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शहर को स्वच्छ बनाने के लिए आगे आना होगा : उपायुक्त
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उपायुक्त यशपाल यादव ।
- फोटो : Faridabad
फरीदाबाद। स्वच्छता के मुद्दे पर सेक्टर-12 एचएसवीपी कन्वेंशन सेंटर में बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में उद्योगपतियों और समाजसेवी संस्थाओं ने हिस्सा लिया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त व नगर निगम आयुक्त यशपाल ने की। उन्होंने कहा कि शहर में मौजूदा समय में कूड़ा प्रबंधन हमारे लिए एक सबसे बड़ी समस्या है। फिलहाल हम 40 प्रतिशत घरों के कूड़े को ही घर-घर जाकर इकट्ठा कर पा रहे हैं। वहीं सीवरेज व्यवस्था को भी हम बेहतर ढंग से नहीं संभाल पा रहे हैं। ऐसे में हमें ठोस और तरल कूड़ा प्रबंधन को लेकर सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों, उद्योगपतियों, सीएसआर, सामाजिक धार्मिक एवं शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ मिलकर एक साझा प्रयास के तहत काम करना होगा।
उपायुक्त यशपाल ने बताया कि हमारा पहला प्रयास शहर को कूड़ा मुक्त बनाना है। हम नगर निगम के अपने संसाधनों को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास मौजूदा समय में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा घर-घर से उठाने के लिए वाहनों की कमी है। इसको हम सीएसआर स्कीम के तहत और लोगों के सहयोग से पूरा करेंगे। आईओसीएल इस काम के लिए सबसे पहले आगे आई है और उन्होंने 24 लाख रुपये की लागत से 25 ई-रिक्शा नगर निगम को मुहैया करवाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सीवर सफाई के लिए एक रोबोटिक मशीन देने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हमारे पास 230 वाहन हैं और हमें 450 से ज्यादा वाहनों की जरूरत है।
शहर में ठोस कूड़ा प्रबंधन को लेकर नगर निगम की योजना के संबंध में बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी 40 वार्डों में अलग-अलग अधिकारियों को निगरानी के लिए नियुक्त किया गया है।
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स्कूलों में विद्यार्थियों को जागरूक करेंगे कि वह अपने घर जाकर बताएं कि सूखा कचरा व गीला कचरा अलग-अलग करने के क्या फायदे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 50 किलोग्राम से ज्यादा कूड़ा इकट्ठा करने वालों को खुद इसके निस्तारण की व्यवस्था भी करनी होगी। उन्होंने सभी से अपील की कि शहर के साफ करने में मदद करें। इस अवसर पर एसडीएम परमजीत चहल, एसडीएम बडखल पंकज सेतिया, सीएमजीजीए सहित नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद थे।
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उपायुक्त यशपाल ने बताया कि हमारा पहला प्रयास शहर को कूड़ा मुक्त बनाना है। हम नगर निगम के अपने संसाधनों को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास मौजूदा समय में सबसे बड़ी समस्या कूड़ा घर-घर से उठाने के लिए वाहनों की कमी है। इसको हम सीएसआर स्कीम के तहत और लोगों के सहयोग से पूरा करेंगे। आईओसीएल इस काम के लिए सबसे पहले आगे आई है और उन्होंने 24 लाख रुपये की लागत से 25 ई-रिक्शा नगर निगम को मुहैया करवाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही सीवर सफाई के लिए एक रोबोटिक मशीन देने का भी निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में हमारे पास 230 वाहन हैं और हमें 450 से ज्यादा वाहनों की जरूरत है।
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शहर में ठोस कूड़ा प्रबंधन को लेकर नगर निगम की योजना के संबंध में बताते हुए उन्होंने कहा कि सभी 40 वार्डों में अलग-अलग अधिकारियों को निगरानी के लिए नियुक्त किया गया है।
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स्कूलों में विद्यार्थियों को जागरूक करेंगे कि वह अपने घर जाकर बताएं कि सूखा कचरा व गीला कचरा अलग-अलग करने के क्या फायदे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन 50 किलोग्राम से ज्यादा कूड़ा इकट्ठा करने वालों को खुद इसके निस्तारण की व्यवस्था भी करनी होगी। उन्होंने सभी से अपील की कि शहर के साफ करने में मदद करें। इस अवसर पर एसडीएम परमजीत चहल, एसडीएम बडखल पंकज सेतिया, सीएमजीजीए सहित नगर निगम के अधिकारी भी मौजूद थे।