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Faridabad News: लकड़ी की बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां बनी आकर्षण का केंद्र
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अरावली की वादियों में 39वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला शनिवार से सज चुका है। मेले में करीब 35 से अधिक देशों के कारीगर भाग ले रहे हैं। मेले का पहला दिन होने की वजह से पर्यटकों की संख्या कम देखने को मिली, लेकिन मेला परिसर में सचिवालय के पीछे खुले स्थान पर ऊंची-ऊंची लकड़ी की बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
कुछ पर्यटक इन मूर्तियों के साथ सेल्फी ले रहे हैं तो कुछ इनकी खरीदारी कर रहे है। कर्नाटक से आए हस्तशिल्पी विनोद कुमार मेला परिसर में अपनी कलाकृतियों को लेकर आए हैं। अधिकांश कलाकृतियां नीम की लकड़ी पर नक्काशी करके बनाई गई हैं। हालांकि, कुछ कलाकृतियां शिवनी और सारंग जैसी लकड़ियों से भी बनाई गई है। विनोद कुमार ने बताया कि उनकी तीसरी पीढ़ी यह कार्य कर रही है। इस कलाकारी की शुरूआत उनके दादा ने की थी। उन्होंने बताया कि उनके पास 500 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की मूर्तियां हैं।
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फरीदाबाद। अरावली की वादियों में 39वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड मेला शनिवार से सज चुका है। मेले में करीब 35 से अधिक देशों के कारीगर भाग ले रहे हैं। मेले का पहला दिन होने की वजह से पर्यटकों की संख्या कम देखने को मिली, लेकिन मेला परिसर में सचिवालय के पीछे खुले स्थान पर ऊंची-ऊंची लकड़ी की बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
कुछ पर्यटक इन मूर्तियों के साथ सेल्फी ले रहे हैं तो कुछ इनकी खरीदारी कर रहे है। कर्नाटक से आए हस्तशिल्पी विनोद कुमार मेला परिसर में अपनी कलाकृतियों को लेकर आए हैं। अधिकांश कलाकृतियां नीम की लकड़ी पर नक्काशी करके बनाई गई हैं। हालांकि, कुछ कलाकृतियां शिवनी और सारंग जैसी लकड़ियों से भी बनाई गई है। विनोद कुमार ने बताया कि उनकी तीसरी पीढ़ी यह कार्य कर रही है। इस कलाकारी की शुरूआत उनके दादा ने की थी। उन्होंने बताया कि उनके पास 500 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक की मूर्तियां हैं।
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