फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Faridabad News ›   Traveling home for Diwali has become expensive; private bus fares have increased fourfold.

Faridabad News: दिवाली पर घर जाना हुआ महंगा, निजी बसों का किराया 4 गुना बढ़ा

Sat, 24 Oct 2026 01:05 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 01:05 AM IST
विज्ञापन
Traveling home for Diwali has become expensive; private bus fares have increased fourfold.
टिकट के मनमाने किराये को देखते हुए लोग अपना बजट बनाने में जुटे
विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद।
दिवाली को अभी कुछ दिन बाकी हैं, लेकिन घर जाने के लिए टिकट बुक कराने वालों को निजी बसों के महंगे किराये का सामना करना पड़ रहा है। नौकरी और पढ़ाई के सिलसिले में फरीदाबाद में रहने वाले लोग त्योहार पर अपने परिवार के पास जाने की तैयारी में जुटे हैं। इस बीच लखनऊ, कानपुर और गोरखपुर जैसे शहरों के लिए सामान्य दिनों में 700 से 900 रुपये में मिलने वाला स्लीपर बस का टिकट अब 3600 से 4000 रुपये तक पहुंच चुका है। टिकटों की कीमत में इस अंतर से घर जाने का बजट बिगड़ रहा है।

निजी बसों के टिकटों की कीमत में अंतर त्योहार पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के सामने खर्च की बड़ी चुनौती बन रहा है। सामान्य दिनों में कम कीमत पर मिलने वाले टिकट के लिए अब कई गुना अधिक रकम चुकानी पड़ रही है। दिवाली पर घर पहुंचने के लिए यात्रा की तारीख तय करने वाले लोग टिकट के किराये को देखते हुए अपना बजट बनाने में जुटे हैं।
विज्ञापन




चार लोगों के आने-जाने का खर्च 28 हजार से अधिक

महंगे टिकट का सबसे ज्यादा असर परिवार के साथ यात्रा करने वालों पर पड़ रहा है। यदि चार लोगों को एक तरफ के सफर के लिए प्रति व्यक्ति 3600 रुपये देने पड़ते हैं, तो केवल जाने का खर्च 14400 रुपये बैठता है। वापसी का किराया भी इतना ही रहने पर चार सदस्यों के आने-जाने का कुल खर्च 28800 रुपये हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन




छुट्टी सीमित है, इसलिए पहले से यात्रा की योजना बना रहा हूं। टिकट की कीमत बार-बार बदलने से बुकिंग का फैसला लेना मुश्किल हो रहा है।
- गणेश

त्योहार पर दोस्तों के साथ घर जाने की योजना थी, लेकिन अब पहले अलग-अलग बसों में किराये की जानकारी लेनी पड़ रही है।
- मनीष

बच्चों के साथ सफर करना है, इसलिए सीट और समय दोनों देखना पड़ता है। कम कीमत वाली बस में सभी के लिए सीट मिलना भी जरूरी है।
- कलावती

घर पहुंचने की खुशी तो है, लेकिन बसों के आसमान छूते किराये ने त्योहार का मजा आधा कर दिया है। बजट बिगड़ रहा है।
- प्रतीक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed