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Faridabad News: फरीदाबाद के हर वार्ड में बनेंगे कूड़ा निस्तारण केंद्र
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दो दिन में जमीन चिह्नित करने के निर्देश, गीले कचरे से तैयार खाद का पार्कों में होगा इस्तेमाल, वार्ड स्तर पर निस्तारण की योजना
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम अब वार्ड स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए निगमायुक्त यशेंद्र सिंह ने अधिकारियों को दो दिन के भीतर प्रत्येक वार्ड में उपयुक्त स्थान चिह्नित कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। इन केंद्रों पर गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर खाद तैयार करने की योजना है। तैयार खाद का इस्तेमाल शहर के पार्कों में पौधों और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
शुक्रवार को करीब 20 पार्षदों ने निगमायुक्त यशेंद्र सिंह से मुलाकात कर शहर में कूड़ा निस्तारण न होने की समस्या के बारे में बताया। पार्षदों ने उन्हें सुझाव दिया कि कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था वार्ड स्तर पर विकसित की जाए, ताकि कूड़े को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की निर्भरता कम हो और स्थानीय स्तर पर ही उसका उचित निस्तारण हो सके। इस पर निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
निगमायुक्त ने संबंधित जेई और एसडीओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्ड के पार्षदों से संपर्क कर अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करें। बैठक में शामिल नहीं हो सके पार्षदों से भी संपर्क किया जाएगा। अधिकारियों को दो दिन के भीतर स्थानों की पहचान कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद चिह्नित जगहों पर जरूरी सुविधाएं विकसित करने और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
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गीले कचरे से बनेगी खाद, पार्कों को मिलेगा फायदा
नगर निगम की योजना के तहत गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर निस्तारण कर उससे प्राकृतिक खाद तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। इससे पार्कों में पौधों के विकास के लिए खाद उपलब्ध हो सकेगी और हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी। निगमायुक्त ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।
सोसाइटियों में भी कचरा प्रबंधन पर जोर
निगमायुक्त ने कहा कि बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) को भी अपने स्तर पर कचरे का उचित प्रबंधन करना होगा। इसके लिए आरडब्ल्यूए को जागरूक किया जा रहा है। शहर की कई सोसाइटियों में स्थानीय स्तर पर कचरे का निस्तारण शुरू हो चुका है। उन्होंने कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने और उसके उचित निस्तारण को स्वच्छता व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त गौरव अंतिल, अधीक्षण अभियंता ओमवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता मनदीप सिंह, एसडीओ लख्मी सिंह तेवतिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
1600 टन का कचरा निस्तारण प्लांट मंजूर हो चुका है
नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह ने बताया कि शहर के लिए हर रोज 1600 टन कचरा निस्तारण करने का प्लांट मंजूर हो चुका है। यह विश्व स्तरीय प्लांट होगा। इससे बिजली बनाई जाएगी। प्लांट बनाने के लिए विभाग जमीन की तलाश चल रही है। विभाग द्वारा और भी प्रयास किए जा रहे हैं। जमीन मिलने के बाद इसमें तेजी आएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नगर निगम अब वार्ड स्तर पर अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए निगमायुक्त यशेंद्र सिंह ने अधिकारियों को दो दिन के भीतर प्रत्येक वार्ड में उपयुक्त स्थान चिह्नित कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। इन केंद्रों पर गीले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण कर खाद तैयार करने की योजना है। तैयार खाद का इस्तेमाल शहर के पार्कों में पौधों और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए किया जाएगा।
शुक्रवार को करीब 20 पार्षदों ने निगमायुक्त यशेंद्र सिंह से मुलाकात कर शहर में कूड़ा निस्तारण न होने की समस्या के बारे में बताया। पार्षदों ने उन्हें सुझाव दिया कि कचरे के प्रबंधन की व्यवस्था वार्ड स्तर पर विकसित की जाए, ताकि कूड़े को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की निर्भरता कम हो और स्थानीय स्तर पर ही उसका उचित निस्तारण हो सके। इस पर निगमायुक्त ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर योजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
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निगमायुक्त ने संबंधित जेई और एसडीओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने वार्ड के पार्षदों से संपर्क कर अपशिष्ट प्रबंधन केंद्रों के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करें। बैठक में शामिल नहीं हो सके पार्षदों से भी संपर्क किया जाएगा। अधिकारियों को दो दिन के भीतर स्थानों की पहचान कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसके बाद चिह्नित जगहों पर जरूरी सुविधाएं विकसित करने और कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की व्यवस्था बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
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गीले कचरे से बनेगी खाद, पार्कों को मिलेगा फायदा
नगर निगम की योजना के तहत गीले कचरे का स्थानीय स्तर पर निस्तारण कर उससे प्राकृतिक खाद तैयार करने पर जोर दिया जाएगा। इससे पार्कों में पौधों के विकास के लिए खाद उपलब्ध हो सकेगी और हरियाली बढ़ाने में मदद मिलेगी। निगमायुक्त ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) और गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को भी इस पहल में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए हैं।
सोसाइटियों में भी कचरा प्रबंधन पर जोर
निगमायुक्त ने कहा कि बल्क वेस्ट जनरेटर (बीडब्ल्यूजी) को भी अपने स्तर पर कचरे का उचित प्रबंधन करना होगा। इसके लिए आरडब्ल्यूए को जागरूक किया जा रहा है। शहर की कई सोसाइटियों में स्थानीय स्तर पर कचरे का निस्तारण शुरू हो चुका है। उन्होंने कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग करने और उसके उचित निस्तारण को स्वच्छता व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बताया। बैठक में अतिरिक्त आयुक्त गौरव अंतिल, अधीक्षण अभियंता ओमवीर सिंह, कार्यकारी अभियंता मनदीप सिंह, एसडीओ लख्मी सिंह तेवतिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
1600 टन का कचरा निस्तारण प्लांट मंजूर हो चुका है
नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह ने बताया कि शहर के लिए हर रोज 1600 टन कचरा निस्तारण करने का प्लांट मंजूर हो चुका है। यह विश्व स्तरीय प्लांट होगा। इससे बिजली बनाई जाएगी। प्लांट बनाने के लिए विभाग जमीन की तलाश चल रही है। विभाग द्वारा और भी प्रयास किए जा रहे हैं। जमीन मिलने के बाद इसमें तेजी आएगी।