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किसानों ने सरकार के खिलाफ भरी हुंकार, ली संघर्ष की शपथ
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Thu, 26 Nov 2015 06:57 PM IST
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आईएमटी रोजकामेव के साथ लगते गांव महरौला में सैकड़ों किसानों ने बृहस्पतिवार को एक सामूहिक पंचायत करके अपना इरादा साफ कर दिया कि वे भाजपा सरकार और प्रशासन के सामने किसी कीमत पर घुटने टेकने वाले नहीं है।
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इन किसानों ने अपने बीवी-बच्चों को लेकर सड़क पर उतरने से भी गुरेज नहीं करने का दम भरा है। खास यह है कि पंचायत में नौ गांवों के सैकड़ों किसानों ने अपनी भावी पीढ़ी का हक मिलने तक अब संघर्ष करने की शपथ ली है।
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सामूहिक फैसला यह हुआ कि किसान अब नूंह में 30 नवंबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नाम उपायुक्त अशोक सांगवान को एक ज्ञापन सौंपेंगे।
इसमें सरकार और प्रशासन से वह शपथ पत्र खारिज करने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी, जो कि किसानों के बयान के अनुसार उनसे धोखे में लिए गए थे। इनकी मांग है कि उनको देश की किसी उच्च अदालत में अपना पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए।
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इस पंचायत की अध्यक्षता बुजुर्ग वली मोहम्मद खेड़ी कंकर ने की। इसमें रोजकामेव, खेड़ी कंकर, महरौला, रूपाहेड़ी, धीरधोका, रेवासन, खोड़ बसई, रोजकामेव और बेचिराग बहादरी गांव के सैकड़ों लोग शामिल हुए।
उन्होंने इन किसानों से अपने हक हासिल करने के लिए संगठित होकर लड़ाई लड़ने की अपील की। तैयब ने उनको यह आश्वासन भी दिया कि जहां उनकी गिरफ्तारी की जरूरत पड़ेगी, तब भी वह पीछे नहीं हटेंगे।
तैयब ने इन किसानों को इस मुद्दे पर अपना पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की। पंचायत ने आगामी सोमवार को इस मामले पर किसानों की नई संघर्ष समिति की घोषणा कर दिए जाने की बात भी कही।
बता दें कि 30 नवंबर को ज्ञापन सौंपने के तुरंत बाद प्रशासन व सरकार के अगले कदम के बाद स्थानीय किसान एक महापंचायत भी आईएमटी रोजकामेव के समीप बुलाने का इरादा रखते हैं।
30 नवंबर को रोजकामेव क्षेत्र के नौ गांवों के किसान अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। इस दिन डीसी मेवात को ज्ञापन सौंपने से पहले उपायुक्त व किसान नेताओं के बीच हुए समझौते की प्रतियां जलाने का भी निर्णय लिया गया है।