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Faridabad News: महिलाओं ने पकड़ी आत्मनिर्भरता की राह
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28 को मिला स्वरोजगार ऋण, कारोबार बढ़ाने में मिली मदद
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पति का साथ छूटने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह भी चुनौती बन जाती है।
ऐसे समय में हरियाणा महिला विकास निगम की विधवा अनुदान योजना इन महिलाओं के लिए उम्मीद का सहारा बन रही है। इस योजना के तहत पिछले छह महीनों में फरीदाबाद मंडल की 28 महिलाओं को ऋण मिला है। जिससे किसी ने नया काम शुरू करने तो किसी ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने की राह पकड़ी है। फरीदाबाद जिले की रहने वाली 45 वर्षीय पूजा के लिए कारोबार बढ़ाने की राह आसान नहीं थी। सीमित पूंजी के कारण वह चाहकर भी अपने काम का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। घर की जिम्मेदारियों के बीच कारोबार को आगे बढ़ाने की चिंता भी बनी रहती थी। ऐसे समय में हरियाणा महिला विकास निगम से मिला ऋण उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया। ऋण की मदद से अब वह अपने कारोबार को विस्तार देने की तैयारी कर रही हैं। पूजा बताती हैं कि उनकी कॉस्मेटिक की दुकान है। पहले पूंजी की कमी के कारण कई जरूरी काम रोकने पड़ते थे, लेकिन अब उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने का भरोसा मिला है। उनके लिए निगम से मिली यह आर्थिक मदद महज एक ऋण नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर है। कारोबार बढ़ने से उन्हें अपनी आमदनी मजबूत करने और परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने की उम्मीद है। पिछले छह महीनों में फरीदाबाद जिले की 17 महिलाओं को योजना के तहत ऋण मिला है। वहीं पलवल जिले की सात और नूंह जिले की चार महिलाओं को भी इसका लाभ लिया है। इस तरह तीनों जिलों में कुल 28 महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचा है।
छोटे कारोबार से परिवार संभालने की कोशिश
विधवा ऋण योजना का उद्देश्य पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट का सामना कर रहीं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। ऋण के माध्यम से महिलाएं छोटा कारोबार शुरू कर सकती हैं या पहले से चल रहे काम का विस्तार कर सकती हैं। इससे उन्हें परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करने और बच्चों की जिम्मेदारी संभालने में मदद मिलती है।
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वर्जन--
विधवा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजना के तहत स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले छह महीनों में फरीदाबाद मंडल की 28 महिलाओं को ऋण दिया गया है। निगम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। -देश राज, जिला प्रबंधक, हरियाणा महिला विकास निगम
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पति का साथ छूटने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां संभालना किसी भी महिला के लिए आसान नहीं होता। बच्चों की पढ़ाई, घर का खर्च और रोजमर्रा की जरूरतों के बीच आर्थिक आत्मनिर्भरता की राह भी चुनौती बन जाती है।
ऐसे समय में हरियाणा महिला विकास निगम की विधवा अनुदान योजना इन महिलाओं के लिए उम्मीद का सहारा बन रही है। इस योजना के तहत पिछले छह महीनों में फरीदाबाद मंडल की 28 महिलाओं को ऋण मिला है। जिससे किसी ने नया काम शुरू करने तो किसी ने अपने कारोबार को आगे बढ़ाने की राह पकड़ी है। फरीदाबाद जिले की रहने वाली 45 वर्षीय पूजा के लिए कारोबार बढ़ाने की राह आसान नहीं थी। सीमित पूंजी के कारण वह चाहकर भी अपने काम का विस्तार नहीं कर पा रही थीं। घर की जिम्मेदारियों के बीच कारोबार को आगे बढ़ाने की चिंता भी बनी रहती थी। ऐसे समय में हरियाणा महिला विकास निगम से मिला ऋण उनके लिए नई उम्मीद लेकर आया। ऋण की मदद से अब वह अपने कारोबार को विस्तार देने की तैयारी कर रही हैं। पूजा बताती हैं कि उनकी कॉस्मेटिक की दुकान है। पहले पूंजी की कमी के कारण कई जरूरी काम रोकने पड़ते थे, लेकिन अब उन्हें अपने काम को आगे बढ़ाने का भरोसा मिला है। उनके लिए निगम से मिली यह आर्थिक मदद महज एक ऋण नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का अवसर है। कारोबार बढ़ने से उन्हें अपनी आमदनी मजबूत करने और परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने की उम्मीद है। पिछले छह महीनों में फरीदाबाद जिले की 17 महिलाओं को योजना के तहत ऋण मिला है। वहीं पलवल जिले की सात और नूंह जिले की चार महिलाओं को भी इसका लाभ लिया है। इस तरह तीनों जिलों में कुल 28 महिलाओं तक योजना का लाभ पहुंचा है।
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छोटे कारोबार से परिवार संभालने की कोशिश
विधवा ऋण योजना का उद्देश्य पति की मृत्यु के बाद आर्थिक संकट का सामना कर रहीं महिलाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। ऋण के माध्यम से महिलाएं छोटा कारोबार शुरू कर सकती हैं या पहले से चल रहे काम का विस्तार कर सकती हैं। इससे उन्हें परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करने और बच्चों की जिम्मेदारी संभालने में मदद मिलती है।
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वर्जन
विधवा महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजना के तहत स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले छह महीनों में फरीदाबाद मंडल की 28 महिलाओं को ऋण दिया गया है। निगम का उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। -देश राज, जिला प्रबंधक, हरियाणा महिला विकास निगम