फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Water guns attack dust and smoke

Faridabad News: वाटर गन धूल और धुएं पर कर रहीं प्रहार

Mon, 06 Oct 2025 12:22 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 06 Oct 2025 12:22 AM IST
विज्ञापन
Water guns attack dust and smoke
दोनों मशीनें रोजाना कई घंटों तक लगातार कर रही हैं काम
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। औद्योगिक नगरी फरीदाबाद में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नगर निगम ने अब सख्त कदम उठाए हैं। शहर के प्रमुख औद्योगिक इलाकों में धूल और धुएं से फैलने वाले प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए निगम ने दो अत्याधुनिक वाटर गन तैनात की हैं। ये दोनों मशीनें रोजाना कई घंटों तक लगातार काम कर रही हैं, जिससे इलाके की हवा में मौजूद धूल कणों की मात्रा में कमी दर्ज की जा रही है।

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार यह अभियान फरीदाबाद के प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने की दीर्घकालिक योजना का हिस्सा है। इन वाटर गनों को एनएचपीसी चौक से बल्लभगढ़ तक के औद्योगिक बेल्ट और नई औद्योगिक टाउनशिप क्षेत्र में लगाया गया है, जहां भारी वाहनों की आवाजाही और निर्माण गतिविधियों के कारण धूल प्रदूषण ज्यादा पाया जाता है।
विज्ञापन



लगातार मॉनिटरिंग और सफाई के साथ जुड़ा अभियान

निगम के अधिकारियों का कहना है कि वाटर गनों के संचालन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। सुबह से लेकर शाम तक इन मशीनों द्वारा हवा में पानी के महीन कणों का छिड़काव किया जाता है, जिससे धूल के कण नीचे बैठ जाते हैं। इस प्रक्रिया से पीएम 10 और पीएम 2.5 जैसे हानिकारक तत्वों में गिरावट देखी जा रही है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों में सड़क झाड़ू मशीनें और वाटर टैंकर भी तैनात किए गए हैं ताकि सड़कों पर धूल दोबारा न उड़ सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


उद्योगों से सहयोग की अपील

निगम अधिकारी ने बताया कि नगर निगम ने उद्योगपतियों और निर्माण कंपनियों से भी सहयोग मांगा है। शहर की वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाना सभी की जिम्मेदारी है। वाटर गनों के अलावा हमें यह भी सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी औद्योगिक इकाई बिना फिल्टर के धुआं न छोड़े।

सर्दी से पहले रोकथाम की तैयारी

हर साल सर्दियों में फरीदाबाद का वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। धुंध और पराली जलाने के साथ-साथ औद्योगिक उत्सर्जन भी प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं। इस बार निगम ने पहले से कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि नवंबर-दिसंबर में हालात न बिगड़ें। इसके लिए वाटर गनों की संख्या बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है।


लोगों से की गई सहयोग की अपील

निगम ने शहर वासियों से अपील की है कि सड़क किनारे मलबा या कूड़ा न फेंके, खुले में कचरा न जलाएं और वाहन की नियमित प्रदूषण जांच करवाएं। अधिकारी बताते हैं कि यदि नागरिक भी सहयोग करें तो फरीदाबाद की वायु गुणवत्ता में 10 से 15 प्रतिशत तक सुधार संभव है।

इलाके में दो वाटर गन लगातार काम कर रहीं हैं। इससे प्रदूषण में फर्क देखने को मिल रहा है। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed