फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Try to save a drowning person only if you are an expert, otherwise you will lose your life.

Faridabad News: एक्सपर्ट हों तभी डूबते को बचाने की करें कोशिश, नहीं तो जान से धो बैठेंगे हाथ

Wed, 17 Apr 2024 11:07 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Apr 2024 11:07 PM IST
विज्ञापन
Try to save a drowning person only if you are an expert, otherwise you will lose your life.
बल्लभगढ़। आगरा नहर में कई बार दलदल में फंसकर अच्छे तैराक भी डूब जाते हैं। जब तक तैराकी में विशेषज्ञता न हासिल हो, किशोरों और युवाओं को आगरा नहर जैसी नहरों में कूदने से बचना चाहिए। यह कहना है विषय विशेषज्ञ आपदा प्रबंधन डॉ. एमपी सिंह का। मंगलवार को गांव चंदावली के पास नहर में फिसलकर डूब रही महिला को बचाने के लिए 17 साल का किशोर बचाने के लिए कूद गया था। परिजनों के अनुसार किशोर को तैरना आता था, लेकिन उसके बावजूद भी वह महिला के पास तक पहुंच नहीं पाया और डूब गया।
विज्ञापन


विषय विशेषज्ञ आपदा प्रबंधन डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि तैरना तो हर कोई सीख लेता है, लेकिन अच्छा तैराक वही होता है जो भावनाओं में बहकर कोई कदम नहीं उठाता। मंगलवार को गांव चंदावली के पास मोटरसाइकिल पर सवार होकर 17 साल का किशोर अनुज कहीं जा रहा था। तभी आगरा नहर में महिला को कूदता देख बचाने के लिए बिना सोचे समझे कूद गया। कूदने के बावजूद भी अनुज महिला के पास तक नहीं पहुंच पाया। अभी तक अनुज के बारे में पुलिस को कोई जानकारी नहीं मिली है। परिजनों का कहना है कि अनुज ने अपने दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल में तैरना सीखता था, लेकिन वह कोई अच्छा तैराक नहीं था। अनुज अतिआत्मविश्वास के चलते नहर में कूद गया और डूब गया।
विज्ञापन


---

इन बातों का रखें खास ध्यान
नदी में आमतौर पर पानी साफ होता है, लेकिन जिले की गुरुग्राम नहर और आगरा नहर में केमिकल का पानी और दलदल बना हुआ है। जिसकी वजह से इस नहर में अच्छा तैराक भी डूब जाता है। तैराक को नहर में डूबने से पहले सुरक्षा का खास ध्यान रखना चाहिए। सेफ्टी किट का इस्तेमाल करने के बाद ही नहर में कूदना चाहिए। नहर के पानी का तापमान और गहराई कितनी है, इसके बारे में पता होना चाहिए। दोनों नहर की गहराई काफी ज्यादा है। इसलिए इन नहरों में गिरने के बाद कोई भी बचता नहीं है। नहर के पानी से कई प्रकार की चर्म रोग की समस्या भी हो जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


---

आगे के बजाए डूबने वाले को पीछे से बचाने की करें कोशिश
अगर किसी को बचाने के लिए नहर या नदी में कूदते हैं तो उसको पीछे से बचाने की कोशिश करनी चाहिए। अगर बचाने वाला डूबने वाले को आगे जाकर बचाता है तो डूबने वाला उसको पकड़कर डुबो देता है। इसकी वजह से बचाने वाला भी डूब सकता है। वहीं, अगर बचाने वाले व्यक्ति को लगता है कि वह बचा नहीं पाएगा तो उसे कूदने की गलती नहीं करनी चाहिए। घटना की सूचना पुलिस और एनडीआरएफ की टीम को देनी चाहिए।

---

अनुज का ही है शव
डॉ. एमपी सिंह का दावा है कि 20 घंटे से शव में पानी में पड़ा हुआ था। इसकी वजह से शव पूरी तरह से फूल गया। हालांकि परिवार वाले शव की पहचान नहीं कर पा रहे हैं। उसके हाथ पर लिखा अनुज का नाम चर्म रोग की समस्या के कारण आधा अधूरा सा मिट गया। उनके पास अन्य किसी भी राज्य से कोई भी गुमशुदगी व नहर में कूदने की सूचना नहीं है। यह शव अनुज का ही है, इसका फैसला डीएनए की रिपोर्ट आने के बाद हो जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed