किसान बोले- मांगें नहीं मानी गईं तो और सड़कें बंद करेंगे, हरियाणा सरकार ने कहा- यह लाहौर या कराची नहीं
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली कूच पर निकले किसान सातवें दिन उग्र हो गए हैं। दिल्ली-यूपी बॉर्डर पर उन्होंने बैरिकेड्स गिरा दिए। वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर अड़े हुए हैं। मंगलवार को सिंधु और टिकरी बॉर्डर के साथ-साथ नोएडा चिल्ला बॉर्डर को भी सील कर दिया गया। चिल्ला बॉर्डर की ओर से बड़ी संख्या में किसान दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे हैं। मंगलवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान संगठन के नेताओं और केंद्र सरकार के बीच बातचीत हुई, लेकिन इसमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकला। अब तीन दिसंबर को एक बार फिर वार्ता होगी। यहां पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़ा हर एक अपडेट...
लाइव अपडेट
सभी खाप किसानों के साथ हैं: नांदल खाप
हरियाणा के गांव बोहर, रोहतक में नांदल खाप द्वारा प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थन में मार्च निकाला गया। नांदल खाप के सचिव ने कहा कि हम इस किसान आंदोलन का समर्थन करते हैं। सभी खाप किसानों के साथ हैं। किसान प्रदर्शन पर बैठे हैं, हम उनके साथ ही बैठे हैं।केंद्र किसानों में फूट डालने का काम कर रहा है: दर्शन पाल
बुधवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए किसान नेता दर्शन पाल ने आरोप लगाया कि केंद्र किसान संगठनों में फूट डालने का काम कर रहा है, लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी किसान तीनों कृषि कानूनों को वापस लिए जाने तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे। कहा कि तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए केंद्र को संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए।मांगें नहीं मानी गईं तो और सड़कें बंद करेंगे
प्रदर्शनकारी किसानों ने बुधवार को कहा कि नए कृषि कानूनों को निरस्त करने के लिए केंद्र सरकार को संसद का विशेष सत्र आहूत करना चाहिए और अगर मांगें नहीं मानी गईं तो राष्ट्रीय राजधानी की और सड़कों को अवरुद्ध किया जाएगा।लाहौर या कराची नहीं, ये देश की राजधानी है: जे.पी. दलाल
मैं सभी किसान भाइयों से कहूंगा कि सद्बुद्धि से काम लें, वार्ता करें। ये अच्छी बात नहीं है कि दिल्ली का पानी बंद कर देंगे, दिल्ली के रास्ते बंद कर देंगे, दिल्ली को घेर कर बैठ जाएंगे। ये लाहौर या कराची नहीं है, ये देश की राजधानी है: हरियाणा के कृषि मंत्री जे.पी. दलाल #FarmerProtest pic.twitter.com/hreEQYseFs
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 2, 2020
खोला गया कालिंदी कुंज बॉर्डर
किसानों के आंदोलन के बीच करीब दो घंटे तक बंद रहने के बाद कालिंदी कुंज बॉर्डर को यातायात के लिए खोल दिया गया है। अब यहां पहले की तरह ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो गई है।Traffic Alert
— Delhi Traffic Police (@dtptraffic) December 2, 2020
Kalindi Kunj Border is open for traffic movement.
COVID PRECAUTIONS
WEAR MASK, MAINTAIN SOCIAL DISTANCING, KEEP HAND HYGIENE.
'कल महाराष्ट्र के हर जिले में करेंगे पुतला दहन'
लोक संघर्ष मोर्चा की नेता प्रतिभा शिंदे ने कहा कि हम कल महाराष्ट्र के हर जिले में और गुजरात में पांच दिसंबर को केंद्र के विरोध में पुतले दहन करेंगे। कल सरकार के लिए अंतिम मौका है कि वह कानूनों को निरस्त करने का निर्णय ले अन्यथा यह आंदोलन बहुत बड़ा हो जाएगा और सरकार गिर जाएगी।We'll burn effigies in every district of Maharashtra tomorrow & on 5th Dec in Gujarat to protest against Centre. Tomorrow is last chance for govt to take decision to repeal the laws otherwise this movement will become huge & govt will fall: Pratibha Shinde, Lok Sangharsh Morcha pic.twitter.com/VlGpQgRfPU
— ANI (@ANI) December 2, 2020
हम किसानों की चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार हैं: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैं किसानों से अपील करता हूं कि कानून उनके हित में है और उसमें यह संशोधन लंबे इंतजार के बाद किए गए हैं, लेकिन अगर उन्हें इस पर कोई आपत्ति है तो हम उनकी चिंताओं को दूर करने के लिए तैयार हैं।I appeal to the farmers that the laws are in their interest and the reforms have been done after a long wait, but if they have any objection to it then we are ready to address their concerns: Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar
— ANI (@ANI) December 2, 2020
नोएडाः प्रदर्शनकारी किसानों को अंबेडकर मेमोरियल पार्क में किया शिफ्ट
इस पर भाकियू(लोक शक्ति) के अध्यक्ष स्वराज सिंह ने कहा कि हम रोड पर नहीं बैठे हैं। प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर और जवान तैनात कर हमारा रास्ता रोक दिया है। हम इस जगह को अस्थायी जेल मानते हैं जहां हमें गिरफ्तार कर रखा गया है। हम दिल्ली जाएंगे, जब हमें छोड़ दिया जाएगा।
Noida: Administration shifts protesting farmers to Dr Ambedkar Memorial Park from Mahamaya flyover road, where they had gathered from different areas of UP.
"Since protesters were sitting on road causing traffic jam, we've to shift them here," says Noida DCP Rajesh Kumar Singh. pic.twitter.com/u05h0LQLp3
— ANI UP (@ANINewsUP) December 2, 2020
कल तक सरकार ने नहीं लिया कोई निर्णय तो ट्रांसपोर्टर जाएंगे देशव्यापी हड़ताल पर
संयुक्त किसान मोर्चा ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस, कहा- सरकार हमेंं आपस में लड़ाना चाहती है
इसके साथ ही किसान संगठनों ने कलाकारों और खिलाड़ियों को आंदोलन को समर्थन देने के लिए शुक्रिया कहा है। इसके साथ ही किसान नेताओं ने सात दिसंबर को खिलाड़ियों और कलाकारों से अवार्ड वापसी का आह्वान किया है।