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दस पैसे के हिसाब से डाटा लेकर करोड़ों की ठगी का खेल, आरोपियों में से तीन महज पांचवीं कक्षा तक पढ़े

Thu, 06 Jan 2022 11:06 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 11:06 PM IST
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three of the accused studied only till fifth standard
three of the accused studied only till fifth standard
फरीदाबाद (कैलाश गठवाल)। देश भर के 21 राज्यों में 187 लोगों से सवा करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले आरोपी मात्र दस पैसे के हिसाब से डाटा खरीदते थे। ये जानकारी इतनी अहम होती थी कि वे इसी से करोड़ों की ठगी का खेल रच देते थे। महज पांच से दस कक्षा तक पढ़े होने के बावजूद डॉक्टर और इंजीनियरों तक को चपत लगा देने वाले आरोपियों से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं। अब्दुल्ला, पंकज और सोनवीर गिरोह के मुख्य सदस्य हैं। गिरोह का मुखिया अब्दुल्ला है। आरोपियों ने छह माह पहले ही ठगी के धंधे को शुरू किया है। इतने कम समय में ही देश भर में वारदात को अंजाम दे दिया। आरोपियों ने जस्ट डायल से क्रेडिट कार्ड डाटा देने वाले एजेंटों के नंबर लिए थे।
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एक एजेंट ने उन्हें दस पैसे प्रति नंबर के हिसाब से 19 हजार लोगों की जानकारी दी थी। आरोपी अभी तक एक हजार लोगों के नंबर भी इस्तेमाल नहीं कर पाए थे। इसके बावजूद उनके खाते में सवा करोड़ से ज्यादा का लेनदेन पाया गया है। पुलिस अब डाटा देने वाले युवक की तलाश में जुटी है। जस्ट डायल और अन्य कुछ कंपनियों को नोटिस भेजने जा रहे हैं। आरोपियों से पूछताछ में 17 बैंक खातों का पता लगा है। बैंकों से जानकारी के बाद इन खातों में सवा करोड़ से ज्यादा का लेनदेन पाया गया है। आरोपियों ने तेलंगाना में 50, यूपी में 41, दिल्ली में 21, हरियाणा में 21, महाराष्ट्र में 12, तमिलनाडु में 7, पंजाब में 6, मध्यप्रदेश में 4, राजस्थान में 4, उत्तराखंड में 4, गुजरात 3, पश्चिम बंगाल में 3, झारखंड में 2, ओडिसा में 2, आंध्रप्रदेश, आसाम, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हिमाचल और कर्नाटक में एक-एक वारदात को अंजाम दिया है।
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ठगी में स्गुफिंग एप बना मददगार
पूछताछ में पता चला है कि पंकज पहले चंडीगढ़ में रहता था। यहां उसकी मुलाकात आशीष नाम के युवक से हुई। उसने स्गुफिंग एप के बारे में बताया। इस एप के माध्यम से आरोपी बैंक के कस्टमर केयर नंबर सेव करते थे। इसकी खासियत ये है कि इसमें जो भी नंबर सेव किया जाए कॉल रिसीव करने वाले की स्क्रीन पर वही दिखाई देता है, जबकि कॉल दूसरे नंबर से की जाती है। आशीष को चंडीगढ़ पुलिस ने एक मामले में पकड़ लिया। इसके बाद वह दिल्ली आ गया और अब्दुल्ला के घर किराए पर रहने लगा। इसी दौरान अन्य आरोपियों के साथ मिलकर गिरोह तैयार किया। अब्दुल्ला, पंकज और सोनवीर 12वीं, राहुल नौवीं, अमन, शक्ति व सुभान पांचवीं कक्षा तक पढ़े हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस उपायुक्त मुख्यालय नितीश अग्रवाल व एसीपी क्राइम सुरेंद्र श्योराण की देखरेख में साइबर थाना प्रभारी बंसत कुमार, एएसआई नरेंद्र, नीरज, हवलदार वीरपाल, सिपाही संदीप, आजाद, अमित, अंशुल कुमार की टीम का गठन किया गया। टीम ने आरोपियों को दिल्ली के उत्तमनगर व यूपी के कायमगंज से गिरफ्तार कर लिया।
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