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तीन जोन, एक लक्ष्य : आपातकालीन सेवाओं में सुधार

Sat, 19 Jul 2025 07:07 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jul 2025 07:07 PM IST
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Three zones, one goal: Improving emergency services
लाल, पीला, हरा... मरीजों को प्राथमिकता देने का नया तरीका
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अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज में अब हर बीमारी के मरीजों को अलग-अलग रखा जाएगा

संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। एम्स की तर्ज पर गांव छांयसा स्थित श्री अटल बिहारी वाजपेयी मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में इमरजेंसी मेडिसिन विभाग शुरू किया गया है। विभाग में रेड, येलो और ग्रीन तीन अलग-अलग जोन बनाए गए हैं। इन तीनों जोन के लिए 30 बेड आरक्षित किए गए हैं। इसके चलते अब हर बीमारी के मरीज को अलग-अलग रखा जाएगा।

निदेशक डॉ. बीएम वशिष्ठ ने बताया कि इमरजेंसी को शुरू हुए काफी समय हो गया है। पहले सभी प्रकार के मरीजों को एक साथ रखा जाता थ, जिससे गंभीर मरीजों के उपचार करने में परेशानी होती थी। उसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली के एम्स अस्पताल के तर्ज पर इमरजेंसी को तीन जोन में बांटा गया है। उन्होंने बताया कि रेड जोन में खासकर हृदय रोगों को रखा जाएगा। इसके अलावा गंभीर रूप से घायल मरीजों को भी रेड जोन में भर्ती किया जाएगा। इस जोन में वेंटिलेटर भी लगे हुए हैं। वहीं, यलो जोन में उन मरीजों को भर्ती किया जाता है। इनकी हालत थोड़ी बेहतर है लेकिन उन्हें भर्ती करने की जरूरत है। ग्रीन जोन में उन मरीजों को भर्ती किया जाता है जो किसी भी तरह के जोखिम से बाहर हैं। हर जोन में 10-10 बेड को लगाया गया है।
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हर रोज 30 मरीजों का होता है उपचार

इमरजेंसी में हर रोज करीब 30 से अधिक मरीजों को उपचार किया जाता है। इसमें से कुछ मरीजों को भर्ती भी किया जाता है। इसके अलावा इमरजेंसी में एंटी रेबीज के इंजेक्शन भी लगाए जाते हैं। - डॉ. बीएम वशिष्ठ
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