चिंताजनक: बदलती जीवनशैली से थायराइड की शिकार हो रहीं महिलाएं, जानें कैसे इस बीमारी को किया जा सकता नियंत्रित
नागरिक अस्पताल में थायराइड से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित महिलाओं की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है। बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और बढ़ते तनाव के कारण महिलाएं जांच और उपचार के लिए बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रही हैं।
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जिला नागरिक अस्पताल में इन दिनों थायराइड से जुड़ी समस्याओं को लेकर महिलाओं की आवाजाही बढ़ती नजर आ रही है। पिछले दिनों की तुलना में मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि बदलती जीवनशैली, असंतुलित खानपान और बढ़ते तनाव के कारण महिलाएं जांच व उपचार के लिए बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रही हैं।
जानकारी के अनुसार, हाल के दिनों में अस्पताल में थायराइड संबंधी शिकायतों के साथ आने वाली महिला मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। जांच कराने पहुंच रहीं महिलाओं में हार्मोन असंतुलन, वजन में उतार-चढ़ाव, थकान तथा अनियमित मासिक धर्म जैसी समस्याएं प्रमुख रूप से सामने आ रही हैं। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर जांच और उपचार से इस बीमारी को नियंत्रित किया जा सकता है।
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. अपर्णा गुप्ता ने बताया कि बदलती जीवनशैली, तनाव और पोषण की कमी थायराइड बढ़ने के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार और सक्रिय दिनचर्या अपनाने से जोखिम कम किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि वायरल संक्रमण, लंबे समय तक तनाव, प्रसव के बाद शरीर में बदलाव, आयोडीन की कमी तथा हार्मोनल असंतुलन थायराइड के प्रमुख कारण हैं। इससे गर्दन में सूजन, दर्द, सांस लेने में दिक्कत और प्रजनन चक्र पर असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों ने जागरूकता और समय पर जांच को जरूरी बताते हुए लक्षणों को नजरअंदाज न करने की अपील की है।