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Delhi NCR News: आधी रात की मेहनत से विश्व मंच तक पहुंचीं हीरल साधु
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-एशियन गेम्स की कांस्य पदक विजेता हीरल अब विश्व मंच पर देश के लिए स्वर्ण का सपना लेकर उतरेंगी
काजल कुमारी
नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर आधी रात तक स्केटिंग की प्रैक्टिस, सुरक्षा के लिए पीछे चलती पिता की कार और करीब 300 किलोमीटर दूर ट्रैक पर अभ्यास-इन संघर्षों को पार करते हुए 20 वर्षीय स्केटर हीरल साधु ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का टिकट हासिल किया है। एक से पांच सितंबर तक आयोजित इंडिया टीम सिलेक्शन ट्रायल में हीरल ने चार स्वर्ण पदक जीतकर वर्ल्ड स्केट गेम्स के लिए क्वालीफाई किया।
हीरल ने 500 मीटर रेस, 1000 मीटर रेस, 10 किलोमीटर प्वाइंट रोड रेस और 15 किलोमीटर एलिमिनेशन रोड रेस में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वह 2016 से 2025 तक लगातार नेशनल चैंपियन रही हैं।
हीरल की प्रमुख उपलब्धियों में 2023 हांग्झोऊ एशियन गेम्स का कांस्य पदक शामिल है। उन्होंने संजना बथुला, कार्तिका जगदीश्वरन और आरती कस्तूरी राज के साथ महिलाओं की 3000 मीटर स्पीड स्केटिंग रिले में भारत को कांस्य दिलाया था। 2023 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक के अलावा 2024 वर्ल्ड स्केट यूरोपियन सीरीज में रजत और कांस्य पदक जीते। इटली में आयोजित वर्ल्ड स्केट गेम्स 2024 में उन्होंने विश्व रैंकिंग में पांचवां स्थान हासिल किया।
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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रैक नहीं होने के कारण हीरल ने कोच राहुल कौशिक के साथ रात में खाली सड़कों पर अभ्यास किया। सुरक्षा के लिए पिता कार से पीछे चलते थे। ट्रैक अभ्यास के लिए मोहाली तक करीब 300 किलोमीटर का सफर भी करना पड़ता था। अब उनका सपना विश्व मंच पर भारत के लिए स्वर्ण जीतना और पोडियम पर राष्ट्रगान सुनना है।
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काजल कुमारी
नई दिल्ली। दिल्ली की सड़कों पर आधी रात तक स्केटिंग की प्रैक्टिस, सुरक्षा के लिए पीछे चलती पिता की कार और करीब 300 किलोमीटर दूर ट्रैक पर अभ्यास-इन संघर्षों को पार करते हुए 20 वर्षीय स्केटर हीरल साधु ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का टिकट हासिल किया है। एक से पांच सितंबर तक आयोजित इंडिया टीम सिलेक्शन ट्रायल में हीरल ने चार स्वर्ण पदक जीतकर वर्ल्ड स्केट गेम्स के लिए क्वालीफाई किया।
हीरल ने 500 मीटर रेस, 1000 मीटर रेस, 10 किलोमीटर प्वाइंट रोड रेस और 15 किलोमीटर एलिमिनेशन रोड रेस में स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वह 2016 से 2025 तक लगातार नेशनल चैंपियन रही हैं।
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हीरल की प्रमुख उपलब्धियों में 2023 हांग्झोऊ एशियन गेम्स का कांस्य पदक शामिल है। उन्होंने संजना बथुला, कार्तिका जगदीश्वरन और आरती कस्तूरी राज के साथ महिलाओं की 3000 मीटर स्पीड स्केटिंग रिले में भारत को कांस्य दिलाया था। 2023 एशियन चैंपियनशिप में रजत पदक के अलावा 2024 वर्ल्ड स्केट यूरोपियन सीरीज में रजत और कांस्य पदक जीते। इटली में आयोजित वर्ल्ड स्केट गेम्स 2024 में उन्होंने विश्व रैंकिंग में पांचवां स्थान हासिल किया।
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दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय स्तर का ट्रैक नहीं होने के कारण हीरल ने कोच राहुल कौशिक के साथ रात में खाली सड़कों पर अभ्यास किया। सुरक्षा के लिए पिता कार से पीछे चलते थे। ट्रैक अभ्यास के लिए मोहाली तक करीब 300 किलोमीटर का सफर भी करना पड़ता था। अब उनका सपना विश्व मंच पर भारत के लिए स्वर्ण जीतना और पोडियम पर राष्ट्रगान सुनना है।