इशुफ के काले कारनामे: पीड़ित और महिला का बनाया था वीडियो, जांच में बचता रहा; अब कोर्ट ने नहीं दी जमानत
फरीदाबाद में कोर्ट ने एक आरोपी को जमानत नहीं दी है। जिला कोर्ट ने हनीट्रैप में फंसाकर अवैध वसूली मामले में पीड़ित व महिला की वीडियो बनाने वाले आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया।
विस्तार
हनीट्रैप में फंसाकर अवैध वसूली के मामले में पीड़ित और महिला की वीडियो बनाने वाले आरोपी इशुफ को अदालत से जमानत नहीं मिली। आरोपी के वकील की ओर से जमानत याचिका दायर कर दलील दी गई कि लगभग 7 महीने की देरी से एफआईआर दर्ज कराई गई है। इशुफ का नाम एफआईआर में नहीं था। जिनके नाम एफआईआर में थे वे सब जमानत व अग्रिम जमानत पर हैं।
सभी आरोपी है जमानत पर
इस पर आरोप है कि इसने वीडियो बनाई थी। इससे तो सिर्फ 1 हजार रुपये बरामद होना बताया गया है जबकि मुबारिक जिससे स्विफ्ट कार बरामद हुई, उसे भी जमानत मिल चुकी है। वहीं अभियोजन पक्ष की ओर से याचिका का विरोध करते हुए दलील दी गई कि आरोपी हनीट्रैप व अवैध वसूली गैंग का सदस्य है।
घटना के वक्त मौके पर था आरोपी
सीडीआर से पता चला है कि वारदात के समय आरोपी वहीं मौजूद था। आरोपी के खिलाफ चालान भी पेश नहीं हुआ है। साथ ही सह-आरोपी ने इसके खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए हैं। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
धौज थाना में ये एफआईआर 11 सितंबर 2024 को साजिश के तहत अवैध वसूली व लूटपाट की धाराओं में दर्ज हुई थी। नूंह निवासी आरिफ ने मामले में पुलिस को शिकायत दी कि फरवरी 2024 में सानिया ने उसे प्रेम जाल में फंसा लिया। 23 फरवरी को सानिया ने आरिफ को बुलाया तो आरिफ अपने दोस्त मुबारिक उर्फ काले के साथ रात लगभग 9 बजे कार लेकर बल्लभगढ़ तेवतिया फॉर्म के पास पहुंचा तो उसे सानिया मिली।
फिर सभी नेकपुर गांव पहुंचे। वहां सानिया ने आरिफ को शारीरिक संबंध बनाने के लिए उकसाया। आरोप है कि कुछ देर में ही सानिया का पति सलीम व अन्य लोग मौके पर पहुंचे। सानिया और आरिफ को वे सभी धमकाने लगे और ब्लैकमेल करने लगे। आरिफ से 10 लाख रुपये मांगे गए। बेइज्जती के डर से आरिफ ने 3 लाख 51 हजार रुपये अपने परिचितों से इकट्ठा कर आरोपियों को दिए। बाद में आरिफ को पता चला कि वो अपने जिस दोस्त मुबारिक उर्फ काले को साथ लेकर आया था, काले भी इसी गैंग का सदस्य है। मुबारिक उर्फ काले ने ही सानिया को आरिफ का नंबर दिया था। पुलिस अब तक केस में 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।