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Faridabad News: सड़क हादसे के छह साल पुराने मामले में ट्रक चालक दोषमुक्त
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संदेह का लाभ देते हुए अदालत ने सुनाया फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए एक सड़क हादसे के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उपेंद्र सिंह की अदालत ने सुनवाई करते हुए आरोपी ट्रक चालक को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त करार कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हादसे के सवा चार साल बाद अदालत में आरोपी की पहचान करना व्यावहारिक और विश्वसनीय नहीं है, क्योंकि घटना के समय शिकायतकर्ता चालक को देख ही नहीं पाया था।
18 नवंबर 2018 की रात करीब दो बजे सारन गांव निवासी नेकीराम अपनी कार से पाली-गुरुग्राम रोड होकर जा रहे थे। हनुमान मंदिर के पास अचानक आगे चल रहे ट्रक चालक ने बिना इंडिकेटर दिए गाड़ी को बाएं मोड़ दिया। इसके चलते कार ट्रक के पिछले हिस्से में फंसकर कुछ दूरी तक घिसटती चली गई। हादसे में नेकीराम गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्होंने अस्पताल में पुलिस को दिए बयान के आधार पर सूरजकुंड थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पहचान और बरामदगी पर अदालत ने उठाए सवाल
शिकायतकर्ता के अनुसार, रात के दो बजे हादसा होने के बाद चालक मौके से भाग गया था और वह खुद कार में फंसा हुआ था। इसके बावजूद 23 जनवरी 2023 (घटना के सवा चार साल बाद) अदालत में शिकायतकर्ता ने आरोपी अभय राम की पहचान कर ली, जिसे कोर्ट ने तर्कसंगत नहीं माना। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया था कि चालक ट्रक को मौके पर छोड़कर भागा था, लेकिन वास्तव में पुलिस ने ट्रक को मौके से जब्त नहीं किया था। आरोपी ने घटना के करीब दो महीने बाद खुद ट्रक पुलिस को सौंपा था।
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सूरजकुंड थाना क्षेत्र में वर्ष 2018 में हुए एक सड़क हादसे के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उपेंद्र सिंह की अदालत ने सुनवाई करते हुए आरोपी ट्रक चालक को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त करार कर दिया है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि हादसे के सवा चार साल बाद अदालत में आरोपी की पहचान करना व्यावहारिक और विश्वसनीय नहीं है, क्योंकि घटना के समय शिकायतकर्ता चालक को देख ही नहीं पाया था।
18 नवंबर 2018 की रात करीब दो बजे सारन गांव निवासी नेकीराम अपनी कार से पाली-गुरुग्राम रोड होकर जा रहे थे। हनुमान मंदिर के पास अचानक आगे चल रहे ट्रक चालक ने बिना इंडिकेटर दिए गाड़ी को बाएं मोड़ दिया। इसके चलते कार ट्रक के पिछले हिस्से में फंसकर कुछ दूरी तक घिसटती चली गई। हादसे में नेकीराम गंभीर रूप से घायल हो गए थे और उन्होंने अस्पताल में पुलिस को दिए बयान के आधार पर सूरजकुंड थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पहचान और बरामदगी पर अदालत ने उठाए सवाल
शिकायतकर्ता के अनुसार, रात के दो बजे हादसा होने के बाद चालक मौके से भाग गया था और वह खुद कार में फंसा हुआ था। इसके बावजूद 23 जनवरी 2023 (घटना के सवा चार साल बाद) अदालत में शिकायतकर्ता ने आरोपी अभय राम की पहचान कर ली, जिसे कोर्ट ने तर्कसंगत नहीं माना। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया था कि चालक ट्रक को मौके पर छोड़कर भागा था, लेकिन वास्तव में पुलिस ने ट्रक को मौके से जब्त नहीं किया था। आरोपी ने घटना के करीब दो महीने बाद खुद ट्रक पुलिस को सौंपा था।
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