फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   farmer agitation effecting vegetable market, price rise

फल-सब्जियों पर किसान आंदोलन का असर, महंगी हुई सब्जियां

Tue, 13 Jun 2017 11:17 PM IST
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद
ऐहतेशाम उद्दीन अहमद/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Tue, 13 Jun 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
farmer agitation effecting vegetable market, price rise
ताजी सब्जी और फल

मध्य प्रदेश के मंदसौर में चल रहे किसान आंदोलन का असर फल-सब्जी की थोक मंडियों पर दिखने लगा है। आवक प्रभावित होने से फल-सब्जियों के दाम में इजाफा दर्ज किया गया है। टमाटर के भाव दस रुपये किलो तक चढ़ गए हैं तो प्याज, नींबू, अनार की आवक ठप होने पर इनके दाम भी बढने के आसार हैं।

विज्ञापन


अभी स्टॉक होने और मांग ज्यादा न होने की वजह से अन्य सब्जियों के दाम में फर्क नहीं है लेकिन आवक कमजोर होने पर उनके भी दाम बढने की संभावना से आढ़ती इनकार नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन


डबुआ मंडी के बड़े आढ़तियों में शुमार किए जाने वाले कविंद्र भागना ने बताया कि टमाटर की आवक रतलाम से होती है। किसान आंदोलन की वजह से टमाटर की आवक काफी कमजोर पड़ी गई है, यही वजह है कि इसके दाम फुटकर में तीस रुपये किलो तक जा पहुंचे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीजन होने के बावजूद टमाटर के दाम बढने की वजह आपूर्ति कम होना ही है। उन्होंने बताया कि आंदोलन से पहले टमाटर का फुटकार भाव दस रुपये किलो तक था। डबुआ मंडी के ही कुलदीप रत्रा उर्फ राजू आढ़ती ने बताया कि मंडी में महाराष्ट्र से आने वाले फल अनार, नींबू की आवक कम हो रही है, फिलहाल आढ़त में स्टॉक है इस वजह से दाम में कुछ खास फर्क नहीं है, अगर किसान आंदोलन ज्यादा दिन खिंचा और फैला तो जल्द ही इन फलों के दाम भी आसमान छूने लगेंगे।

ओल्ड फरीदाबाद मंडी के फल आढ़ती पूरनलाल ने बताया कि लीची, अनार, आम आदि की आपूर्ति किसान आंदोलन की वजह से बंद है। लीची गुजरात से नहीं आ पा रही है आंदोलन शुरू होने से पहले 80-90 रुपये प्रति किलो बिकने वाली लीची अब 120-150 रुपये में हो गई है।

मैंगो शेक के लिए इस्तेमाल होने वाला विजयवाड़ा का आम भी बीस रुपये किलो तक महंगा हो गया है। डबुआ मंडी के ही आढ़ती शिवम ने बताया कि शोलापुर से प्याज और आलू की आवक कम है।


आलू तो मथुरा, आगरा से आ रहा है लेकिन प्याज की आवक जल्द नहीं शुरू हुई तो मुश्किल होगी। उनका भी मानना है कि यदि किसान आंदोलन लंबा खिंचा तो गुजरात, महाष्ट्र, मध्य प्रदेश से आने वाली फल सब्जियों की आवक ठप होगी जिससे इनकी कीमत बढ़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed