किसान आंदोलनः सीएम खट्टर ने की कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह से मुलाकात, राकेश टिकैत का 26 जनवरी को लेकर नया एलान
कृषि सुधार कानूनों को वापस लेने के लिए दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर डटे किसानों का आंदोलन आज 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है। कड़ाके की ठंड और अपनों की जान भी किसानों का इरादा नहीं डिगा सकी है। किसानों का कहना है कि चाहे कितनी ही ठंड क्यों न पड़े हम यहां से तब तक वापस नहीं जाएंगे जब तक सरकार तीनों काले कानून वापस नहीं लेती। वहीं आंदोलन के चलते आज भी दिल्ली के कई बॉर्डर बंद हैं और कई रास्ते डायवर्ट किए गए हैं। पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
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'अन्नदाता को आतंकवादी और खालिस्तानी बताने वालों को शर्म आनी चाहिए'
बलराज कुंडू ने कहा कि ऐसे नेताओं को शर्म आनी चाहिए जो अन्नदाता को आतंकवादी और खालिस्तानी बता रहे हैं। उनको शायद इस बात का इल्म नहीं है कि वे जिस आटे से बनी रोटियां खाते हैं उसे उगाने में किसानों को अपने खेतों में खून पसीना एक करना पड़ता है।अहंकार में डूबी सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान लेना बंद करे: कुंडू
बलराज कुंडू ने कहा कि अहंकार में डूबी सरकार किसानों के सब्र का इम्तिहान लेना बंद करे वरना परिणाम ठीक नहीं होंगे। कर्मयोगी किसान भीषण शीत लहर में खुले आसमां के नीचे बीच सड़क पर बैठा है और भाजपा के नेता मुद्दे से भटकाने के लिए उपवास करने का ड्रामा कर रहे हैं।केंद्र सरकार तुरंत किसानों से माफी मांगे: कुंडू
बलराज कुंडू ने कहा कि यह क्रांति आज उस मुकाम पर पहुंच चुकी है जहां से वापसी का सिर्फ एक ही रास्ता है और वह रास्ता है केंद्र सरकार तुरंत किसानों से माफी मांगते हुए सभी मांगें स्वीकार कर तीनों काले कानूनों को रद्द कर एमएसपी की गारंटी का नया कानून बनाए।'किसानों के हक नहीं मिलने तक हम ऐसे ही मजबूत होकर डटे रहेंगे'
बलराज कुंडू ने कहा कि किसानों के हक नहीं मिलने तक हम ऐसे ही मजबूत होकर डटे रहेंगे। संत बाबा राम सिंह सिंघडा वाला की शहीदी समेत जितनी भी शहादत हुई हैं वे कभी व्यर्थ नहीं जाएंगी। उन्होंने सभी किसान नेताओं से भेंट कर विस्तार से चर्चा की और कहा कि किसान आंदोलन आज महज एक आंदोलन ना होकर क्रांति का रूप ले चुका है।किसानों का हौंसला बढ़ाने कुंडली बॉर्डर पहुंचे निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू
महम विधायक बलराज कुंडू शनिवार को कुंडली बॉर्डर स्थित किसानों के धरने में पहुंचे और किसान भाइयों की हौंसला अफजाई की। इस दौरान उन्होंने कहा कि मजबूती के साथ इस मोर्चे पर डटे रहना है, मैं और मेरे तमाम साथी टिकरी बॉर्डर पर किसानों के साथ पूरी मजबूती के साथ मोर्चा संभाले हुए हैं।पंजाब के किसानों से अपील करता हूं कि वे सतलुज यमुना लिंक नहर मामले पर गंभीरता से विचार करें: खट्टर
हरियाणा के सीएम एमएल खट्टर ने कहा कि मैं पंजाब के किसानों से अपील करता हूं कि वे सतलुज यमुना लिंक नहर मामले पर गंभीरता से विचार करें। हरियाणा के किसान सिंचाई की कमी से जूझ रहे हैं। मैंने इस मुद्दे को उठाया है। हम मांग करते हैं कि एसवाईएल नहर का निर्माण पूरा होना चाहिए।I appeal to farmers of Punjab to seriously consider SYL (Sutlej Yamuna Link) canal matter. Farmers of Haryana are struggling with a shortage of irrigation. I have raised this issue. We demand that construction of SYL canal should be completed: Haryana CM ML Khattar pic.twitter.com/I0QhZIQs6C
— ANI (@ANI) December 19, 2020
इस मुद्दे को जल्द हल होना चाहिए: खट्टर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मिलने के बाद हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि अगले 2-3 दिनों में बात हो सकती है। इस मुद्दे (किसानों के विरोध) का हल चर्चा के माध्यम से निकलेगा। खट्टर ने कहा कि मैंने कृषि मंत्री से कहा है कि इस मुद्दे को जल्द हल किया जाना चाहिए।I believe that the talk could be held in the next 2-3 days. A solution to this issue (farmers' protest) should be found through discussion. I have said that this issue should be resolved soon: Haryana CM Manohar Lal Khattar after meeting Union Agriculture Minister NS Tomar https://t.co/vfDtJq6EHW pic.twitter.com/EQjEhb5iUk
— ANI (@ANI) December 19, 2020
सीएम खट्टर ने की कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह से मुलाकात
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से उनके आवास पर मुलाकात की।Delhi: Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar meets Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar at the latter's residence. https://t.co/z2ZaFfPqiM pic.twitter.com/6JSnpA2HyP
— ANI (@ANI) December 19, 2020
तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं: बेनीवाल
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने कहा कि निश्चित रूप से तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी से हमने अपील भी की है। NDA गठबंधन में होने के नाते मैंने पत्र भी लिखा कि अगर आप इन्हें वापस नहीं लेंगे तो हम NDA के समर्थन पर पुनर्विचार करेंगे।निश्चित रूप से तीनों कृषि कानून किसान विरोधी हैं। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री जी से हमने अपील भी की है। NDA गठबंधन में होने के नाते मैंने पत्र भी लिखा कि अगर आप इन्हें वापिस नहीं लेंगे तो हम NDA के समर्थन पर पुनर्विचार करेंगे: हनुमान बेनीवाल, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी प्रमुख pic.twitter.com/6YSHP4GObp
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 19, 2020
हनुमान बेनीवाल ने तीन संसदीय समितियों से इस्तीफा दिया
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने किसान आंदोलन के समर्थन में तीन संसदीय समितियों से इस्तीफा दे दिया है।राजस्थान: हनुमान बेनीवाल, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख ने किसान आंदोलन के समर्थन में तीन संसदीय समितियों से इस्तीफा दिया। pic.twitter.com/mm4rVhxVQ1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 19, 2020