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Faridabad News: बिना परमिट चीनी मांझा बेचते दो दुकानदार गिरफ्तार, केस
Fri, 11 Aug 2023 11:21 PM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
Updated Fri, 11 Aug 2023 11:21 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। अवैध रूप से चीनी मांझा बेच रहे लोगों पर सीएम फ्लाइंग और पुलिस की टीम द्वारा शिकंजा कसा गया। बिना लाइसेंस चीनी मांझा बेच रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांव सीही के पास एक व्यक्ति पतंग की दुकान पर चीनी मांझा बेचता है। इसके बाद सेक्टर 8 थाने की टीम ने गांव सीही चौक पर पतंग की दुकान खोलकर बैठे व्यक्ति से पूछताछ की। टीम को दुकानदार ने अपना नाम विजय बताया। पुलिस ने दुकान की तलाशी ली तो एक कागज के डिब्बे में मोनो पतंग मारिषा के 8 मांझा गोल्ड मिला। वहीं, दूसरी ओर 36 गज सेक्टर 3 में पार्क के पास रसीद खान ने पतंग बेचने की दुकान लगा रखी थी। तलाशी में उसकी दुकान पर भी चीनी मांझा पतंग उड़ाने वाला पाया गया। दुकान में रखे प्लास्टिक पैकेट में डोरेमोन पतंग का सादा के 10 मांझे, एक पैकेट में डोरेमोन पतंग के 9 मांझे व एक पैकेट में 9 मांझे पाए गए। दोनों आरोपियों के पास से टीम को लाइसेंस व परमिट नहीं मिला।
कैसे बनता है मांझा
चीनी मांझा धागों से नहीं बनता है। यह नायलॉन और एक मैटेलिक पाउडर से मिलकर बनाया जाता है। यह प्लास्टिक जैसा लगता है और स्ट्रेचेबल होता है। जब इसे खींचते हैं तो यह टूटने के बजाय बढ़ जाता है। इसे काटना काफी मुश्किल होता है। इस नायलॉन से बने धागे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है, जिस वजह से यह मांझा और भी घातक हो जाता है।
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एनजीटी ने लगाई थी रोक
एनजीटी ने जुलाई 2017 में चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। पीपल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा था कि खतरनाक मांझे से पशु-पक्षी और लोग बुरी तरह जख्मी हो जाते हैं। इसके बाद एनजीटी ने इस पर पूरी तरह से बैन लगा रखा है। बताया जा रहा है कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर पांच साल की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके बाद भी दुकानदार चाइनीज मांझे की बिक्री कर हादसों को बढ़ावा दे रहे हैं।
सड़क पर चलने वाले दुपहिया वाहन बरतें सावधानी
डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि चाइनीज मांझे की चपेट में अक्सर दुपहिया वाहन चालक आते हैं। दुपहिया वाहन चालकों को गले पर मोटा कपड़ा बांधना चाहिए। इसके अलावा हेल्मेट जरूर पहनना चाहिए क्योंकि वाहन चलाते समय पतंग का मांझा कभी गर्दन पर लग जाता है तो कपड़े की वजह से चालक की जान बच जाती है। इसके अलावा तेज गति से वाहन न चलाएं।
आ चुका है एक मामला
3 अगस्त को एसजीएम नगर निवासी संजय कुमार अपनी बेटी को लेने के लिए बाइक से दिल्ली गए थे। बाटा रेलवे ओवरब्रिज के ऊपर पहुंचे तो गर्दन पर मांझा के कटने से घायल हो गए थे।
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बल्लभगढ़। अवैध रूप से चीनी मांझा बेच रहे लोगों पर सीएम फ्लाइंग और पुलिस की टीम द्वारा शिकंजा कसा गया। बिना लाइसेंस चीनी मांझा बेच रहे दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
डीएसपी राजेश चेची ने बताया कि सूचना मिली थी कि गांव सीही के पास एक व्यक्ति पतंग की दुकान पर चीनी मांझा बेचता है। इसके बाद सेक्टर 8 थाने की टीम ने गांव सीही चौक पर पतंग की दुकान खोलकर बैठे व्यक्ति से पूछताछ की। टीम को दुकानदार ने अपना नाम विजय बताया। पुलिस ने दुकान की तलाशी ली तो एक कागज के डिब्बे में मोनो पतंग मारिषा के 8 मांझा गोल्ड मिला। वहीं, दूसरी ओर 36 गज सेक्टर 3 में पार्क के पास रसीद खान ने पतंग बेचने की दुकान लगा रखी थी। तलाशी में उसकी दुकान पर भी चीनी मांझा पतंग उड़ाने वाला पाया गया। दुकान में रखे प्लास्टिक पैकेट में डोरेमोन पतंग का सादा के 10 मांझे, एक पैकेट में डोरेमोन पतंग के 9 मांझे व एक पैकेट में 9 मांझे पाए गए। दोनों आरोपियों के पास से टीम को लाइसेंस व परमिट नहीं मिला।
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कैसे बनता है मांझा
चीनी मांझा धागों से नहीं बनता है। यह नायलॉन और एक मैटेलिक पाउडर से मिलकर बनाया जाता है। यह प्लास्टिक जैसा लगता है और स्ट्रेचेबल होता है। जब इसे खींचते हैं तो यह टूटने के बजाय बढ़ जाता है। इसे काटना काफी मुश्किल होता है। इस नायलॉन से बने धागे पर कांच या लोहे के चूरे से धार भी लगाई जाती है, जिस वजह से यह मांझा और भी घातक हो जाता है।
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एनजीटी ने लगाई थी रोक
एनजीटी ने जुलाई 2017 में चाइनीज मांझे की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। पीपल्स फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा था कि खतरनाक मांझे से पशु-पक्षी और लोग बुरी तरह जख्मी हो जाते हैं। इसके बाद एनजीटी ने इस पर पूरी तरह से बैन लगा रखा है। बताया जा रहा है कि चाइनीज मांझे की बिक्री पर पांच साल की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। इसके बाद भी दुकानदार चाइनीज मांझे की बिक्री कर हादसों को बढ़ावा दे रहे हैं।
सड़क पर चलने वाले दुपहिया वाहन बरतें सावधानी
डॉ. मोहित अग्रवाल ने बताया कि चाइनीज मांझे की चपेट में अक्सर दुपहिया वाहन चालक आते हैं। दुपहिया वाहन चालकों को गले पर मोटा कपड़ा बांधना चाहिए। इसके अलावा हेल्मेट जरूर पहनना चाहिए क्योंकि वाहन चलाते समय पतंग का मांझा कभी गर्दन पर लग जाता है तो कपड़े की वजह से चालक की जान बच जाती है। इसके अलावा तेज गति से वाहन न चलाएं।
आ चुका है एक मामला
3 अगस्त को एसजीएम नगर निवासी संजय कुमार अपनी बेटी को लेने के लिए बाइक से दिल्ली गए थे। बाटा रेलवे ओवरब्रिज के ऊपर पहुंचे तो गर्दन पर मांझा के कटने से घायल हो गए थे।