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Faridabad News: सुनपेड़ में पुलिस लाइन के प्रस्ताव को निरस्त कराने के लिए मुख्यमंत्री से मिले गांव के लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। गांव सुनपेड़ की 19 एकड़ पंचायत भूमि पर प्रस्तावित नई पुलिस लाइन के निर्माण का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने मंगलवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन देकर भूमि पर पुलिस लाइन बनाने के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर अधिवक्ता जगत सिंह, छत्रपाल, इतेंद्र जेलदार, विवेक, मनोज रावत, राम किशन, पूर्व सरपंच बलमत सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की यह भूमि गांव की सामूहिक धरोहर है। इसका उपयोग भविष्य में स्कूल, खेल मैदान, स्वास्थ्य सुविधाएं, सामुदायिक भवन, पार्क, सड़क सहित अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जा सकता है। गांव की बढ़ती आबादी को देखते हुए आने वाले समय में सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भूमि की आवश्यकता और बढ़ेगी।
ग्राम सभा की अनुमति के बिना प्रस्ताव भेजने का आरोप : ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच की ओर से ग्राम सभा की पूर्व अनुमति और विधिवत सहमति के बिना पुलिस लाइन के लिए प्रस्ताव पारित कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया। ग्रामीणों ने इसकी वैधानिकता और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम सभा की बैठक, सूचना, चर्चा और अनुमति के बिना सार्वजनिक भूमि से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय नहीं किया जाना चाहिए।
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बल्लभगढ़। गांव सुनपेड़ की 19 एकड़ पंचायत भूमि पर प्रस्तावित नई पुलिस लाइन के निर्माण का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने मंगलवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को ज्ञापन देकर भूमि पर पुलिस लाइन बनाने के प्रस्ताव को तत्काल निरस्त करने तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर अधिवक्ता जगत सिंह, छत्रपाल, इतेंद्र जेलदार, विवेक, मनोज रावत, राम किशन, पूर्व सरपंच बलमत सिंह आदि मौजूद रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की यह भूमि गांव की सामूहिक धरोहर है। इसका उपयोग भविष्य में स्कूल, खेल मैदान, स्वास्थ्य सुविधाएं, सामुदायिक भवन, पार्क, सड़क सहित अन्य सार्वजनिक कार्यों के लिए किया जा सकता है। गांव की बढ़ती आबादी को देखते हुए आने वाले समय में सार्वजनिक सुविधाओं के लिए भूमि की आवश्यकता और बढ़ेगी।
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ग्राम सभा की अनुमति के बिना प्रस्ताव भेजने का आरोप : ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सरपंच की ओर से ग्राम सभा की पूर्व अनुमति और विधिवत सहमति के बिना पुलिस लाइन के लिए प्रस्ताव पारित कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया। ग्रामीणों ने इसकी वैधानिकता और संबंधित रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राम सभा की बैठक, सूचना, चर्चा और अनुमति के बिना सार्वजनिक भूमि से जुड़ा महत्वपूर्ण निर्णय नहीं किया जाना चाहिए।
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