी: पांच साल की उम्र में फिडे रेटिंग, शतरंज के तीनों प्रारूपों में दिल्ली की बेटी ने रचा इतिहास

Wed, 03 Sep 2025 04:09 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 03 Sep 2025 04:09 AM IST
सार

आरिनी शतरंज के तीनों प्रारूपों क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज में फिडे रेटिंग हासिल करने वाली दुनिया की सबसे युवा बेटी बन गई हैं।  

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FIDE rating at the age of five, Delhi's daughter created history in all three formats of chess
दिल्ली की आरिनी लाहोटी ने शतरंज की दुनिया में भारत का डंका बजा दिया है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

डी गुकेश, प्रगनानंदा और दिव्या देशमुख के बाद अब पांच साल की बेटी दिल्ली की आरिनी लाहोटी ने शतरंज की दुनिया में भारत का डंका बजा दिया है। आरिनी शतरंज के तीनों प्रारूपों क्लासिकल, रैपिड और ब्लिट्ज में फिडे रेटिंग हासिल करने वाली दुनिया की सबसे युवा बेटी बन गई हैं।  

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क्लासिकल में आरिनी की रेटिंग 1553, रैपिड में 1550 और ब्लिट्ज में 1498 है। दरअसल उनके आयुवर्ग में कई खिलाड़ी रैपिड वर्ग में रेटिंग हासिल कर चुके हैं, लेकिन तीनों प्रारूपों में वह रेटिंग हासिल करने वालीं पहली खिलाड़ी हैं।
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आरिनी पिछले माह ही अपने आयुवर्ग में भारत की सबसे श्रेष्ठ रेटिंग वाली खिलाड़ी बन गई थीं। रविवार को फिडे ने आधिकािरक रेटिंग जारी की है। 19 सितंबर, 2019 को जन्मीं आरिनी के बारे में निजी स्कूल में शिक्षक उनके पिता सुरेंद्र लाहोटी ने कहा कि जन्मदिन से पहले ही बेटी ने बड़ी खुशी दे दी है। उन्होंने बताया कि घर पर ही बेटी की तैयारी कराते हैं। हम उसी टाइम कंट्रोल के साथ उसकी ट्रेनिंग कराते हैं, जो टूर्नामेंट में होता है। 
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पिता से सीखा मोहरों से खेलना
दिल्ली में एक शतरंज अकादमी चलाने वाले सुरेंद्र बताते हैं कि उनकी बेटी ने एक वर्ष की उम्र में ही शतरंज को बारीकी से देखना शुरू कर दिया। लॉकडाउन के दौरान वह मुझे ऑनलाइन ट्रेनिंग देते समय लगातार देखती थी और जल्द ही उसने अपने तौर पर सही मोहरे चलना सीख लिया। शिक्षक सुरेंद्र का सपना है कि उनकी बेटी सबसे युवा इंटरनेशनल मास्टर और सबसे युवा ग्रैंडमास्टर बने और पूरे देश को उस पर गर्व हो।

  • आरिनी ने हाल में अंडर-7 आयुवर्ग का खिताब जीता है और अंडर-16 में उप विजेता रही हैं
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