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Faridabad News: ये हैं गण के असली तंत्र, समाज की सेवा में लगाया जीवन
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फरीदाबाद। पूरे देश में शुक्रवार को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। असल में गणतंत्र दिवस उन लोगों के सम्मान का दिन है, जो समाज व देश के लिए कुछ विशेष कार्य कर रहे हैं। ये अपने परिवार व कामकाज के बीच समय निकालकर कमजोर वर्ग को मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं, वहीं कुछ लोग आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान कर रहे हैं, तो कुछ महिलाओं को सशक्त बनाने में जुटे हैं। एक वर्ग ऐसा भी है जो बेजुबानों की निस्वार्थ सेवा में जुटा हुआ है। 75वें गणतंत्र दिवस पर शहर के उन नायकों से खास बातचीत की गई, जो असल में इस गण के तंत्र हैं। लोगों को मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक कर कमजोर वर्ग की लाठी बन रहे हैं।
बच्चों को बाल श्रम से छुड़ाकर भेजा स्कूल
ग्रीन फील्ड निवासी और हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह ने बताया कि वे पार्क में बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं, इसमें अजय सर और उनकी पत्नी सोनिया का विशेष योगदान है। सत्यवीर सिंह अजय और सोनिया से प्रेरित होकर इस पुनीत कार्य को कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आसपास की झुग्गियों के बच्चे पढ़ने की उम्र में कोठियों में साफ-सफाई और गाड़ियां धोने का काम कर रहे थे। उनके अभिभावकों को जागरूक कर स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। अब तक लगभग 50 बच्चों को स्कूल भेजा जा चुका है। वह निरंतर इस कार्य में जुटे हुए हैं। इसके अलावा शनिवार और रविवार को वाटिका पार्क में बच्चों को निशुल्क पढ़ाते हैं।
10 साल से कर रहे हैं गोसेवा
लिव फॉर नेशन संस्था के संस्थापक अनिल कौशिक ने बताया कि वे लगभग 10 साल से गोसेवा में जुटे हुए हैं। प्रदेश में 100 से ज्यादा कार्यकर्ता इस कार्य को कर रहे हैं। अभी तक 2000 से ज्यादा पशुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है। घायल पशुओं को अस्पताल पहुंचाया जाता है, इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। हेल्पलाइन नंबर से लोग संपर्क करके जानकारी दे सकते हैं। हाल ही में अरावली में फंसे घायल ऊंट का 50 सदस्यों ने मिलकर रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि बेजुबानों की मदद करके सुकून मिलता है। भविष्य में भी यह कार्य जारी रहेगा।
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मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराते हैं रक्त, बाल विवाह भी रोकते हैं
डबुआ मोड़ निवासी और नव प्रयास सेवा संगठन के संस्थापक सुनील यादव ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के मरीजों को निशुल्क ब्लड दिया जाता है। 2017 से अभी तक लगभग 89 शिविरों में एकत्रित 5400 यूनिट ब्लड मरीजों के इलाज के लिए दे चुके हैं। इसके अलावा बाल विवाह को रोकते हैं तथा गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करते हैं। हाल ही में एक नाबालिग की शादी रोकी और गिरोह के लोगों को जेल भिजवाया। इसके अतिरिक्त घरों में नाबालिग बच्चों से काम कराने वाले गिरोह के लोगों को गिरफ्तार कराया और बच्ची को उनके चंगुल से छुड़ाया। उन्हाेंने बताया कि कमजोर वर्ग की मदद और सेवा ही उनके जीवन का उद्देश्य है, इसकी प्रेरणा माता-पिता से मिली है।
बेटियों को बना रहे सशक्त
शहर की बेटियों को सशक्त बनाने में समाजसेवी अरुण मेहरा 2021 से जुटे हुए हैं। अरुण मेहरा ग्रीन फील्ड कॉलोनी में बेटियों को फैशन डिजाइनिंग, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर क्लासेस, इंग्लिश स्पीकिंग समेत कई कोर्स निशुल्क कराते हैं। अभी तक 500 से ज्यादा बेटियों ने यह कोर्स कर लिया है और अपने परिवार के लिए आय का स्रोत बन रही हैं। इसमें सुनीता खुराना सहित अन्य इनकी मदद करती हैं। इसके अलावा 80 साल के बुजुर्ग अरुण सेक्टर 19 में माता पिता की याद में स्नेह नाम से आश्रम चलाते हैं। समाज सेवा की प्रेरणा उन्हें अपने माता-पिता से मिली है।
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बच्चों को बाल श्रम से छुड़ाकर भेजा स्कूल
ग्रीन फील्ड निवासी और हरियाणा पुलिस से रिटायर्ड इंस्पेक्टर सत्यवीर सिंह ने बताया कि वे पार्क में बच्चों को निशुल्क शिक्षा प्रदान करते हैं, इसमें अजय सर और उनकी पत्नी सोनिया का विशेष योगदान है। सत्यवीर सिंह अजय और सोनिया से प्रेरित होकर इस पुनीत कार्य को कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि आसपास की झुग्गियों के बच्चे पढ़ने की उम्र में कोठियों में साफ-सफाई और गाड़ियां धोने का काम कर रहे थे। उनके अभिभावकों को जागरूक कर स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया। अब तक लगभग 50 बच्चों को स्कूल भेजा जा चुका है। वह निरंतर इस कार्य में जुटे हुए हैं। इसके अलावा शनिवार और रविवार को वाटिका पार्क में बच्चों को निशुल्क पढ़ाते हैं।
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10 साल से कर रहे हैं गोसेवा
लिव फॉर नेशन संस्था के संस्थापक अनिल कौशिक ने बताया कि वे लगभग 10 साल से गोसेवा में जुटे हुए हैं। प्रदेश में 100 से ज्यादा कार्यकर्ता इस कार्य को कर रहे हैं। अभी तक 2000 से ज्यादा पशुओं का रेस्क्यू किया जा चुका है। घायल पशुओं को अस्पताल पहुंचाया जाता है, इसके लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। हेल्पलाइन नंबर से लोग संपर्क करके जानकारी दे सकते हैं। हाल ही में अरावली में फंसे घायल ऊंट का 50 सदस्यों ने मिलकर रेस्क्यू किया। उन्होंने बताया कि बेजुबानों की मदद करके सुकून मिलता है। भविष्य में भी यह कार्य जारी रहेगा।
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मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराते हैं रक्त, बाल विवाह भी रोकते हैं
डबुआ मोड़ निवासी और नव प्रयास सेवा संगठन के संस्थापक सुनील यादव ने बताया कि सरकारी अस्पतालों के मरीजों को निशुल्क ब्लड दिया जाता है। 2017 से अभी तक लगभग 89 शिविरों में एकत्रित 5400 यूनिट ब्लड मरीजों के इलाज के लिए दे चुके हैं। इसके अलावा बाल विवाह को रोकते हैं तथा गांवों में जाकर लोगों को जागरूक करते हैं। हाल ही में एक नाबालिग की शादी रोकी और गिरोह के लोगों को जेल भिजवाया। इसके अतिरिक्त घरों में नाबालिग बच्चों से काम कराने वाले गिरोह के लोगों को गिरफ्तार कराया और बच्ची को उनके चंगुल से छुड़ाया। उन्हाेंने बताया कि कमजोर वर्ग की मदद और सेवा ही उनके जीवन का उद्देश्य है, इसकी प्रेरणा माता-पिता से मिली है।
बेटियों को बना रहे सशक्त
शहर की बेटियों को सशक्त बनाने में समाजसेवी अरुण मेहरा 2021 से जुटे हुए हैं। अरुण मेहरा ग्रीन फील्ड कॉलोनी में बेटियों को फैशन डिजाइनिंग, पर्सनैलिटी डेवलपमेंट, ब्यूटीशियन, कंप्यूटर क्लासेस, इंग्लिश स्पीकिंग समेत कई कोर्स निशुल्क कराते हैं। अभी तक 500 से ज्यादा बेटियों ने यह कोर्स कर लिया है और अपने परिवार के लिए आय का स्रोत बन रही हैं। इसमें सुनीता खुराना सहित अन्य इनकी मदद करती हैं। इसके अलावा 80 साल के बुजुर्ग अरुण सेक्टर 19 में माता पिता की याद में स्नेह नाम से आश्रम चलाते हैं। समाज सेवा की प्रेरणा उन्हें अपने माता-पिता से मिली है।