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Faridabad News: परिवार से मारपीट मामले में गवाह बयान से मुकरे, तीनों युवक बरी
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तिगांव थाने में 17 मार्च 2025 को दर्ज हुई थी एफआईआर
पुलिस ने तीन लोगों राहुल, ब्रिजेश व आदित्य को आरोपी बना चालान किया था पेश
जिला अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए तीनों को बरी किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। तिगांव थाना इलाके में साल 2025 में होली के दिन 14 मार्च को झगड़े में परिवार को पीटने के मामले में सभी अहम गवाह बयान से मुकर गए। अदालत में गवाही के दौरान आरोपी बनाए गए तीनों लोगों को इन गवाहों ने पहचानने से इंकार कर दिया। गवाहों ने कहा कि ये वो लोग नहीं है, जिन्होंने मारपीट की थी। सभी अहम गवाहों के मुकरने के बाद शुक्रवार को सेशन जज संदीप गर्ग की अदालत ने तीनों लोगों राहुल, ब्रिजेश व आदित्य को बरी कर दिया।
तिगांव थाना में ये एफआईआर 17 मार्च 2025 को दर्ज हुई थी। मामले में सुभाषचंद ने पुलिस को शिकायत दी कि 14 मार्च को होली के दिन आदित्य अपने साथियों के साथ तालाब के पास बैठकर शराब पी रहा था। शाम लगभग 7 बजे सुभाषचंद का बेटा पंकज वहां से जा रहा था तो आरोपियों ने मारपीट कर उसे गंदे नाले में फेंक दिया। पता चलने पर परिवार के लोग वहां पहुंचे और पंकज को नाले से बाहर निकाला व घर आ गए। बाद में आरोपी फिर से आए और परिवार के अन्य लोगों से भी मारपीट की गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच करते हुए तीन लोगों राहुल, बृजेश और आदित्य को आरोपी बनाते हुए इनके खिलाफ चालान अदालत में पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने शिकायतकर्ता सहित कुल आठ गवाह अदालत में पेश किए। इनमें सभी घायल और प्रत्यक्षदर्शी शामिल थे। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और सभी घायल गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से पलट गए। गवाहों ने आरोपियों की पहचान करने से भी इंकार कर दिया और कहा कि मारपीट करने वाले लोग कोई और थे।
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अदालत ने माना कि जब मुख्य गवाह ही अभियोजन का साथ नहीं दे रहे हैं, तो आरोपियों को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा। अदालत ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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पुलिस ने तीन लोगों राहुल, ब्रिजेश व आदित्य को आरोपी बना चालान किया था पेश
जिला अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए तीनों को बरी किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। तिगांव थाना इलाके में साल 2025 में होली के दिन 14 मार्च को झगड़े में परिवार को पीटने के मामले में सभी अहम गवाह बयान से मुकर गए। अदालत में गवाही के दौरान आरोपी बनाए गए तीनों लोगों को इन गवाहों ने पहचानने से इंकार कर दिया। गवाहों ने कहा कि ये वो लोग नहीं है, जिन्होंने मारपीट की थी। सभी अहम गवाहों के मुकरने के बाद शुक्रवार को सेशन जज संदीप गर्ग की अदालत ने तीनों लोगों राहुल, ब्रिजेश व आदित्य को बरी कर दिया।
तिगांव थाना में ये एफआईआर 17 मार्च 2025 को दर्ज हुई थी। मामले में सुभाषचंद ने पुलिस को शिकायत दी कि 14 मार्च को होली के दिन आदित्य अपने साथियों के साथ तालाब के पास बैठकर शराब पी रहा था। शाम लगभग 7 बजे सुभाषचंद का बेटा पंकज वहां से जा रहा था तो आरोपियों ने मारपीट कर उसे गंदे नाले में फेंक दिया। पता चलने पर परिवार के लोग वहां पहुंचे और पंकज को नाले से बाहर निकाला व घर आ गए। बाद में आरोपी फिर से आए और परिवार के अन्य लोगों से भी मारपीट की गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच करते हुए तीन लोगों राहुल, बृजेश और आदित्य को आरोपी बनाते हुए इनके खिलाफ चालान अदालत में पेश किया।
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मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने शिकायतकर्ता सहित कुल आठ गवाह अदालत में पेश किए। इनमें सभी घायल और प्रत्यक्षदर्शी शामिल थे। सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता और सभी घायल गवाह अपने पहले दिए गए बयानों से पलट गए। गवाहों ने आरोपियों की पहचान करने से भी इंकार कर दिया और कहा कि मारपीट करने वाले लोग कोई और थे।
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अदालत ने माना कि जब मुख्य गवाह ही अभियोजन का साथ नहीं दे रहे हैं, तो आरोपियों को दोषी ठहराना न्यायसंगत नहीं होगा। अदालत ने तीनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।