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Faridabad News: जामताड़ा में बैठकर करते थे लोगों से ठगी, पांच गिरफ्तार
Mon, 26 Jun 2023 10:16 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Mon, 26 Jun 2023 10:16 PM IST
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फोटो-
- गोल्ड बॉन्ड दलाली में 4 करोड़ मुनाफे का लालच देकर ठगे थे 16.35 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर थाना प्रभारी की टीम ने साइबर ठगी के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जामताड़ा में बैठकर लोगों से ठगी करने का नेटवर्क चलाते हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के देवघर निवासी जमशेद आलम , जामताड़ा निवासी इमरान खान उर्फ भांजा , आरीफ उर्फ मनीश उर्फ रकीब, झारखंड के जमशेदपुर निवासी मोहमद फईम उर्फ रोहित और मौहम्मद वाहिद अंसारी उर्फ अजय सिन्हा के रूप में हुई है।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत कुमार ने बताया कि 11 मार्च को साइबर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। इसमें आरोपियों ने दलजीत नाम के व्यक्ति के साथ 16.35 लाख रुपए की ठगी की थी। पीड़ित दलजीत एक ऑटोमोबाइल कंपनी में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। आरोपी जमशेद वहां सामान सप्लाई का काम करता था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई। आरोपी जमशेद ने दलजीत को बताया कि उनके कुछ जानकार गोल्ड बॉन्ड की खरीद फरोख्त करते हैं। इस काम में उन्हें तगड़ा मुनाफा होता है। आरोपी ने 15 करोड़ रुपए के गोल्ड बॉन्ड को 19 करोड़ में बेचने की एक योजना बताई। 4 करोड़ रुपए का मुनाफा देख दलजीत के मन में लालच आ गया। जमशेद ने कहा कि इसके लिए पश्चिम बंगाल चलना होगा। डीलिंग करने वालों के साथ मीटिंग करने के बाद आगे का काम करेंगे। दलजीत आरोपी की बातों में आ गया और पश्चिम बंगाल चला गया। यहां आरोपियों की टीम के लोग खुद ही खरीदार और बेचने वाले बने हुए थे। जमशेद ने दलजीत को आरोपी रकीब उर्फ मनीष उर्फ आरीफ से मिलवाया। रकीब उर्फ मनीष ने 15 करोड़ रुपये के तीन गोल्ड बांड अपने दोस्त सादिक शेख उर्फ संजय व इमरान उर्फ भांजा के पास होने की बात कही। इसके बाद गोल्ड बांड को फईम उर्फ रोहित को उसके मैनेजर वाहिद अंसारी उर्फ अजय की मदद से 19 करोड़ रुपये में बेचने का झांसा दिया। दलजीत आरोपियों के जाल में फंस गया। आरोपियों ने दलजीत से कहा कि गोल्ड बॉन्ड बेचने के लिए खरीदार के पास एक करोड़ रुपए जमा करवाने होंगे। उन्होंने काफी पैसे इकट्ठे कर लिए हैं बाकी का इंतजाम कर दो। दलजीत ने 16.35 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए। इसके बाद मोबाइल बंद कर गायब हो गए।
एसीपी अभिमन्यु गोयत ने बताया कि दलजीत की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने आरोपी इमरान व रकीब को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जमशेद को झारखंड से रिमांड पर लेकर जामताड़ा में आरोपियों की तलाश शुरू की गई। इसके बाद मोहम्मद फईम व वाहिद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल, 2 फर्जी आधार कार्ड व 7.70 लाख रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी झारखंड के जामताड़ा से अपना रैकेट चलाते हैं। मीटिंग करने के लिए पश्चिम बंगाल जाते हैं। लोगों को झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी रकीब को जेल भेज दिया गया है। आरोपी जमशेद और इमरान, फहीम और वाहिद अंसारी से पूछताछ की जा रही है।
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- गोल्ड बॉन्ड दलाली में 4 करोड़ मुनाफे का लालच देकर ठगे थे 16.35 लाख रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। साइबर थाना प्रभारी की टीम ने साइबर ठगी के मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जामताड़ा में बैठकर लोगों से ठगी करने का नेटवर्क चलाते हैं। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान झारखंड के देवघर निवासी जमशेद आलम , जामताड़ा निवासी इमरान खान उर्फ भांजा , आरीफ उर्फ मनीश उर्फ रकीब, झारखंड के जमशेदपुर निवासी मोहमद फईम उर्फ रोहित और मौहम्मद वाहिद अंसारी उर्फ अजय सिन्हा के रूप में हुई है।
थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बसंत कुमार ने बताया कि 11 मार्च को साइबर थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया था। इसमें आरोपियों ने दलजीत नाम के व्यक्ति के साथ 16.35 लाख रुपए की ठगी की थी। पीड़ित दलजीत एक ऑटोमोबाइल कंपनी में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। आरोपी जमशेद वहां सामान सप्लाई का काम करता था। इसी दौरान दोनों की मुलाकात हुई। आरोपी जमशेद ने दलजीत को बताया कि उनके कुछ जानकार गोल्ड बॉन्ड की खरीद फरोख्त करते हैं। इस काम में उन्हें तगड़ा मुनाफा होता है। आरोपी ने 15 करोड़ रुपए के गोल्ड बॉन्ड को 19 करोड़ में बेचने की एक योजना बताई। 4 करोड़ रुपए का मुनाफा देख दलजीत के मन में लालच आ गया। जमशेद ने कहा कि इसके लिए पश्चिम बंगाल चलना होगा। डीलिंग करने वालों के साथ मीटिंग करने के बाद आगे का काम करेंगे। दलजीत आरोपी की बातों में आ गया और पश्चिम बंगाल चला गया। यहां आरोपियों की टीम के लोग खुद ही खरीदार और बेचने वाले बने हुए थे। जमशेद ने दलजीत को आरोपी रकीब उर्फ मनीष उर्फ आरीफ से मिलवाया। रकीब उर्फ मनीष ने 15 करोड़ रुपये के तीन गोल्ड बांड अपने दोस्त सादिक शेख उर्फ संजय व इमरान उर्फ भांजा के पास होने की बात कही। इसके बाद गोल्ड बांड को फईम उर्फ रोहित को उसके मैनेजर वाहिद अंसारी उर्फ अजय की मदद से 19 करोड़ रुपये में बेचने का झांसा दिया। दलजीत आरोपियों के जाल में फंस गया। आरोपियों ने दलजीत से कहा कि गोल्ड बॉन्ड बेचने के लिए खरीदार के पास एक करोड़ रुपए जमा करवाने होंगे। उन्होंने काफी पैसे इकट्ठे कर लिए हैं बाकी का इंतजाम कर दो। दलजीत ने 16.35 लाख रुपए आरोपियों को दे दिए। इसके बाद मोबाइल बंद कर गायब हो गए।
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एसीपी अभिमन्यु गोयत ने बताया कि दलजीत की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। टीम ने आरोपी इमरान व रकीब को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जमशेद को झारखंड से रिमांड पर लेकर जामताड़ा में आरोपियों की तलाश शुरू की गई। इसके बाद मोहम्मद फईम व वाहिद को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2 मोबाइल, 2 फर्जी आधार कार्ड व 7.70 लाख रुपये बरामद किए गए। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी झारखंड के जामताड़ा से अपना रैकेट चलाते हैं। मीटिंग करने के लिए पश्चिम बंगाल जाते हैं। लोगों को झांसा देकर ठगी की वारदात को अंजाम देते हैं। रिमांड पूरा होने के बाद आरोपी रकीब को जेल भेज दिया गया है। आरोपी जमशेद और इमरान, फहीम और वाहिद अंसारी से पूछताछ की जा रही है।
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