{"_id":"6a2efa231b2807e2710421da","slug":"trains-running-several-hours-late-passengers-facing-inconvenience-faridabad-news-c-26-1-fbd1021-72395-2026-06-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Faridabad News: कई घंटे लेट चल रहीं ट्रेनें, यात्रियों को हो रही परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Faridabad News: कई घंटे लेट चल रहीं ट्रेनें, यात्रियों को हो रही परेशानी
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फकीदाबाद। रविवार को अलग-अलग रूटों पर चलने वाली तीन ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंची, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार करना पड़ा और स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। कई यात्री अपने जरूरी कामों और आगे की यात्रा के लिए समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा।
सचखंड एक्सप्रेस, जो नई दिल्ली से चलकर ओल्ड फरीदाबाद, आगरा कैंट होते हुए हजूर साहिब नांदेड़ तक जाती है, करीब दो घंटे 17 मिनट की देरी से पहुंची। कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस, जो मेरठ सिटी जंक्शन से फरीदाबाद होते हुए गुजरती है, लगभग छ घंटे 30 मिनट की देरी से स्टेशन पर पहुंची। वहीं लक्ष्मीबाई नगर एक्सप्रेस, जो हजरत निजामुद्दीन से चलकर फरीदाबाद के रास्ते लक्ष्मीबाई नगर तक जाती है, करीब तीन घंटे 15 मिनट लेट रही। लगातार ट्रेनों की देरी के चलते प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई। इस दौरान यात्रियों को बैठने की पर्याप्त सुविधा भी नहीं मिली।
विज्ञापन
फकीदाबाद। रविवार को अलग-अलग रूटों पर चलने वाली तीन ट्रेनें निर्धारित समय से घंटों देरी से पहुंची, जिससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म पर लंबा इंतजार करना पड़ा और स्टेशन पर अव्यवस्था की स्थिति बनी रही। कई यात्री अपने जरूरी कामों और आगे की यात्रा के लिए समय पर नहीं पहुंच सके, जिससे उन्हें अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा।
सचखंड एक्सप्रेस, जो नई दिल्ली से चलकर ओल्ड फरीदाबाद, आगरा कैंट होते हुए हजूर साहिब नांदेड़ तक जाती है, करीब दो घंटे 17 मिनट की देरी से पहुंची। कलिंगा उत्कल एक्सप्रेस, जो मेरठ सिटी जंक्शन से फरीदाबाद होते हुए गुजरती है, लगभग छ घंटे 30 मिनट की देरी से स्टेशन पर पहुंची। वहीं लक्ष्मीबाई नगर एक्सप्रेस, जो हजरत निजामुद्दीन से चलकर फरीदाबाद के रास्ते लक्ष्मीबाई नगर तक जाती है, करीब तीन घंटे 15 मिनट लेट रही। लगातार ट्रेनों की देरी के चलते प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई। इस दौरान यात्रियों को बैठने की पर्याप्त सुविधा भी नहीं मिली।
विज्ञापन