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Faridabad News: ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में योग पर होगा शोध, लैब तैयार
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मेडिकल कॉलेज में रोजाना एक घंटे लगेंगी योग कक्षाएं
ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में योग पर होगा शोध; लैब तैयार, मरीजों को योग कराकर छह माह रखा जाएगा निगरानी में
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। देश में योग के प्रति लोगों की बढ़ती रूचि को देखते हुए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में योग पर शोध शुरू करने की तैयारी की गई है। इसके तहत अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ कॉलेज के छात्रों की प्रतिदिन एक-एक घंटे कक्षाएं लगाई जाएंगी। छह माह तक उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए कॉलेज परिसर में महर्षि पतंजलि योगशाला एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो निश्चित तौर पर यहां एलोपैथी व नेचुरोपैथी का एक अनोखा संगम देखने को मिलेगा। इसका सीधा असर असाध्य बीमारियों में मरीजों पर दिखाई देगा। इसके साथ ही योग चिकित्सक भी तैयार किए जाएंगे।
एनआईटी-तीन स्थित अस्पताल में फरीदाबाद समेत नोएडा, गुरुग्राम, होडल, हथीन, पलवल, सोनीपत, रेवाड़ी सहित अन्य जिलों से करीब 4500 मरीज रोजाना इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई गंभीर बीमारियों के रोगी भी शामिल होते हैं। दूसरी तरफ गंभीर बीमारियां लगातार लोगों को गिरफ्त में ले रही है। शोध में लगातार बढ़ रही उन बीमारियों को लिया जाएगा, जो अधिक संख्या में लोगों को जकड़ रही है।
मेडिकल कॉलेज में होने वाली शोध मुख्य रूप से तीन विषयों पर फोकस होगी। इसमें हृदय, मधुमेह, गुर्दा, मानसिक बीमारियां के मरीजों और उनके परिजनों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेज के छात्रों को भी शोध का हिस्सा बनाया जाएगा। योगशाला में नियमित रूप से एक-एक घंटे योग कक्षाएं लगाई जाएंगी। इसके बाद शरीर में होने वाले बदलाव पर नजर रखी जाएगी। शोध में देखा जाएगा कि मरीज को योग से कितना लाभ प्राप्त हुआ है, क्या-क्या नए बदलाव आए हैं। छह माह तक निगरानी के बाद मिलने वाले परिणामों को इलाज में शामिल किया जाएगा।
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स्वस्थ शरीर के लिए योग बेहद जरूरी है। इसे वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित करने के लिए मेडिकल कॉलेज में योग पर शोध शुरू किया जाएगा। शोध के परिणामों के आधार पर अस्पताल नेचुरोपैथी सेंटर को बढ़ावा दिया जा सकता है। - प्रो. डॉ. अनिल पांडे, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
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ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज में योग पर होगा शोध
धनंजय चौहान
फरीदाबाद। देश में योग के प्रति लोगों की बढ़ती रूचि को देखते हुए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में योग पर शोध शुरू करने की तैयारी की गई है। इसके तहत अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ कॉलेज के छात्रों की प्रतिदिन एक-एक घंटे कक्षाएं लगाई जाएंगी। छह माह तक उनके स्वास्थ्य पर नजर रखी जाएगी। इसके लिए कॉलेज परिसर में महर्षि पतंजलि योगशाला एवं अनुसंधान केंद्र की स्थापना की गई है। यदि यह प्रयोग सफल होता है तो निश्चित तौर पर यहां एलोपैथी व नेचुरोपैथी का एक अनोखा संगम देखने को मिलेगा। इसका सीधा असर असाध्य बीमारियों में मरीजों पर दिखाई देगा। इसके साथ ही योग चिकित्सक भी तैयार किए जाएंगे।
एनआईटी-तीन स्थित अस्पताल में फरीदाबाद समेत नोएडा, गुरुग्राम, होडल, हथीन, पलवल, सोनीपत, रेवाड़ी सहित अन्य जिलों से करीब 4500 मरीज रोजाना इलाज के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई गंभीर बीमारियों के रोगी भी शामिल होते हैं। दूसरी तरफ गंभीर बीमारियां लगातार लोगों को गिरफ्त में ले रही है। शोध में लगातार बढ़ रही उन बीमारियों को लिया जाएगा, जो अधिक संख्या में लोगों को जकड़ रही है।
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मेडिकल कॉलेज में होने वाली शोध मुख्य रूप से तीन विषयों पर फोकस होगी। इसमें हृदय, मधुमेह, गुर्दा, मानसिक बीमारियां के मरीजों और उनके परिजनों को शामिल किया जाएगा। इसके साथ ही कॉलेज के छात्रों को भी शोध का हिस्सा बनाया जाएगा। योगशाला में नियमित रूप से एक-एक घंटे योग कक्षाएं लगाई जाएंगी। इसके बाद शरीर में होने वाले बदलाव पर नजर रखी जाएगी। शोध में देखा जाएगा कि मरीज को योग से कितना लाभ प्राप्त हुआ है, क्या-क्या नए बदलाव आए हैं। छह माह तक निगरानी के बाद मिलने वाले परिणामों को इलाज में शामिल किया जाएगा।
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स्वस्थ शरीर के लिए योग बेहद जरूरी है। इसे वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित करने के लिए मेडिकल कॉलेज में योग पर शोध शुरू किया जाएगा। शोध के परिणामों के आधार पर अस्पताल नेचुरोपैथी सेंटर को बढ़ावा दिया जा सकता है। - प्रो. डॉ. अनिल पांडे, चिकित्सा अधीक्षक, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल