किसान आंदोलन स्थगित: सरकार के आश्वासन के बाद किसानों ने मनाई खुशियां, तंबू उखाड़ने शुरू
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को एक-दूसरे को मिठाई खिलाते देखा गया। इस दौरान कई किसान अपने तंबू उखाड़ते भी नजर आए। किसानों का कहना है कि वे अब अपने घर जा सकेंगे।
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विभिन्न मुद्दों पर केंद्र सरकार से सहमति होने के बाद गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आंदोलन स्थगित करने के फैसला कर लिया। इसके बाद दिल्ली के विभिन्न बॉर्डरों पर रुके हुए किसान इसे अपनी जीत मानते हुए खुशियां मना रहे हैं।
गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को एक-दूसरे को मिठाई खिलाते देखा गया। इस दौरान कई किसान अपने तंबू उखाड़ते भी नजर आए। किसानों का कहना है कि वे अब अपने घर जा सकेंगे।
इस बीच किसानों के जाने की बात से स्थानीय लोग भी खुश हैं। इससे पिछले एक साल से लगभग बंद चल रहे उनके व्यापारिक कार्य बहाल हो सकेंगे। इसके अलावा दिल्ली आने-जाने वालों को भी काफी सहूलियत होगी। दिल्ली बॉर्डर पर रास्ते बंद होने के कारण सीमा पर रह रहे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
गाजीपुर किसान आंदोलन कमेटी के प्रवक्ता और संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य जगतार सिंह बाजवा ने कहा कि 11 दिसंबर से किसान आंदोलन स्थल को खाली करना शुरू करेंगे। इस बीच सीडीएस जनरल बिपिन रावत और अन्य बहादुर जवानों की शहादत पर दुख व्यक्त करते हुए आंदोलनकारी किसान किसी भी प्रकार का जश्न नहीं मनाएंगे। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से जो भी वायदे किए गए हैं, उनकी समीक्षा के लिए 15 जनवरी को फिर बैठक होगी, जिसमें अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जाएगी।