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Faridabad News: मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बनकर 30 लाख की ठगी में दो आरोपी गिरफ्तार
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आरोपियों ने साइबर ठगों को बैंक खाता मुहैया कराया था
साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बनकर 30 लाख रुपये की ठगी मामले में दो आरोपियों को साइबर क्राइम थाना एनआईटी टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मनीष व रिषभ दिल्ली के वजीराबाद के रहने वाले हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मनीष ने अपना खाता रिषभ को बेचा था। रिषभ ने ये खाता साइबर ठगों को दिया था। दोनों आरोपी दोस्त हैं। मनीष एक निजी कंपनी में गार्ड की नौकरी करता है। वहीं रिषभ किराये पर रूम दिलाने का काम करता है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मनीष के खाते में ठगी के 8.05 लाख रुपये आए थे। आरोपियों को 2 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बनकर 30 लाख रुपये की ठगी की ये वारदात एनआईटी एरिया की रहने वाली महिला से हुई थी। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 जून 2025 को उनके पास एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। फिर एक अन्य नंबर से वीडियो कॉल आई और मनी लांडि्रंग केस में शामिल होने का आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। पहले 6.80 करोड़ रुपये देने को कहने लगे। फिर 50 लाख रुपये मांगने लगे। लेकिन महिला ने 30.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का अहसास हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंचा। जिस पर साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच करते हुए अब दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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साइबर क्राइम थाना एनआईटी की टीम ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बनकर 30 लाख रुपये की ठगी मामले में दो आरोपियों को साइबर क्राइम थाना एनआईटी टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी मनीष व रिषभ दिल्ली के वजीराबाद के रहने वाले हैं। आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि मनीष ने अपना खाता रिषभ को बेचा था। रिषभ ने ये खाता साइबर ठगों को दिया था। दोनों आरोपी दोस्त हैं। मनीष एक निजी कंपनी में गार्ड की नौकरी करता है। वहीं रिषभ किराये पर रूम दिलाने का काम करता है।
पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि मनीष के खाते में ठगी के 8.05 लाख रुपये आए थे। आरोपियों को 2 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
मुंबई क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बनकर 30 लाख रुपये की ठगी की ये वारदात एनआईटी एरिया की रहने वाली महिला से हुई थी। महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 16 जून 2025 को उनके पास एक नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का इंस्पेक्टर बताया। फिर एक अन्य नंबर से वीडियो कॉल आई और मनी लांडि्रंग केस में शामिल होने का आरोप लगाकर डिजिटल अरेस्ट कर लिया। पहले 6.80 करोड़ रुपये देने को कहने लगे। फिर 50 लाख रुपये मांगने लगे। लेकिन महिला ने 30.20 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। बाद में ठगी का अहसास हुआ तो मामला पुलिस तक पहुंचा। जिस पर साइबर क्राइम थाना एनआईटी पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच करते हुए अब दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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