{"_id":"68e6aeba8e160cd5dc0e596b","slug":"waterlogging-in-the-fields-in-garhi-patti-has-stalled-sowing-on-500-acres-of-land-faridabad-news-c-24-1-gr11004-118398-2025-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: गढ़ी पट्टी में खेतों में जलभराव से 500 एकड़ जमीन पर फंसी बुवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: गढ़ी पट्टी में खेतों में जलभराव से 500 एकड़ जमीन पर फंसी बुवाई
विज्ञापन
बारिश के पानी से फसलें बर्बाद, मुख्यमंत्री को पत्र लिख समस्या से निजात दिलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र के गांव गढ़ी पट्टी में मानसून के दौरान हुई बारिश से लगभग चार सौ से पांच सौ एकड़ जमीन पर जलभराव हो गया है। पिछले चार महीने से बारिश के मौसम में भरा यह पानी अब तक नहीं निकल पाया है। इस कारण किसानों की फसल की बुवाई अधर में लटक गई है जबकि किसानों की पिछली फसल भी बारिश के पानी की भेंट चढ़ गई। वहीं, प्रशासन ने पानी निकासी के लिए बिजली के पोल खड़े कर दिए लेकिन पोल पर तार नहीं लग पाए। किसानों ने इस मामले में मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिख जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। वहीं, एसडीएम बैलिना लोहान ने कहा कि उन्होंने किसानों की समस्या के समाधान के लिए गांव का दौरा किया है। जल्द सिंचाई विभाग के अधिकारी मोटर लगाकर पानी निकलवा देंगे।
गौरतलब है कि क्षेत्र में बरसाती सीजन के दौरान हुई बारिश से लगातार नीचे इलाकों में जलभराव होने से किसानों की रोजी रोटी पर खतरा मंडरा गया है। बारिश के चलते दर्जनों गांवों में जलभराव हो गया जिसमें गांव गढ़ी पट्टी भी शामिल हैं। गांव के काछी खेड़ा क्षेत्र के जंगल में लगभग चार सौ से पांच सौ एकड़ खेती की जमीन में बारिश का तीन से चार फीट पानी एकत्रित हो गया है जिसके चलते किसानों के सामने खेतों में जलभराव हो गया। इसके चलते अब किसानों के खेतों में रबी की फसलों की बिजाई का संकट खड़ा हो गया।
किसान सुखबीर, सुग्रीव, राजवीर, श्यामलाल मेंबर , भूदेव, वेदूपाल, बाबू , विष्णु, नेतन, कृष्ण गोपाल, रणजीत, राजू, विजय पाल आदि ने बताया कि बारिश के कारण उनकी बाजरा, कपास, ज्वार और ईख की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई लेकिन अब गेहूं की बिजाई के समय खेतों में पानी भरा खड़ा है। इस मामले में उन्होंने जिला प्रशासन से पानी निकालने की गुहार लगाई थी। इसके बाद प्रशासन ने गांव में बिजली के पोल खड़े करवा दिए लेकिन पोल पर तार नहीं लगाए गए। गांव के किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार वह उप मंडल स्तर के अधिकारियों के कार्यालय में जाकर जलभराव की समस्या का समाधान करने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि जलभराव की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसानों के लिए खाद्यान्न पर बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पानी निकलवाने की मांग की थी और खराब फसल का मुआवजा देने की मांग की थी। मगर अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उनके खेतों में अभी भी पानी जमा हुआ पड़ा है और वह अगली फसल की बुवाई भी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
होडल। क्षेत्र के गांव गढ़ी पट्टी में मानसून के दौरान हुई बारिश से लगभग चार सौ से पांच सौ एकड़ जमीन पर जलभराव हो गया है। पिछले चार महीने से बारिश के मौसम में भरा यह पानी अब तक नहीं निकल पाया है। इस कारण किसानों की फसल की बुवाई अधर में लटक गई है जबकि किसानों की पिछली फसल भी बारिश के पानी की भेंट चढ़ गई। वहीं, प्रशासन ने पानी निकासी के लिए बिजली के पोल खड़े कर दिए लेकिन पोल पर तार नहीं लग पाए। किसानों ने इस मामले में मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिख जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। वहीं, एसडीएम बैलिना लोहान ने कहा कि उन्होंने किसानों की समस्या के समाधान के लिए गांव का दौरा किया है। जल्द सिंचाई विभाग के अधिकारी मोटर लगाकर पानी निकलवा देंगे।
गौरतलब है कि क्षेत्र में बरसाती सीजन के दौरान हुई बारिश से लगातार नीचे इलाकों में जलभराव होने से किसानों की रोजी रोटी पर खतरा मंडरा गया है। बारिश के चलते दर्जनों गांवों में जलभराव हो गया जिसमें गांव गढ़ी पट्टी भी शामिल हैं। गांव के काछी खेड़ा क्षेत्र के जंगल में लगभग चार सौ से पांच सौ एकड़ खेती की जमीन में बारिश का तीन से चार फीट पानी एकत्रित हो गया है जिसके चलते किसानों के सामने खेतों में जलभराव हो गया। इसके चलते अब किसानों के खेतों में रबी की फसलों की बिजाई का संकट खड़ा हो गया।
विज्ञापन
किसान सुखबीर, सुग्रीव, राजवीर, श्यामलाल मेंबर , भूदेव, वेदूपाल, बाबू , विष्णु, नेतन, कृष्ण गोपाल, रणजीत, राजू, विजय पाल आदि ने बताया कि बारिश के कारण उनकी बाजरा, कपास, ज्वार और ईख की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई लेकिन अब गेहूं की बिजाई के समय खेतों में पानी भरा खड़ा है। इस मामले में उन्होंने जिला प्रशासन से पानी निकालने की गुहार लगाई थी। इसके बाद प्रशासन ने गांव में बिजली के पोल खड़े करवा दिए लेकिन पोल पर तार नहीं लगाए गए। गांव के किसानों ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार वह उप मंडल स्तर के अधिकारियों के कार्यालय में जाकर जलभराव की समस्या का समाधान करने की गुहार लगा चुके हैं लेकिन उनकी समस्या जस की तस बनी हुई है। उन्होंने कहा कि यदि जलभराव की समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो किसानों के लिए खाद्यान्न पर बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा।
विज्ञापन
उन्होंने विभागीय अधिकारियों से पानी निकलवाने की मांग की थी और खराब फसल का मुआवजा देने की मांग की थी। मगर अभी तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। उनके खेतों में अभी भी पानी जमा हुआ पड़ा है और वह अगली फसल की बुवाई भी नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने मंगलवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सैनी को पत्र लिखकर समस्या का समाधान करने की मांग की है।