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हम क्षमा प्रार्थी हैं, आईसीयू और ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं...

Thu, 29 Apr 2021 10:40 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 29 Apr 2021 10:40 PM IST
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We apologize, ICU and oxygen beds are not available ...
फरीदाबाद। संक्रमितों की मदद के बजाय प्रशासन ने हाथ खड़े कर लिए हैं। स्थिति इतनी बिगड़ गई है कि जिले के एकमात्र कोविड अस्पताल बनाए गए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज ने संक्रमितों का उपचार न करने के लिए क्षमा प्रार्थी का पोस्टर गेट-2 के आगे टांग दिया है। जिसमें उन्होंने बताया है कि आईसीयू और ऑक्सीजन बेड उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में लोग हैरत में हैं कि कैसे प्रशासन और अस्पताल अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं।
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बृहस्पतिवार को ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज गेट पर क्षमा प्रार्थी पोस्टर देख एनआईटी निवासी लव शर्मा भड़क गए। लव का आरोप है कि उनके दोस्त के पिता की तबीयत बुधवार देर रात खराब हुई थी। वह गंभीर हालत में पहुंच गए। इस बीच किसी तरह उन्हें बीके अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां केवल ऑक्सीजन पर मरीज को रखा गया। दवाएं नहीं मिली। ऐसे में ईएसआईसी अस्पताल प्रबंधन से गुजारिश कर भर्ती करने की इजाजत मांगी। हां, में जवाब मिलने पर लव व उसके दोस्त ने उन्हें बीके अस्पताल से छुट्टी दिला दी। वहीं, बुजुर्ग को भर्ती कराने ईएसआईसी पहुंचे तो उन्हें वापस लौटा दिया गया। संक्रमित गेट पर ही बच्चों के साथ भर्ती होने का इंतजार करता रहा।
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दूसरा मामला एनआईटी निवासी महेश सिंह का है। उनका आरोप है कि उनके पिता अस्पताल में भर्ती होने के लिए चक्कर काटते रहे, लेकिन भर्ती न करने की क्षमता का पोस्टर लगाकर उन्हें वापस लौटा दिया गया। निजी अस्पताल में जगह नहीं है। सरकारी अस्पताल पोस्टर लगाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। यह हाल तब है जब प्रधानमंत्री का दावा है कि 80 फीसदी मामले घर पर ही स्वस्थ हो रहे हैं।
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14 फीसदी ही हैं अस्पताल में भर्ती
संक्रमण के आंकड़े हर दिन बढ़ रहे हैं, लेकिन एक सच यह भी है कि जिला स्तर पर महज 13 फीसदी मामले ही अस्पताल में उपचाराधीन हैं, शेष मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से होम आइसोलेट कर दिया गया है। बृहस्पतिवार शाम तक जिले में करीब साढ़े ग्यारह हजार मामले उपचाराधीन थे। इसमें से महज 1720 ही अस्पताल में भर्ती थे। वहीं, करीब 600 लोगों को ऑक्सीजन और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। इसमें से 93 मामले ही ऐसे थे जिन्हें जिले के अस्पतालों में वेंटिलेटर पर रखा गया। बावजूद इसके ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज व बीके अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने की क्षमता खत्म हो गई। इसमें ईएसआईसी अस्पताल ने क्षमा प्रार्थी पोस्टर गेट पर लटका दिया। वहीं, बीके सिविल अस्पताल सहित शहर के निजी अस्पताल मरीजों को भर्ती करने से ही मौखिक रूप से इंकार कर दे रहे हैं।

वर्जन-
आईसीयू में 45 लोगों की भर्ती करने की क्षमता है। इससे दोगुने करीब 90 मरीज यहां उपचार ले रहे हैं। ऑक्सीजन बेड की क्षमता 200 लोगों के उपचार की है। वह भी फुल हैं। अब अस्पताल में बेड नहीं है। कुछ कह नहीं सकते कि कब तक हालात में सुधार आएगा। अस्पताल की क्षमता से अधिक मरीजों को भर्ती नहीं कर सकते। - असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज
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