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डेंगू के दो नए मामलों की पुष्टि, 122 हुई संख्या
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फरीदाबाद। जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पर ब्रेक लगने के बाद डेंगू का प्रकोप जारी है। रविवार को डेंगू के दो नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद कुल मामले 122 हो गए है। वहीं अस्पतालों में इमरजेंसी से लेकर ओपीडी तक वायरल बुखार के मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है। इस साल मलेरिया के अभी तक केवल आठ मरीज मिले हैं।
मौसम में आए बदलाव से डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। वेक्टर बोर्न डिजीज और वायरल की मार बच्चे, बूढ़े, महिलाओं को अपनी चपेट में तेजी से लेता जा रहा है। आलम ये है कि उल्टी, दस्त, बुखार, निमोनिया के इतने मरीज आ रहे हैं कि अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। बीके सिविल अस्पताल की ओपीडी 17 सौ से बढ़कर 32 सौ पहुंच गई है। वहीं इमरजेंसी में रोजाना 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। अस्पतालों में पंजीकरण काउंटर से लेकर ओपीडी और दवाइयां काउंटर पर मरीजों की खासी भीड़ देखी जा रही है। यही हाल एनआईटी-3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का है। यहां रोजाना करीब 35 सौ मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
इसके अलावा शहर में नौ बड़े अस्पताल है। पिछले करीब 15 दिन में लगभग सभी अस्पतालों में मरीजों की संख्या दो गुना बढ़ गई है। इनमें सबसे सबसे ज्यादा मरीज, वायरल बुखार और डेंगूू, मलेरिया से पीड़ित हैं। हालांकि सिविल अस्पताल बीके में अस्पताल प्रशासन की तरफ से अतिरिक्त बेड का बंदोबस्त करके मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
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वर्जन-
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार के मरीजों से लिए खून के नमूनों की स्लाइड तैयार की जा रही है। इस साल अभी तक 60 हजार से अधिक स्लाइड तैयार की जा चुकी हैं। हमारी 40 से अधिक टीमें रोजाना अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रही हैं, जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज अधिक मिल रहे हैं, वहां पर नगर निगम ने फॉगिंग भी शुरू कर दी है। - डॉ. रामभगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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मौसम में आए बदलाव से डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार का प्रकोप बढ़ गया है। वेक्टर बोर्न डिजीज और वायरल की मार बच्चे, बूढ़े, महिलाओं को अपनी चपेट में तेजी से लेता जा रहा है। आलम ये है कि उल्टी, दस्त, बुखार, निमोनिया के इतने मरीज आ रहे हैं कि अस्पताल में बेड फुल हो गए हैं। बीके सिविल अस्पताल की ओपीडी 17 सौ से बढ़कर 32 सौ पहुंच गई है। वहीं इमरजेंसी में रोजाना 40 से 50 मरीज आ रहे हैं। अस्पतालों में पंजीकरण काउंटर से लेकर ओपीडी और दवाइयां काउंटर पर मरीजों की खासी भीड़ देखी जा रही है। यही हाल एनआईटी-3 ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल का है। यहां रोजाना करीब 35 सौ मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
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इसके अलावा शहर में नौ बड़े अस्पताल है। पिछले करीब 15 दिन में लगभग सभी अस्पतालों में मरीजों की संख्या दो गुना बढ़ गई है। इनमें सबसे सबसे ज्यादा मरीज, वायरल बुखार और डेंगूू, मलेरिया से पीड़ित हैं। हालांकि सिविल अस्पताल बीके में अस्पताल प्रशासन की तरफ से अतिरिक्त बेड का बंदोबस्त करके मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
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वर्जन-
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अलग-अलग स्वास्थ्य केंद्रों पर बुखार के मरीजों से लिए खून के नमूनों की स्लाइड तैयार की जा रही है। इस साल अभी तक 60 हजार से अधिक स्लाइड तैयार की जा चुकी हैं। हमारी 40 से अधिक टीमें रोजाना अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रही हैं, जिन क्षेत्रों में डेंगू के मरीज अधिक मिल रहे हैं, वहां पर नगर निगम ने फॉगिंग भी शुरू कर दी है। - डॉ. रामभगत, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी