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Faridabad News: बचने का किया खूब प्रयास, धुंए ने सीढि़यों पर ही घोट दिया दम
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सुरक्षा के लिए लगाया ताला ही बन गया जानलेवा, एसी से निकली गैस ने भड़काई आग
सोनू यादव
फरीदाबाद। ग्रीनफील्ड कॉलोनी में हुए हादसे में सचिन कपूर, उनकी पत्नी, बेटी ने बचने का खूब प्रयास किया। इसके लिए वे अपनी दूसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर तक आने का प्रयास करने के बाद ऊपर चौथी मंजिल की छत तक भी गए, लेकिन सुरक्षा के लिए लगाया गया ताला ही उनके लिए जानलेवा बन गया। धुंए ने सीढि़यों पर ही सचिन, उनकी पत्नी व बेटी के साथ कुत्ते का भी दम घोंट दिया।
वफादारी व प्यार में कुत्ते की भी गई जान
आग लगने के बाद पहली मंजिल के परिवार का शोर सुनकर आर्यन की नींद खुली तो धुंआ देखकर वो दूसरे कमरे में माता-पिता व बहन को जगाने पहुंचा। इस दौरान कुत्ता भी जगा हुआ था। लेकिन खुद बचकर निकलने की बजाय कुत्ता वफादारी व परिवार से मिलने वाले प्यार के चलते उनके साथ ही सीढि़यों पर आता-जाता रहा। इसी के चलते उसकी भी दम घुटने से मौत हो गई।
पड़ोसियों से बेहतर व्यवहार रखने थे सचिन
हादसे में दंपती और बेटी की मौत से आस-पास के इलाके में गम का माहौल है। सोमवार दोपहर मोर्चरी पर पहुंचे परिचितों व पड़ोसियों ने भी दुख के चलते कोई बात नहीं की। मकान के पास मौजूद लोगों ने बताया कि सचिन का व्यवहार सभी से अच्छा था। वो सुबह-शाम जब भी टहलने निकलते तो सभी से हंसकर मिलते थे। दूसरी मंजिल पर परिवार रहता था। जबकि तीसरी मंजिल पर सचिन ने ऑफिस बनाया हुआ था। यहां वो अपने बेटे आर्यन के साथ शेयर ट्रेडिंग का काम करते थे। आर्यन देहरादून से बीसीए की पढ़ाई कर चुका है। जबकि सुजान भी निजी स्कूल में सातवीं की छात्रा थी।
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मां के साथ बाजार गई थी सुजान
रविवार को स्कूल की छुट्टी के चलते सुजान अपनी मां के साथ मार्केट भी गई थी। खरीदारी कर वे घर लौटे। रात लगभग 10 बजे खाना खाकर परिवार के सदस्य सो गए थे। इसके बाद देर रात लगभग सवा 3 बजे धुंआ महसूस कर आर्यन उठा व माता-पिता, बहन को जगाया। बचने के लिए सभी इधर-उधर भागने लगे लेकिन बेहद काला धुंआ काफी तेजी से फैल रहा था।
एसी की गैस ने आग को और भड़काया
पहली मंजिल पर रहने वाला परिवार जान बचाकर नीचे चला गया। यहां से उन्होंने पड़ोसियों को जगाने के लिए शोर भी मचाया। लगभग पौने चार बजे पहली मंजिल में रहने वाली महिला रितू ने ही पुलिस को हादसे की सूचना दी। इसके बाद ही पुलिस व दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तब तक काफी देर हो चुकी थी और पहली मंजिल पर आग और बाकी मंजिलों पर धुंआ तेजी से फैल गया था। बालकनी से एसी के आउटडोर में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग एसी की पाइप के जरिये कमरे के अंदर जा पहुंची। यहां से पाइप जलने के बाद एसी की गैस लीक हुई तो अंदर घर में आग तेजी से फैली। परिवार अपना दरवाजा खोल बाहर निकल गया तो यहां सामान जलने से उठा धुंआ सीढि़यों वाले कॉमन एरिया में तेजी से भरता चला गया। इसी के दौरान जानें गईं।
पड़ोसी ने मजदूरों से दरवाजा भी कटवाया लेकिन तब तक हो गई थी देर
सचिन कपूर के पड़ोस में मयंक महाजन की दादी की आंख शोर सुनकर खुली। दादी चिल्लाई तो मयंक भी उठे। ये शोर सुनकर अपने मकान की छत पर पहुंचे। मकान की छत पर चल रहे कार्य के चलते वहां पर तीन मजदूर सो रहे थे। उन्हें जगाया और छत की ग्रिल तोड़कर आग लगी वाले मकान की छत पर पहुंचे। यहां छत पर लगा लोहे का दरवाजा अंदर से लॉक था। मजदूरों से तुरंत मयंक ने कटर मशीन लाकर दरवाजा काटने को कहा। लेकिन इसमें आधे घंटे से अधिक का समय लग गया। तब तक काफी देर हो गई और सचिन, उनकी पत्नी, बेटी व कुत्ता बच नहीं सके।
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सोनू यादव
फरीदाबाद। ग्रीनफील्ड कॉलोनी में हुए हादसे में सचिन कपूर, उनकी पत्नी, बेटी ने बचने का खूब प्रयास किया। इसके लिए वे अपनी दूसरी मंजिल से ग्राउंड फ्लोर तक आने का प्रयास करने के बाद ऊपर चौथी मंजिल की छत तक भी गए, लेकिन सुरक्षा के लिए लगाया गया ताला ही उनके लिए जानलेवा बन गया। धुंए ने सीढि़यों पर ही सचिन, उनकी पत्नी व बेटी के साथ कुत्ते का भी दम घोंट दिया।
वफादारी व प्यार में कुत्ते की भी गई जान
आग लगने के बाद पहली मंजिल के परिवार का शोर सुनकर आर्यन की नींद खुली तो धुंआ देखकर वो दूसरे कमरे में माता-पिता व बहन को जगाने पहुंचा। इस दौरान कुत्ता भी जगा हुआ था। लेकिन खुद बचकर निकलने की बजाय कुत्ता वफादारी व परिवार से मिलने वाले प्यार के चलते उनके साथ ही सीढि़यों पर आता-जाता रहा। इसी के चलते उसकी भी दम घुटने से मौत हो गई।
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पड़ोसियों से बेहतर व्यवहार रखने थे सचिन
हादसे में दंपती और बेटी की मौत से आस-पास के इलाके में गम का माहौल है। सोमवार दोपहर मोर्चरी पर पहुंचे परिचितों व पड़ोसियों ने भी दुख के चलते कोई बात नहीं की। मकान के पास मौजूद लोगों ने बताया कि सचिन का व्यवहार सभी से अच्छा था। वो सुबह-शाम जब भी टहलने निकलते तो सभी से हंसकर मिलते थे। दूसरी मंजिल पर परिवार रहता था। जबकि तीसरी मंजिल पर सचिन ने ऑफिस बनाया हुआ था। यहां वो अपने बेटे आर्यन के साथ शेयर ट्रेडिंग का काम करते थे। आर्यन देहरादून से बीसीए की पढ़ाई कर चुका है। जबकि सुजान भी निजी स्कूल में सातवीं की छात्रा थी।
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मां के साथ बाजार गई थी सुजान
रविवार को स्कूल की छुट्टी के चलते सुजान अपनी मां के साथ मार्केट भी गई थी। खरीदारी कर वे घर लौटे। रात लगभग 10 बजे खाना खाकर परिवार के सदस्य सो गए थे। इसके बाद देर रात लगभग सवा 3 बजे धुंआ महसूस कर आर्यन उठा व माता-पिता, बहन को जगाया। बचने के लिए सभी इधर-उधर भागने लगे लेकिन बेहद काला धुंआ काफी तेजी से फैल रहा था।
एसी की गैस ने आग को और भड़काया
पहली मंजिल पर रहने वाला परिवार जान बचाकर नीचे चला गया। यहां से उन्होंने पड़ोसियों को जगाने के लिए शोर भी मचाया। लगभग पौने चार बजे पहली मंजिल में रहने वाली महिला रितू ने ही पुलिस को हादसे की सूचना दी। इसके बाद ही पुलिस व दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तब तक काफी देर हो चुकी थी और पहली मंजिल पर आग और बाकी मंजिलों पर धुंआ तेजी से फैल गया था। बालकनी से एसी के आउटडोर में हुए शॉर्ट सर्किट से शुरू हुई आग एसी की पाइप के जरिये कमरे के अंदर जा पहुंची। यहां से पाइप जलने के बाद एसी की गैस लीक हुई तो अंदर घर में आग तेजी से फैली। परिवार अपना दरवाजा खोल बाहर निकल गया तो यहां सामान जलने से उठा धुंआ सीढि़यों वाले कॉमन एरिया में तेजी से भरता चला गया। इसी के दौरान जानें गईं।
पड़ोसी ने मजदूरों से दरवाजा भी कटवाया लेकिन तब तक हो गई थी देर
सचिन कपूर के पड़ोस में मयंक महाजन की दादी की आंख शोर सुनकर खुली। दादी चिल्लाई तो मयंक भी उठे। ये शोर सुनकर अपने मकान की छत पर पहुंचे। मकान की छत पर चल रहे कार्य के चलते वहां पर तीन मजदूर सो रहे थे। उन्हें जगाया और छत की ग्रिल तोड़कर आग लगी वाले मकान की छत पर पहुंचे। यहां छत पर लगा लोहे का दरवाजा अंदर से लॉक था। मजदूरों से तुरंत मयंक ने कटर मशीन लाकर दरवाजा काटने को कहा। लेकिन इसमें आधे घंटे से अधिक का समय लग गया। तब तक काफी देर हो गई और सचिन, उनकी पत्नी, बेटी व कुत्ता बच नहीं सके।