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Faridabad News: मिलावटखोरों से करने को दो-दो हाथ, विभाग खाली हाथ
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- जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पास भिवानी का भी अतिरिक्त कार्यभार
एक अधिकारी और कुछ कर्मचारी ही कार्यरत
त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरी का खतरा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। त्योहारी सीजन करीब आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लेकिन इसी के साथ मिलावटखोरी का खतरा भी बढ़ रहा है। जिला खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों के नमूने लेना शुरू कर तो दिया है, लेकिन स्टाफ की भारी कमी के चलते यह कवायद असरदार साबित नहीं हो रही है।
जिले की कमान संभाल रहे खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पुनीत शर्मा के पास भिवानी का भी अतिरिक्त कार्यभार है। जिले में सिर्फ एक नामित अधिकारी और कुछ कर्मचारी ही कार्यरत हैं, जो इतने बड़े क्षेत्र की नियमित जांच के लिए अपर्याप्त हैं।
सैंपलिंग की रफ्तार बेहद धीमी
त्योहारों के दौरान मावा, पनीर, घी और दही की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मिलावट का खेल शुरू कर देते हैं। मिलावटी चीजें खाने से लोग बीमार पड़ते हैं, लेकिन सीमित स्टाफ के चलते विभाग हर जगह पहुंच नहीं पा रहा है। अब तक विभाग ने केवल 100 किलो मावा नष्ट कराया है और दूध के सिर्फ 12 नमूने लिए गए हैं।
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पूरे प्रदेश में स्थिति चिंताजनक
अन्य जिलों से भी त्योहारों पर बड़ी संख्या में नमूने भेजे जाते हैं, जिससे प्रयोगशालाओं पर दबाव बढ़ता है। नतीजतन, रिपोर्ट समय पर नहीं आ पाती है। जब तक रिपोर्ट आती है, तब तक वो खाद्य पदार्थ बाजार से बिक चुके होते हैं।
विभाग ने दिए निर्देश
मिठाई और दूध उत्पाद खरीदते वक्त भरोसेमंद दुकानों को ही प्राथमिकता दें।
सस्ते दामों में मिलने वाले उत्पादों से सावधान रहें।
किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत जिला खाद्य विभाग को दें।
हमारे पास स्टाफ की भारी कमी है, लेकिन फिर भी त्योहारों के मद्देनजर लगातार सैंपलिंग की जा रही है। लोगों से भी अपील है कि वे सतर्क रहें और मिलावट की सूचना तुरंत दें। - डॉ. पुनीत शर्मा, जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी
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एक अधिकारी और कुछ कर्मचारी ही कार्यरत
त्योहारों के मौसम में मिलावटखोरी का खतरा बरकरार
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। त्योहारी सीजन करीब आते ही बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। लेकिन इसी के साथ मिलावटखोरी का खतरा भी बढ़ रहा है। जिला खाद्य एवं सुरक्षा विभाग ने खाद्य पदार्थों के नमूने लेना शुरू कर तो दिया है, लेकिन स्टाफ की भारी कमी के चलते यह कवायद असरदार साबित नहीं हो रही है।
जिले की कमान संभाल रहे खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पुनीत शर्मा के पास भिवानी का भी अतिरिक्त कार्यभार है। जिले में सिर्फ एक नामित अधिकारी और कुछ कर्मचारी ही कार्यरत हैं, जो इतने बड़े क्षेत्र की नियमित जांच के लिए अपर्याप्त हैं।
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सैंपलिंग की रफ्तार बेहद धीमी
त्योहारों के दौरान मावा, पनीर, घी और दही की मांग बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ दुकानदार मिलावट का खेल शुरू कर देते हैं। मिलावटी चीजें खाने से लोग बीमार पड़ते हैं, लेकिन सीमित स्टाफ के चलते विभाग हर जगह पहुंच नहीं पा रहा है। अब तक विभाग ने केवल 100 किलो मावा नष्ट कराया है और दूध के सिर्फ 12 नमूने लिए गए हैं।
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पूरे प्रदेश में स्थिति चिंताजनक
अन्य जिलों से भी त्योहारों पर बड़ी संख्या में नमूने भेजे जाते हैं, जिससे प्रयोगशालाओं पर दबाव बढ़ता है। नतीजतन, रिपोर्ट समय पर नहीं आ पाती है। जब तक रिपोर्ट आती है, तब तक वो खाद्य पदार्थ बाजार से बिक चुके होते हैं।
विभाग ने दिए निर्देश
मिठाई और दूध उत्पाद खरीदते वक्त भरोसेमंद दुकानों को ही प्राथमिकता दें।
सस्ते दामों में मिलने वाले उत्पादों से सावधान रहें।
किसी भी संदिग्ध खाद्य पदार्थ की शिकायत जिला खाद्य विभाग को दें।
हमारे पास स्टाफ की भारी कमी है, लेकिन फिर भी त्योहारों के मद्देनजर लगातार सैंपलिंग की जा रही है। लोगों से भी अपील है कि वे सतर्क रहें और मिलावट की सूचना तुरंत दें। - डॉ. पुनीत शर्मा, जिला खाद्य एवं सुरक्षा अधिकारी